गौतमबुद्ध नगर, 9 जुलाई । केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को ग्रेटर नोएडा में ‘एक पेड़ मां के नाम 2.0’ अभियान के अंतर्गत आयोजित पौधारोपण कार्यक्रम में हिस्सा लिया। यह कार्यक्रम ‘स्वच्छता ही सेवा 2025’ अभियान के तहत आयोजित किया गया था। इस अवसर पर नितिन गडकरी ने पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और भारत के ऑटोमोबाइल क्षेत्र की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने कहा कि भारत की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री वर्तमान में लगभग 22 लाख करोड़ रुपये की हो चुकी है। इस क्षेत्र ने लगभग 4.5 करोड़ युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार दिया है। इसके अलावा, यह इंडस्ट्री केंद्र और राज्य सरकारों को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के माध्यम से सबसे अधिक राजस्व प्रदान करती है। भारत के निर्यात क्षेत्र में भी इस उद्योग का योगदान सर्वोपरि है।
नितिन गडकरी ने वैश्विक स्तर पर ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की तुलना करते हुए कहा कि अमेरिका इस क्षेत्र में पहले स्थान पर है, जिसकी ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री का आकार 78 लाख करोड़ रुपये है। दूसरे स्थान पर चीन है, जिसकी इंडस्ट्री का साइज 49 लाख करोड़ रुपये है। भारत तीसरे स्थान पर है और लक्ष्य है कि अगले पांच वर्षों में भारत इस क्षेत्र में पहला स्थान हासिल करें। यह हमारे लिए न केवल आर्थिक दृष्टि से बड़ा अवसर है, बल्कि पर्यावरण की दृष्टि से एक गंभीर चुनौती भी है।
गडकरी ने कहा कि भारत हर साल लगभग 22 लाख करोड़ रुपये का जीवाश्म ईंधन (फॉसिल फ्यूल) आयात करता है, जिससे न केवल आर्थिक दबाव बढ़ता है, बल्कि पर्यावरणीय संकट भी गहराता है। उन्होंने कहा कि हम वर्ष 2004 से लगातार प्रयास कर रहे हैं कि भारत का किसान केवल अन्नदाता ही नहीं, बल्कि ऊर्जा और ईंधनदाता भी बने। आज भारतीय किसान जैव ईंधन, एथेनॉल, ग्रीन हाइड्रोजन जैसे विकल्पों में भी योगदान दे रहे हैं और विमानन ईंधन जैसे क्षेत्रों में भी प्रवेश कर चुके हैं। आज का भारतीय किसान ‘विटामिन दाता’ और ‘हवाई ईंधनदाता’ बन चुका है।
उन्होंने कहा कि हमें इकोनॉमी, इकोलॉजी, एनवायरमेंट और एथिक्स इन सभी को संतुलित करना होगा। बाकी लोगों से हमारी विभाग की जिम्मेदारी इसलिए ज्यादा है क्योंकि प्रदूषण करने में भी हम नंबर एक बन गए हैं। इसलिए हमारे विभाग ने बड़े पैमाने पर पेड़ लगाने के कार्यक्रमों को आयोजित किया है। इसलिए आज एक पेड़ मां के नाम कार्यक्रम की शुरुआत हुई है।
नितिन गडकरी ने अपने मंत्रालय की जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए कहा कि देश में जो प्रदूषण हो रहा है, उसमें सड़क परिवहन विभाग की बड़ी भूमिका है। देश में कुल प्रदूषण का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा सड़क परिवहन क्षेत्र से आता है, क्योंकि जैसे-जैसे नए राजमार्ग बन रहे हैं, वाहनों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि जब उन्होंने इस मंत्रालय का कार्यभार संभाला था, तब भारत का ऑटोमोबाइल क्षेत्र वैश्विक स्तर पर 13वें या 14वें स्थान पर था। लेकिन बीते कुछ वर्षों में इस क्षेत्र में जबरदस्त विकास हुआ है और अब भारत इस क्षेत्र में जापान को पीछे छोड़कर तीसरे स्थान पर पहुंच गया है।
गडकरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू की गई ‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल केवल पर्यावरण के प्रति हमारी जिम्मेदारी को नहीं दर्शाती, बल्कि यह धरती माता और जन्म देने वाली मां के प्रति सम्मान प्रकट करने का माध्यम भी है। हमारी मां हमारे लिए पूज्यनीय हैं, वैसे ही धरती मां भी हमारी सेवा करती हैं, और यह कार्यक्रम दोनों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का सबसे उपयुक्त तरीका है।
