संजय अग्रवाल*
आज मेरी आँखें नम हैं। गला रुंध रहा है। हृदय में एक अजब सी खुशी और गर्व का सैलाब उमड़ रहा है। आज सैकड़ों वर्षों की तपस्या, आंदोलनों, बलिदानों और अटूट विश्वास का फल मिल गया है। **मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने धार की भोजशाला को मंदिर घोषित कर दिया है!** यह कोई साधारण फैसला नहीं, बल्कि सत्य की जीत, धर्म की जीत और हिंदू समाज की सदियों पुरानी लड़ाई की जीत है।
मैं श्री संजय अग्रवाल, **वर्ल्ड हिंदू फेडरेशन** मध्य प्रदेश का अध्यक्ष, आज पूरे हिंदू समाज की ओर से भावुक होकर कह रहा हूँ – **जय भवानी, जय भोजराज!**
कल्पना कीजिए… एक हजार वर्ष पहले राजा भोज ने मालवा की धरती पर सरस्वती माता का यह भव्य मंदिर बनवाया था। ज्ञान, विद्या और संस्कृति का केंद्र था भोजशाला। लेकिन आक्रमणकारी आए, मंदिरों को तोड़ा, मस्जिदें बनाईं। फिर भी हिंदू समाज ने कभी हार नहीं मानी। सैकड़ों साल तक चला यह संघर्ष – कभी छुपकर पूजा, कभी जेल, कभी लाठियाँ, कभी गोली, कभी अदालतों में लंबी लड़ाई।
**यह फैसला किसी एक दिन का नहीं है।**
यह उन हजारों अज्ञात हिंदू योद्धाओं का परिणाम है, जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना भोजशाला के लिए आंदोलन किए। यह उन संतों, साधुओं, स्वयंसेवकों और आम हिंदू परिवारों का फल है, जिन्होंने पीढ़ी दर पीढ़ी इस मंदिर को वापस पाने का सपना देखा और उसके लिए संघर्ष किया। यह उन वकीलों, संगठनों और साधारण कार्यकर्ताओं का सम्मान है, जिन्होंने बिना थके कोर्ट-कचहरी में सत्य के पक्ष में लड़ाई लड़ी।
मेरे आँसू नहीं रुक रहे…
जब मैं सोचता हूँ कि कितनी रातें हमने जागकर गुजारीं, कितनी बार धार की गलियों में शांतिपूर्ण प्रदर्शन किए, कितनी बार पुलिस की लाठियाँ खाईं, कितनी बार निराशा के बाद भी उम्मीद नहीं छोड़ी – तो आज यह पल आँखों को भर लाता है। **सैकड़ों साल की तपस्या आज फलीभूत हुई है।** सत्य की जीत हुई है।
**विशेष रूप से**, मैं मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के माननीय मुख्य न्यायाधीश महोदय और उस पूर्ण पीठ के सभी न्यायमूर्तियों का हृदय से धन्यवाद करता हूँ, जिन्होंने साक्ष्यों, ऐतिहासिक तथ्यों और न्याय के सिद्धांत के आधार पर यह साहसिक और ऐतिहासिक फैसला सुनाया। आपने न केवल हिंदू समाज का विश्वास बहाल किया है, बल्कि संवैधानिक न्याय व्यवस्था की गरिमा भी बढ़ाई है।
**मेरा विनम्र अनुरोध है** कि केंद्र सरकार और मध्य प्रदेश सरकार माननीय न्यायाधीशों को **Z+ सुरक्षा** प्रदान करें। ऐसे संवेदनशील और ऐतिहासिक फैसलों के बाद उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना राष्ट्र का दायित्व है, ताकि वे बिना किसी भय के न्याय का कार्य जारी रख सकें।
भाइयों-बहनों,
यह सिर्फ एक इमारत का फैसला नहीं है। यह हिंदू अस्मिता की जीत है। यह संदेश है कि भारत में अब भी न्याय मिल सकता है, अगर हम एकजुट रहें, शांतिपूर्ण रहें और संवैधानिक रास्ते से लड़ें।
मैं आज पूरे हिंदू समाज को, विशेषकर मध्य प्रदेश के हर कोने के हिंदू भाई-बहनों को हार्दिक बधाई देता हूँ। **वर्ल्ड हिंदू फेडरेशन** हमेशा आपके साथ खड़ा रहा और आगे भी रहेगा। अब हमें इस जीत को शांति और गरिमा के साथ मनाना है।। कानून का सम्मान करते हुए, भोजशाला में पूजा-अर्चना का अधिकार मिलने के बाद हम सब मिलकर इसे फिर से ज्ञान और संस्कृति का केंद्र बनाएंगे।
**मां सरस्वती की जय!**
**राजा भोज की जय!**
**हिंदू समाज की जय!**
**भारत माता की जय!*
*( लेखक संजय अग्रवाल*
वर्ल्ड हिंदू फेडरेशन मध्य प्रदेश के अध्यक्ष हैं)
