• 2013 में ₹8.25 लाख करोड़ एयूएम से 2023 में ₹50 लाख करोड़ एयूएम तक- 10 वर्षों में 6 गुना वृद्धि हासिल की
• एसआईपी के माध्यम से खुदरा निवेशकों द्वारा निवेश में वृद्धि इस उपलब्धि के महत्वपूर्ण कारकों में से एक
मुंबई, — जनवरी 2024- भारतीय म्यूचुअल फंड उद्योग की मजबूत वृद्धि को दर्शाने वाले एक महत्वपूर्ण प्रमाण के तौर पर एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड इन इंडिया (एएमएफआई) ने एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) के ₹50 लाख करोड़ के आंकड़े को पार करने की घोषणा की। एएमएफआई ने इसे म्यूचुअल फंड (एमएफ) क्षेत्र की एक उल्लेखनीय उपलब्धि के तौर पर दर्ज किया है। यह उल्लेखनीय उपलब्धि भारत की विकास गाथा की पृष्ठभूमि में संभव हुई है। साथ ही यह उपलब्धि निवेशकों का विश्वास जीतने की एमएफ उद्योग की क्षमता को भी उजागर करती है, जो उन्हें कम लागत वाले दीर्घकालिक वैल्थ क्रिएशन के रास्ते प्रदान करता है।
कोविड के बाद देश की अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने निवेश को लगातार बढ़ाने और इसी तरह की अन्य पहलों पर अपना ध्यान केंद्रित किया है, ताकि आर्थिक विकास को और गति प्रदान की जा सके। साथ ही, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बचत की राशि को बेहतर उपयोग में लेने और अधिक से अधिक लोगों के लिए वित्तीय समावेशन को संभव बनाने पर जोर दिया। इन कारणों से कई लोगों ने पहली बार म्यूचुअल फंड के जरिये निवेश करने का रास्ता अपनाया। इस तरह वे म्यूचुअल फंड निवेश में वृद्धि में योगदान देने में सफल रहे। पिछले पांच वर्षों में म्यूचुअल फंड निवेशकों की संख्या दोगुनी से अधिक हो गई है। दिसंबर 2018 में यह संख्या 1.91 करोड़ थी जो बढ़कर दिसंबर 2023 में 4.21 करोड़ हो गई है।
एएमएफआई के चेयरमैन श्री नवनीत मुणोत ने इस उपलब्धि पर टिप्पणी करते हुए कहा, ‘‘हमें ₹50 लाख करोड़ एयूएम की उपलब्धि की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है, जो भारतीय म्यूचुअल फंड उद्योग में निवेशकों के भरोसे का प्रमाण है। इस महत्वपूर्ण अवसर पर हम बाजार नियामक, सेबी, हमारे सभी वितरकों और निवेश सलाहकारों, सभी एमएफ उद्योग हितधारकों, हमारे सदस्य एएमसी और सबसे ऊपर, म्यूचुअल फंड निवेशकों को धन्यवाद और बधाई देना चाहते हैं। हमें यकीन है कि देश का म्यूचुअल फंड उद्योग अगली बड़ी उपलब्धि यानी ₹100 लाख करोड़ का एयूएम और 10 करोड़ निवेशक के लिए तैयार है। हमें यह भी भरोसा है कि हम इस उपलब्धि को भी जल्द ही हासिल कर लेंगे, क्योंकि उद्योग ने वैल्यू चैन में टैक्नोलॉजी का लाभ उठाते हुए डिस्ट्रीब्यूशन आउटरीच में तेजी लाने के लिए कमर कस ली है।’’
एएमएफआई के चीफ एक्जीक्यूटिव श्री वेंकट चलसानी ने उद्योग की उपलब्धि पर अपना दृष्टिकोण साझा करते हुए कहा, ‘‘जहां एमएफ उद्योग को पहले ₹10 लाख करोड़ का एयूएम अर्जित करने में लगभग 50 साल लग गए थे, वहीं अंतिम ₹10 लाख करोड़ रुपए सिर्फ एक साल में अर्जित किए गए और ₹40 लाख करोड़ से ₹50 लाख करोड़ की राशि सिर्फ एक साल में जमा हो गई। इसके लिए एएमसी और नियामक सहित भारत में संपूर्ण म्यूचुअल फंड उद्योग ने एमएफ वितरकों के समर्थन से देश भर के निवेशकों तक पहुंचने के लिए केंद्रित प्रयास किए हैं।’’
