CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में बदलेगा मौसम का मिजाज, प्रदेश के कई जिलों में बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी
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बलरामपुर, 14 अप्रैल । एक माह से चल रहे खरमास आज सोमवार को समाप्त हो गया है। आज से शादी विवाह जैसे मांगलिक कार्य की शुरुआत हो गई है। रामानुजगंज के प्रसिद्ध ज्योतिषी एवं पुरोहित पंडित जितेंद्र तिवारी ने बताया कि खरमास समाप्त होने के साथ ही आज से मांगलिक कार्य की शुरुआत हो गई है। जो जून माह तक चलेगी।
14 अप्रैल से 10 जून तक सामान्य एवं विशेष को मिलकर कुल 38 विवाह के मुहूर्त इस बार बन रहे है। इसके बाद देवशयनी एकादशी से पहले गुरु तारा के अस्त हो जाने से इस बार लंबी अवधि तक विवाह के मुहूर्त नहीं बन रहे हैं जिससे जो लोग अभी 3 महीने के अंदर विवाह जैसे कार्य नहीं करेंगे तो उन्हें आगे लंबा इंतजार करना पड़ेगा।
उन्होंने बताया कि 11 जून से गुरु तारा अस्त हो जा रहे है। इसके बाद विवाह के मुहूर्त नहीं होंगे, जबकि देवशयनी एकादशी के बाद ही मांगलिक कार्यों पर ब्रेक लग जाएगा। वहीं दूसरी ओर देवउठनी एकादशी के बाद वैवाहिक कार्य चालू हो जाते थे लेकिन इस बार एक नवंबर को देवउठनी एकादशी हैं, इस ग्रह नक्षत्र का अच्छा योग नहीं होने की वजह से 21 नवंबर से वैवाहिक कार्य प्रारंभ होंगे। अर्थात देवउठनी एकादशी के 20 दिन बाद वैवाहिक कार्य प्रारंभ होंगे। इस हिसाब से प्रतिवर्ष लगभग 120 दिनों अर्थात चार माह तक के चातुर्मास में वैवाहिक कार्य जो बंद रहते थे, इस बार 163 दिन अर्थात लगभग साढ़े पांच महीने तक वैवाहिक कार्य बंद रहेंगे। इससे लोगों को लगभग आधे साल का लंबा इंतजार करने पड़ेगा।
खरमास समाप्त होने के बाद 14 अप्रैल से 11 जून के बीच कुल 38 वैवाहिक मुहूर्त के बाद 163 दिनों के लंबे अंतराल के बाद 21 नवंबर से पुनः वैवाहिक मुहूर्त चालू होंगे। इससे नवंबर व दिसंबर मिलकर कुल 11 विवाह के शुभ मुहूर्त मिलेंगे। वैवाहिक मुहूर्त का अभाव होने के कारण इस बार शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र में जल्द से जल्द वैवाहिक कार्य निपटाने की जल्द बाजी है। मुहूर्त चालू होने से पखवाड़े महीने भर पहले ही लॉज, होटल, हलुआई, पंडितों व डीजे शुरू हो गई है।
पंडित जितेंद्र तिवारी ने बताया कि अप्रैल महीने में 14, 15, 16, 17, 18, 19, 20, 21, 25, 29 व 30 कुल 11 शुभ मुहूर्त हैं। इसी तरह मई महीने में 1, 5, 7, 8, 9, 10, 11, 12, 13, 14, 15, 16, 17, 18, 22, 23, 24, 27, 28 कुल 19 अर्थात सबसे ज्यादा विवाह के मुहूर्त हैं। इसके बाद जून के महीने में सबसे कम विवाह के कुल 8 मुहूर्त है। इसमें 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7 व 9 जून को विवाह के मुहूर्त है।
