इंदौर, 8 मार्च 2025, शुक्रवार – भारत की तकनीकी यात्रा का एक ऐतिहासिक अध्याय इंदौर में तब सजीव हो उठा, जब आईटी क्रांति के अग्रणी हरिश मेहता ने अपनी चर्चित पुस्तक ‘द मैवरिक इफेक्ट’ के हिंदी संस्करण का भव्य अनावरण किया। मैरियट होटल, इंदौर में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में टेक्नोलॉजी और बिजनेस जगत की कई नामचीन हस्तियों ने भाग लिया, जिन्होंने इस महत्वपूर्ण पहल को एक ऐतिहासिक कदम बताया।
हरिश मेहता, ऑनवर्ड टेक्नोलॉजीज़ के संस्थापक और नैस्कॉम के सह-संस्थापक एवं पहले निर्वाचित अध्यक्ष, ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि कैसे एक छोटे समूह ने भारत की आईटी क्रांति की नींव रखी और देश को एक वैश्विक तकनीकी महाशक्ति में बदल दिया।
“मैवरिक्स जन्म से नहीं होते, बल्कि वे बनाए जाते हैं—संघर्ष, दूरदृष्टि और एक महान उद्देश्य के प्रति अटूट समर्पण के माध्यम से।” – हरिश मेहता
लॉन्च इवेंट के दौरान, हरिश मेहता ने इस पुस्तक की यात्रा और इसके हिंदी संस्करण की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “यह सिर्फ एक किताब नहीं, बल्कि एक नई सोच की शुरुआत है। ‘द मैवरिक इफेक्ट’ उन लोगों की अविश्वसनीय यात्रा को दर्शाती है, जिन्होंने सीमाओं को स्वीकार करने से इनकार किया और एक ऐसे उद्योग की नींव रखी, जिसने भारत को वैश्विक तकनीकी मानचित्र पर स्थापित किया। हिंदी संस्करण के माध्यम से, हम इस कहानी को लाखों लोगों तक पहुँचा रहे हैं, ताकि इसके साहस, सहयोग और नेतृत्व के सबक अगली पीढ़ी के इनोवेटर्स को प्रेरित कर सकें।”
इस आयोजन में टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री के दिग्गजों, व्यापारिक नेताओं, नवोदित उद्यमियों और छात्रों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। चर्चा सत्रों में वक्ताओं ने भारत की डिजिटल क्रांति, इनोवेशन, और उद्यमिता के भविष्य पर अपने विचार साझा किए। हरिश मेहता, जो भारत के आईटी उद्योग के अग्रणी नेताओं में से एक हैं, ने इस अवसर पर उन प्रमुख बदलावों पर भी चर्चा की, जिन्होंने भारत के तकनीकी परिदृश्य को बदलकर रख दिया।
इस पुस्तक के हिंदी संस्करण के लॉन्च के साथ, ‘द मैवरिक इफेक्ट’ अब एक नए आयाम में प्रवेश कर चुका है, जहाँ यह न केवल प्रेरणा का स्रोत बनेगा बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी नवाचार और नेतृत्व के लिए प्रोत्सा
हित करेगा।
