CG : जादू-टोने के शक में 24 वर्षीय युवती की हत्या, रिश्तेदार पर आरोप
Spread the loveबलौदाबाजार। जिले के लवन थाना क्षेत्र के ग्राम चितावर में...
Spread the loveबलौदाबाजार। जिले के लवन थाना क्षेत्र के ग्राम चितावर में...
Spread the loveधमतरी। जिले में जल पर्यटन और साहसिक खेलों को बढ़ावा...
Spread the loveरायपुर: बिलासपुर जिला स्थित बिल्हा विकासखंड के ग्राम कड़ार में आयोजित ...
-माता-बहनों का आशीर्वाद ही मुझे काम करने की शक्ति प्रदान करता है : मुख्यमंत्री साय
– रायगढ़ से छत्तीसगढ़ की महिलाओं को महतारी वंदन योजना की 10वीं किश्त जारी
रायगढ़ , 3 दिसंबर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंगलवार काे रायगढ़ जिले में लगभग 137 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री साय के आग्रह पर सरस्वती यादव ने बटन दबाकर प्रदेश की 70 लाख महिलाओं को महतारी वंदन योजना की 10वीं किश्त के रूप में 652 करोड़ की राशि अंतरित की।
इस अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि, हमारी 70 लाख माताओं-बहनों को महतारी वंदन योजना की एक हजार रुपये की स्नेह राशि की दसवीं किश्त हमने आपके खाते में आज अंतरित कर दी है। हमारी माताओं-बहनों का आशीर्वाद ही मुझे काम करने की शक्ति प्रदान करता है। हमारी माताओं-बहनों की आंखों में दिख रही स्वाभिमान की चमक हमारा सबसे बड़ा संतोष है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने उद्बोधन में सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम दानसरा का उल्लेख करते हुए कहा कि, यहां की माताओं और बहनों ने सोचा कि अयोध्या धाम में भव्य श्रीरामलला का मंदिर बना है। हम भी गांव के हनुमान मंदिर के बगल में रामलला का मंदिर बनाएं।
इन महिलाओं ने महतारी वंदन योजना से मिली राशि से चंदा कर मंदिर निर्माण शुरू कर दिया। माताओं-बहनों के सपने देखने और इनके पूरे होने की कितनी ही कहानियां हैं। मैं अक्सर माताओं-बहनों से इस बारे में पूछता हूँ और हर बार उनकी बातें मेरे दिल को छू जाती हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कल मैं रायपुर में पीएससी परीक्षा के टापर्स से मिला। उन युवाओं के आंखों में भरोसे की चमक थी। उन्होंने मुझे बताया कि पीएससी परीक्षा में गड़बड़ियां होने की वजह से उनका भरोसा टूट गया था लेकिन जब हमारी सरकार आई तब हमने पीएससी परीक्षा में पारदर्शिता के लिए कार्य किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि, वर्ष 2047 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत के निर्माण का लक्ष्य रखा है। हमने भी वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ बनाने विजन डाक्यूमेंट बनाया है। विजन डाक्यूमेंट में प्रदेश के तेजी से औद्योगिकीकरण पर सबसे ज्यादा जोर है।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि, आज के दिन छत्तीसगढ़ में विष्णु के सुशासन की शुरुआत हुई। छत्तीसगढ़ में मोदी की सभी गारंटी पूरी हो रही है। गांव और शहरों में विकास कार्यों को तेजी से पूरा करा रहे हैं। उन्होंने बताया कि, रायगढ़ जिले में नगरीय विकास के लिए 100 करोड़ कीी राशि जारी की गई है। रायगढ़ नगर निगम में ही 60 करोड़ के कार्य स्वीकृत किए गए हैं।
वित्त मंत्री ओ पी चौधरी ने कहा कि, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में रायगढ़ जिले में किसानों को सिंचाई सुविधा दिलाने के लिए केलो डैम से नहरों का काम पूरा करने की दिशा में कार्य कर रहे हैं, इसके लिए बजट में राशि का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में रायगढ़ अंचल का तेजी से विकास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि रायगढ़ में हार्टिकल्चर कॉलेज खुलने जा रहा है। यहां नालंदा परिसर का निर्माण सीएसआर मद से निर्मित होगा, जिसका लाभ यहां के छात्रों को यहां मिलेगा।
अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगी लाईब्रेरी
रायगढ़ के मरीन ड्राइव में सर्वसुविधायुक्त नालंदा परिसर एक अत्याधुनिक लाइब्रेरी होगी। यह प्रदेश की सबसे बड़ी लाईब्रेरी होगी, यहां वो सारी सुविधाएं होगी जो अमूमन बड़े शहरों और विश्वविद्यालयों की लाइब्रेरी में देखने को मिलती है। यहां अध्ययन-अध्यापन का एक ऐसा इको सिस्टम छात्रों को मिलेगा, जिससे वे खुद को प्रदेश के साथ राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए खुद को तैयार कर सकें। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ 5 स्कूली छात्रों ने बटन दबाकर रायगढ़ में बनने जा रहे नालंदा परिसर के वर्चुअल टूर वीडियो का लोकार्पण किया।
नालंदा परिसर में स्मार्ट लाइब्रेरी व स्टडी जोन होगा। हजारों किताबों के संग्रह के साथ अंतर्राष्ट्रीय स्तर के ई-बुक एक्सेस करने की भी सुविधा होगी। स्मार्ट लर्निंग पर फोकस होगा। 24×7 वाईफाई और इंटरनेट की सुविधा भी छात्रों को यहां मिलेगी। सिविल सर्विसेज के साथ मेडिकल, इंजीनियरिंग, क्लैट की तैयारी के साथ मैथ्स ओलिंपियाड के लिए भी किताबें यहां होगी। कैरियर गाइडेंस सेमिनार का आयोजन होगा। 5 वीं के बाद बच्चों को नवोदय विद्यालय, सैनिक स्कूल में प्रवेश के लिए तैयारी हेतु एक किड्स स्टडी जोन और किड्स लाइब्रेरी भी अलग से तैयार होगा जहां उनके सिलेबस के अनुसार किताबें और स्टडी मटेरियल उपलब्ध रहेगा। कॉन्फ्रेंस हाल के साथ कैफेटेरिया भी होगा।
