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रायपुर, 15 मई 2026
छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना आज प्रदेश की लाखों महिलाओं के लिए केवल एक वित्तीय सहायता नहीं, बल्कि उनके स्वावलंबन और सामाजिक सम्मान का नया आधार बन चुकी है। नारायणपुर जिले के ग्राम गोहाड़ा की रहने वाली श्रीमती गंडाय वडडे की कहानी इस सकारात्मक बदलाव का एक जीवंत और प्रेरक उदाहरण है।
संघर्षों से भरा था कल आर्थिक तंगहाली की चुनौती
योजना का लाभ मिलने से पहले गंडाय वडडे का जीवन काफी कठिन था। सीमित पारिवारिक आय के कारण घर की बुनियादी जरूरतों को पूरा करना एक बड़ी चुनौती थी। उन्होंने बताया कि बच्चों की शिक्षा, राशन और रोजमर्रा के खर्चों के लिए मुझे हमेशा दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था। छोटी-छोटी जरूरतों के लिए दूसरों का हाथ ताकना न केवल मानसिक दबाव पैदा करता था, बल्कि मन में असुरक्षा की भावना भी बनी रहती थी।
1000 रुपये की किस्त सशक्तिकरण की नई किरण
महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली 1,000 रुपये की मासिक सहायता ने गंडाय के परिवार की आर्थिक स्थिति को एक नई मजबूती दी है। अब वे बिना किसी हिचकिचाहट के घर का राशन और बच्चों की छोटी जरूरतें पूरी कर रही हैं। आर्थिक बोझ कम होने से मानसिक शांति और सुरक्षा का अनुभव कर रही हैं। स्वयं को पहले से कहीं अधिक आत्मनिर्भर महसूस कर रही हैं।
आत्मविश्वास और सामाजिक सम्मान में वृद्धि
इस योजना ने केवल आर्थिक मदद ही नहीं दी, बल्कि ग्रामीण महिलाओं की निर्णय लेने की क्षमता को भी निखारा है। गंडाय अब अपने परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में बराबरी से हाथ बँटा रही हैं। इस स्वावलंबन ने उनके आत्मविश्वास को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया है, जिससे समाज और परिवार में उन्हें एक नया सम्मान प्राप्त हुआ है।
सशक्तिकरण की ओर बढ़ते कदम
राज्य सरकार और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए श्रीमती गंडाय वडडे ने कहा कि यह योजना हम जैसी ग्रामीण महिलाओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इससे हमें अपनी जरूरतों के लिए स्वयं निर्णय लेने की शक्ति मिली है। नारायणपुर जिले की हजारों महिलाओं की तरह गंडाय वडडे आज एक गरिमापूर्ण जीवन जी रही हैं। उनकी यह कहानी इस बात का प्रमाण है कि यदि सरकारी नीतियां सही दिशा में और सीधे हितग्राही तक पहुँचें, तो वे जमीनी स्तर पर बड़े सामाजिक और आर्थिक बदलाव ला सकती हैं।
