
दंतेवाड़ा, 5 अप्रैल । बस्तर पंडुम महोत्सव काे संबाेधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि, बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित अंदरूनी इलाकाें में जहां पहले गोलियों की आवाज आती थी, अब वहां सुरक्षा कैंप खुलते ही स्कूल की घंंटी सुनाई देती है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि, हमने बस्तर की अराध्य मां दंतेश्चरी की पूजा कर संकल्प लिया है कि, नक्सलवाद को खत्म करना है। उन्हाेंने कहा कि, 15 महीने से डबल इंजन की सरकार में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में सुरक्षाबल के जवान नक्सलियों से लड़ाई लड़ रहे हैं। नक्सली जब समाप्त हो जाएगा तब देश-दुनिया के लोग यहां आएंगे। उन्हाेंने बताया कि, ओडिशा, कर्नाटक, महाराष्ट्र, समेत अन्य राज्यों के 27 हजार कलाकार बस्तर पंडुम में शामिल हुए हैं। हमारी सरकार मोदी की गारंटी काे पूरी कर रही हैं, जिसके तहत विशेष पिछड़ी जनजाति के लोगाें के लिए पीएम जनमन योजना की शुरुआत की है। उसके लिए सड़क बिजली पानी पहुंचाने काम किया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने बस्तर पंडुम महोत्सव काे संबाेधित करते हुए कहा कि, आने वाले 1 साल में बस्तर लाल आतंक से मुक्त होगा। गृहमंत्री अमित शाह लौह पुरुष हैं, उन्होंने संकल्प लिया है कि बस्तर से नक्सलवाद का खात्मा किया जाएगा। बस्तर के इस कार्यक्रम में सभी जनजातियों के विभिन्न पारंपरिक और सांस्कृतिक परंम्पराओं को लेकर आए हैं, इसी को लेकर बस्तर पंडुम का आयोजन हुआ। बस्तर पंडुम महोत्सव 32 जनपद, 7 जिलों में आयोजन हुआ है, अब संभाग स्तरीय आयोजन किया जा रहा है। इतनी विविधताएं लेकर बस्तर पंडुम महोत्सव के आज का यह कार्यक्रम बस्तर पंडुम को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है। बस्तर के गांव के नौजवान विश्व पटल पर सामने आकर अपने मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं। बस्तर और देश से नक्सलवाद का खात्मा किया जाएगा, जिसके बाद बस्तर पूरे विश्व में बदलता दिखेगा।