वनांचल में उम्मीदों का जल
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बलरामपुर, 20 अप्रैल । बलरामपुर जिले के रामानुजगंज के वार्ड नंबर एक में संचालित निजी संजीवनी हॉस्पिटल में पहली बार लेप्रोस्कोपी से गर्भाशय निकालने का सफल ऑपरेशन शनिवार देर रात को लेप्रोस्कोपी सर्जन एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर देवारती शाहा के नेतृत्व में हुआ। बलरामपुर जिले के लिए चिकित्सा के क्षेत्र में यह बड़ी उपलब्धि है।
क्षेत्र के लोगों को पहले लेप्रोस्कोपी से ऑपरेशन कराने बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था। लोगों को लेप्रोस्कोपी सर्जरी करवाने के लिए अंबिकापुर, रायपुर या बिलासपुर जाना पड़ता था वहीं झारखंड के नजदीकी डालटनगंज और गढ़वा में ही यह सुविधा उपलब्ध थी। परंतु नगर के युवाओं के द्वारा नगर में खोले गए संजीवनी अस्पताल में पहली बार लेप्रोस्कोपी से ग्राम कंचननगर की पापती राय (38 वर्ष) की गर्भाशय का सफलतापूर्वक और सुरक्षित ऑपरेशन हुआ।
संजीवनी के डायरेक्टर डॉक्टर विकास अग्रवाल ने बताया कि, लैप्रोस्कोपी सर्जन की आवश्यकता क्षेत्र में लंबे समय से थी। क्षेत्र के लोगों को पहले बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था परन्तु संजीवनी में हम लैप्रोस्कोपी से विभिन्न प्रकार के ऑपरेशन की सुविधा अब उपलब्ध करा रहे है। वर्तमान में संजीवनी में दो लेपोस्क्रोपी सर्जन है जिसमें ऋतुराज मिश्र और देवरती शाहा है।
लेप्रोस्कोपी से गर्भाशय निकाला जाना यह क्षेत्र का पहला लेप्रोस्कोपी से किया गया ऑपरेशन है। जो क्षेत्र के लिए चिकित्सा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि है। क्षेत्र के लोगों को
लेप्रोस्कोपी से ऑपरेशन कराने के लिए बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था जिससे काफी असुविधा का सामना लोगों को करना पड़ता था परंतु यह सुविधा अब रामानुजगंज में उपलब्ध हो रही है।
बड़े शहरों में आने, जाने और रहने के सहित ऑपरेशन में भी काफी खर्च हो जाता है, वही रामानुजगंज संजीवनी में बड़े शहरों से आधे खर्च में यहां यह सुविधा उपलब्ध हो रही है।
