Spread the loveरायपुर, 13 अगस्त 2026- मंत्रालय (महानदी भवन) में मुख्य सचिव...
जनप्रतिनिधियों की बात नहीं सुनने, मोबाइल कॉल नहीं उठाने और फाइलें अटकाने की शिकायतो के चलते आईएएस अधिकारी सिंह के खिलाफ़ निंदा प्रस्ताव के तहत हुई कार्यवाही हुआ तबादला
निप्र,भोपाल मध्यप्रदेश कि राजधानी भोपाल में भारतीय प्रशासनिक सेवा 2019 बैच की अधिकारी सुश्री निधि सिंह को मध्य प्रदेश शासन के मुख्य सचिव अनुराग जैन द्वारा भोपाल नगर निगम में अपर आयुक्त के पद से हटाकर संयुक्त आयुक्त भू अभिलेख एवं बंदोबस्त ग्वालियर के पद पर पदस्थ किया गया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सुश्री निधि सिंह के खिलाफ भोपाल नगर निगम में निंदा प्रस्ताव पास हुआ था। मंगलवार 14 जनवरी को छुट्टी के दिन उनका ट्रांसफर आर्डर जारी किया गया। भाजपा और कांग्रेस दोनों पार्टियों के पार्षद निधि सिंह के खिलाफ थे , भोपाल नगर निगम परिषद की मीटिंग 13 दिसंबर को हुई थी। इसमें अपर आयुक्त सिंह के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पेश किया गया था। बैठक में उनके खिलाफ विपक्ष और सत्ता पक्ष ने काम में लापरवाही, जनप्रतिनिधियों की बात नहीं सुनने, मोबाइल कॉल नहीं उठाने और फाइलें अटकाने की शिकायतें की थी। इसके चलते परिषद की बैठक में उनके खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया गया था। निधि सिंह 2019 बैच की आईएएस हैं। निगम कमिश्नर के बाद सीनियरटी में वे ही आगे थी। उन पर आरोप है कि वे बीजेपी और कांग्रेस पार्षदों को ज्यादा तवज्जो नहीं देती थीं। आईएएस सिंह के पास BCLL (भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड), जल कार्य, राजस्व, संपत्ति कर, जनसंपर्क जैसे कई प्रमुख विभागों की जिम्मेदारी है। उनके हटने के बाद अब ये विभाग अन्य अपर आयुक्तों को दिए जाएंगे। दिल्ली एनसीआर में नोएडा की रहने वाली निधि सिंह का नेताओं से पुराना पंगा रहा है। 21 जुलाई 2021 को उज्जैन जिले के बड़नगर में बतौर एसडीएम उनकी पहली पोस्टिंग हुई थी। पहले पंगा यहीं पर हुआ था। यहां पब्लिक की प्रॉब्लम सॉल्व करने के लिए पहुंची निधि सिंह को भाजपा से पूर्व विधायक शांतिलाल धबाई द्वारा नौकरी से निकलवाने की धमकी दी गई थी। कुछ ही देर में निधि सिंह का पेशेंस खत्म हो गया। उन्होंने भारी पब्लिक के बीच में भाजपा नेता को कहा कि, तमीज से बात करो…तू कौन होता है मुझसे पूछने वाला कि कितने दिन नौकरी करूंगी… हिम्मत है तो हटवाकर दिखा… चल निकलवाकर दिखा…जो करना है कर लेना… दफा हो यहां से…। खैर तबादले को लेकर निधि सिंह ने मीडिया को कहा कि “ट्रांसफर रूटीन प्रक्रिया है. इसे मैं पॉजिटिव लेती हूं. नगर निगम भोपाल में रहते हुए मैंने अपने कर्तव्यों को निर्वहन किया. आगे भी जो काम मिलेगा, उसे पूरी ईमानदारी से निभाउंगी. जनप्रतिनिधियों के फोन नहीं उठाने को लेकर आईएएस सिंह ने कहा कि मैं तो सबका फोन उठाती हूं. आपका भी उठाया. यदि कभी न उठा पाउं, तो कॉल बैक जरूर करती हूं. ये कोई मुद्दा नहीं है, हो सकता है मेरे काम करने का तरीका उन्हें अच्छा न लगा हो.