सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता , माओवादियों द्वारा छिपाये गए हथियारों और विस्फोटकों का जखीरा बरामद
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इंफाल। बीते कई महीनों से मणिपुर में हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। वहां आए दिन झड़प होती है तो कभी गोलीबारी हो जाती है। बीते रोज भी दो गुटों के बीच हिंसा हुई और दोनो तरफ से जमकर फायरिंग की गई। स्थानीय लोगों ने वहां से भागकर अपनी जान बचाई और सुरक्षित जगह पर जाकर शरण ली। इम्फाल पश्चिम जिले के अवांग सेकमाई और उसके पड़ोसी गांवों में दो प्रतिद्वंद्वी समुदायों के ग्रामीण स्वयंसेवकों के बीच गोलीबारी हुई। इस घटना में अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में सुरक्षा बल मौके पर पहुंच गया है। बता दें कि पहले चरण में 19 अप्रैल को आंतरिक मणिपुर के साथ बाहरी मणिपुर (एसटी) संसदीय क्षेत्र के लिए 28 विधानसभा क्षेत्रों में से 15 में मतदान हुआ था। बाहरी मणिपुर सीट के लिए शेष 13 विधानसभा क्षेत्रों में दूसरे चरण में शुक्रवार को मतदान होगा। वहीं दूसरी तरफ मणिपुर हिंसा को देखते हुए पुलिस कर्मियों ने तनावग्रस्त इलाकों में ड्यूटी करने से इनकार करने की खबर है। मैतेई समुदाय के पुलिस कर्मियों ने इंफाल में प्रदर्शन करते हुए कहा कि हम सब यहां असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।राज्य के आदिवासी बहुल पहाड़ी इलाकों में ड्यूटी करना उनके लिए जोखिम भरा होगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से उन्हें किसी अन्य स्थान पर चुनाव ड्यूटी पर तैनात करने का आग्रह किया।
