.. अयोध्या मे संयुक्त ब्राह्मण संघर्ष समिति का गठन ! पं. चतुर्वेदी संयुक्त ब्राह्मण संघर्ष समिति के अध्यक्ष
मनोनीत हुए, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पं०सुरैश मुले(महाराष्ट्र), त्रिलोकी नाथ तिवारी राजस्थान, महेंद्र कौशिक नई दिल्ली, बृजेश पांडे पटना बिहार, जय भगवान शर्मा हरियाणा रघुनाथ पांडेय झारखंड ,राष्ट्रीय महामंत्री डॉ०उपेन्द्र नाथ त्रिपाठी(वाराणसी)उ.प्र., तथा राष्ट्रीय संगठन मंत्री नानक शरण सिंह हापुड उ. प्र, राष्ट्रीय प्रवक्ता आदित्य नारायण त्रिपाठी अंबेडकर नगर उ. प्र., श्रीमती संध्या दुबे सागर म.प्र., दद्न मिश्रा लखनऊ, शीलम झा वाराणसी, महेंद्र पांडे वाराणसी उ. प्र., तीरथ सिंह फर्स वाला राजस्थान, एस के दुबे बीना म. प्र.
अयोध्या। देश के ब्राह्मणों ने एकजुट होकर सनातन धर्म की रक्षा का लिया संकल्प। देश के ब्राह्मण संगठनों में तीन वर्ष पूर्व हिंदुओं के इष्ट देव मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम लला की जन्मस्थली अयोध्या धाम में सनातन धर्म को मजबूत करने और समाज के उत्थान के लिए अखिल भारतीय संयुक्त ब्राह्मण संघर्ष समिति का गठन किया था। जिसका तीसरा एक दिवसीय सम्मेलन अयोध्या धाम में संपन्न हुआ। जिसमें राष्ट्रीय कार्यकारिणी का गठन कर विस्तार हुआ। संयुक्त संघर्ष समिति का गठन समिति के राष्ट्रीय संयोजक पं. कृपा निधान तिवारी अयोध्या के नेतृत्व में आयोजित धर्म नगरी में सम्पन्न हुआ।कार्यक्रम का उद्घाटन श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत मणिरामदास छावनी के अधिकारी महंत कमलनयन दास ने भगवान परशुराम की मूर्ति पर पुष्प चढ़ाकर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। महाराज ने सनातन धर्म की रक्षा के लिए पूरे देश के ब्राह्मणों को एक जुट होकर आगे आने के लिए आव्हान किया सम्मेलन में देश में आरक्षण आर्थिक आधार पर लागू करने, योग्यता आधारित पदों को छोड़कर आरक्षण लागू करने ,सर्वण आयोग का गठन,समान नागरिक संहिता, भगवान परशुराम के प्रकाटोत्सव अक्षय तृतीया पर पूरे देश में सार्वजनिक अवकाश की घोषणा, एवं भगवान परशुराम का भव्य मंदिर अयोध्या धाम के राम लला के नवनिर्मित मंदिर परिसर श्री राम जन्मभूमि में बनाए जाने की सर्व सम्मति से प्रस्ताव पारित किया गये ! कार्यक्रम में पूरे देश से आए हुए ब्राह्मण संगठनों ने सनातन धर्म की रक्षा का संकल्प दोहराया और ब्राह्मण संघर्ष समिति के पांचो मांगों का सर्वसम्मत से समर्थन किया।कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश, बिहार ,हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, झारखंड ,दिल्ली, पंजाब ,छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान ,सहित भारी संख्या में देशभर के सभी प्रांतो के ब्राह्मण उपस्थित रहे।
