जगदलपुर, 18 दिसंबर। बस्तर के साहित्यकार लाला जगदलपुरी की 105वीं जयंती का आयाेजन लाल जगदलपुरी जिला लाइब्रेरी में किया गया। इस कार्यक्रम में शिक्षा और साहित्यिक गतिविधियों के महत्व पर प्रकाश डाला। दुष्यंत कुमार स्मारक पांडुलिपि संग्रह के अध्यक्ष रामाराव वामनकर ने लाला जगदलपुरी की साहित्यिक विरासत पर जोर देते हुए एक प्रेरक संबाेधन दिया। इस कार्यक्रम में समर्पित अध्ययन के माध्यम से अपने करियर में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले लाइब्रेरी उपयोगकर्ताओं की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला गया। मुख्य रूप से यह कार्यक्रम लालजी का साहित्य को योगदान विषय पर समर्पित था, लाला जी की हस्तलिखित रचनाओं की मूल प्रति संग्रहालय को सौंपी गई। योगेंद्र मोतिवाला ,सुषमा झा, पूर्णिमा सरोज, मोहिनी ठाकुर, नरेंद्र पाढी कर्मजीत कौर, ख़ुदरेजा ख़ान, सुभाष पांडे सुभाष श्रीवास्तव गौड़ और विजय सिंह, उज्जैनी सेठी, पूजा ठाकुर साहित्यकारों का सम्मान किया गया। वहीं काव्य गोष्ठी में लाला जगदलपुरी के जीवन का संस्मरण प्रस्तुत किया गया।
इस समारोह में न केवल लाला जगदलपुरी की विरासत का सम्मान किया गया, बल्कि क्षेत्र के महत्वाकांक्षी छात्रों के भविष्य को आकार देने में पुस्तकालय की महत्वपूर्ण भूमिका को भी मजबूत किया गया। इस कार्यक्रम में स्वतंत्रता सेनानी और डिमरापाल माता रुकमनी संस्थान के पद्मश्री धर्मपाल सैनी, नगर शिक्षा समिति के सदस्य योगेंद्र पांडे, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अध्यक्ष यशवर्धन राव, स्वास्थ्य और चिकित्सा विभाग के अध्यक्ष नरसिम्हा राव और राजस्व अध्यक्ष आलोक अवस्थी ग्रंथालय प्रभारी अखिलेश मिश्रा व संजय झा व अन्य साहित्यकार सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद थे। महापौर सफीरा साहू ने पुस्तकालय की प्रशंसा करते हुए इसे छात्रों के लिए एक उत्कृष्ट संसाधन बताया और शैक्षणिक और व्यक्तिगत विकास के लिए इसके महत्व को दोहराया।
जिला शिक्षा अधिकारी और लाइब्रेरी के पदेन सचिव बलिराम बघेल ने सफलता की कहानियों को बढ़ावा देने में लाइब्रेरी की भूमिका को स्वीकार किया। उन्होंने घोषणा की कि लोहंडीगुडा के मुंडाराम कश्यप को आदिवासी विभाग में सहायक निदेशक नियुक्त किया गया है, जबकि विनोद को लाइब्रेरी का मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में चुना गया है।
डीएमसी अखिलेश मिश्रा ने पुस्तकालय में पढ़ने वाले छात्रों की बढ़ती संख्या पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हमारा ध्यान पुस्तकालय की क्षमता को बढ़ाने और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों को अधिक अवसर प्रदान करने पर है।
