Aaj Ka Rashifal: मेष राशि की बढ़ेगी तरक्की, तुला को मिल सकता है प्रमोशन, अन्य जातक जानें शुभ रंग और भाग्य अंक
Spread the loveAaj Ka Rashifal 4 November 2026:...
Spread the loveAaj Ka Rashifal 4 November 2026:...
Spread the loveरायपुर। शिक्षा विभाग में एक बार...
Spread the loveरायपुर। आयुष्मान भारत योजना के तहत...
. क्या ADM अनुकूल जैन कर पाएंगे महाकाल मंदिर व्यवस्था को जनता के अनुकूल.

उज्जैन:महाकाल मंदिर प्रशासन की कमान फिलहाल ‘अनुकूल’ हाथ में पहुंच गई है। दरअसल, महाकाल मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष और कलेक्टर ने प्रशासक संदीप कुमार सोनी को निवाड़ी अपर कलेक्टर के लिए रिलीव कर दिया है। प्रशासक का प्रभार फिलहाल एडीएम अनुकूल जैन को सौंप दिया है। पूर्व प्रशासक सोनी को इस बात का मलाल है कि सरकार ने निवाड़ी भेजा, आसपास क्यों नहीं?
अपर कलेक्टर सोनी के पास यूडीए सीईओ और महाकाल मंदिर प्रशासक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां थीं। सोनी का ट्रांसफर करने के दो दिन बाद भी किसी अधिकारी की पदस्थापना नहीं हो सकी है। इसके दो संकेत लिए जा रहे हैं। पहला यह कि सरकार मंदिर प्रशासक और यूडीए सीईओ के लिए अलग अलग अधिकारी की तलाश कर रही है। यूडीए के लिए भी ऐसे अधिकारी को तलाशा जा रहा है जो विकास कार्यों को रफ्तार दे सके। पूर्व यूडीए सीईओ अभिषेक दुबे और एसएस रावत के नाम भी चर्चा में हैं। नई पदस्थापना होने तक कलेक्टर ने एडीएम अनुकूल जैन को प्रशासक की जिम्मेदारी सौंप दी है। जैन को प्रभार सौंपा है
महाकाल मंदिर प्रशासक के पद पर सरकार की ओर से नई पदस्थापना की जाना है। प्रशासक संदीप कुमार सोनी को रिलीव कर दिया गया है। प्रभार एडीएम अनुकूल जैन को सौंपने का आदेश जारी किया है।-नीरज कुमार सिंह, कलेक्टर
आईटी पार्क का मुद्दा भी उठा…
सोनी को अचानक हटाने के बाद से राजनीति और प्रशासन के क्षेत्र में कई सवाल खड़े हो रहे हैं। मंदिर प्रबंध समिति के ही सदस्यों का कहना है कि सोनी काम अच्छा कर रहे थे, फिर उन्हें क्यों हटाया गया। महाशिवरात्रि के दूसरे ही दिन यह आदेश जारी किया गया। सूत्रों के अनुसार सीईओ और प्रशासक सोनी को बदलने के लिए कई अटकलें लगाई जा रही हैं।
नई बात यह उभरी है कि भरतपुरी क्षेत्र में करोड़ों रुपए की जमीन पर आईटी पार्क विकसित करने में सुस्ती को लेकर भी सरकार नाराज है। यह मामला अभी कोर्ट में है। पहले इस्कॉन को यह जमीन दी गई थी, लेकिन आईटी पार्क न बन पाने के बाद आवंटन निरस्त कर दिया गया था। मामले में इस्कॉन ने कोर्ट में केस दायर कर रखा है।
