मोहना। नगर के हनुमानगढ़ी पर चल रही श्रीमद् भागवत कथा के छठे दिन कथा में पूज्य पंडित मनोज मेहता कहते हैं कि कर्म की पूजा ही गिरराज भगवान की पूजा है। हर व्यक्ति को कर्म की पूजन करनी चाहिए, इस कलयुग में भगवान से जुड़कर अपने कर्म मै लगा रहना ही श्रेष्ठ है।
आगे रास पंचध्याय के अंतर्गत महारास की कथा सुनाई, आत्मा ओर परमात्मा का मिलन ही रास कहलाता है ।गोपियां प्रेम की साक्षात् मूर्ति है चारों तरफ जब कंस का अत्याचार बढ़ रहा था ,तब भगवान मथुरा पहुंचे और इस धरती से पाप रूपी कंस का उद्धार किया और इस धरती पर धर्म की स्थापना की ।इसके बाद कृष्ण रुक्मणी विवाह बड़े धूमधाम के साथ मनाया ।झांकी के दर्शन किए और दिव्य आनंद लिया।
समिति से प्राप्त जानकारी के अनुसार मंगलवार को भागवत कथा का अंतिम दिवस है। आज बालाजी महाराज एवं श्रीमद् भागवत कथा की महा आरती कर महाप्रसादी का वितरण किया जाएगा।