पिछले कुछ वर्षों में एमएफ उद्योग लगातार विकसित हो रहा है और विविध प्रकार के निवेश विकल्प पेश कर रहा है। यह एक मजबूत निवेश ईको सिस्टम को बढ़ावा देने में विभिन्न हितधारकों के सहयोग के साथ कदम उठाने पर भी जोर देता है। उन्होंने आगे कहा, ‘‘इस पूरे मामले में सबसे अधिक उत्साहजनक पहलू यह है कि बड़ी संख्या में रिटेल निवेशक सिस्टेमेटिक इनवेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) के माध्यम से अनुशासित तरीके से भागीदारी निभा रहे हैं। बी30 लोकेशंस ने एमएफ निवेश में एक नई मुहिम को बढ़ावा दिया है और वितरक समुदाय भी गहन वित्तीय समावेशन की दिशा में काम कर रहा है।’’
भारतीय म्यूचुअल फंड उद्योग में हाल के वर्षों में निरंतर वृद्धि देखी गई है, जो बढ़ती वित्तीय साक्षरता, नियामक सुधार और एसआईपी की ओर बदलाव जैसे कारकों से प्रेरित है। मासिक सकल एसआईपी प्रवाह, जो वित्त वर्ष 2020 में लगभग ₹8,000 करोड़ था, अब दिसंबर 2023 में ₹17,610 करोड़ के सर्वकालिक उच्च स्तर तक पहुंच गया है। अकेले एसआईपी के माध्यम से संचयी प्रवाह ₹1,41,000 करोड़ को पार कर गया है। दिसंबर 2023 के अंत में एसआईपी एयूएम ₹10 लाख करोड़ तक पहुंच गया, जो एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
सेबी के तत्वावधान में एएमएफआई द्वारा चलाए गए निवेशक जागरूकता कैम्पेन ‘म्यूचुअल फंड सही है’ ने भी इस दिशा में अहम भूमिका निभाई है और एक पसंदीदा निवेश विकल्प के रूप में म्यूचुअल फंड की जागरूकता और स्वीकृति को बढ़ाने में योगदान दिया है।
एएमएफआई का मानना है कि उद्योग दशक के अंत तक ₹100 लाख करोड़ एयूएम के आंकड़े को पार करने के लिए तैयार है। इस वृद्धि को हासिल करने के लिए निवेशक आधार को 4.21 करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ करने की आवश्यकता होगी। एएमएफआई बाजार विस्तार की तीन अलग-अलग श्रेणियों का पालन करेगा जो इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आवश्यक होंगे – डिस्ट्रीब्यूशन आउटरीच, सरलीकरण और डिजिटलीकरण के माध्यम से मध्यम आय वाले परिवारों को शामिल करना और घरेलू बचत का और अधिक हिस्सा निवेश के लिए हासिल करना।
उद्योग के एयूएम ने मई 2014 के अंत में पहली बार ₹10 लाख करोड़ के आंकड़े को पार किया था और लगभग तीन वर्षों की छोटी अवधि में एयूएम का आकार दो गुना से अधिक बढ़ गया और अगस्त 2017 में पहली बार ₹20 लाख करोड़ को पार कर गया। एयूएम का आकार नवंबर 2020 में पहली बार ₹30 लाख करोड़ को पार कर गया। उद्योग का एयूएम नवंबर 2022 में पहली बार ₹40 लाख करोड़ से ऊपर हो गया। एयूएम को ₹30 लाख करोड़ से ₹40 लाख करोड बनने में 24 महीने लगे, लेकिन अगले ₹10 लाख करोड़ आधे समय में ही जोड़ लिए गए, और दिसंबर 2023 के महीने में यह ₹50 लाख करोड़ तक पहुंच गया। दिसंबर 2023 के अंत में ₹50 लाख करोड़ के निशान के साथ, म्यूचुअल फंड उद्योग ने 9 वर्षों में ₹40 लाख की वृद्धि दर्ज की।
___________________________________________________________________________
About AMFI:
AMFI was incorporated on August 22, 1995, as a non-profit organisation. As of now, all the 44 asset management companies that are registered with SEBI, are its members.The Association of Mutual Funds in India (AMFI) is dedicated to developing the Indian Mutual Fund Industry on professional, healthy and ethical lines and to enhance and maintain standards in all areas with a view to protecting and promoting the interests of mutual funds and their unit holders.AMFI, the association of SEBI registered mutual funds in India of all the registered Asset Companies, was incorporated on August 22, 1995, as a non-profit organisation.
