इंदौर – क्रिसमस आनंद, उत्सव और प्रेम का समय है। यह समय है जब परिवार आपस में मिलते हैं, मित्रों के बीच उपहारों का आदान-प्रदान होता है, समुदायों में उदारता की भावना का प्रसार होता है। हालाँकि, छुट्टी के इस मौसम की आपा-धापी में क्रिसमस-शांति के राजकुमार येसु का जन्म, इसके महत्व को याद रख पाना मुश्किल होता है।
वर्तमान संसार कोलाहल, बेर और फूट से भरा हुआ है। लगातार चलने वाले युद्ध से लेकर राजनीतिक झगड़ों तक, सामाजिक अशांति से लेकर व्यक्तिगत संघर्षों तक, शांति जैसे एक आभासी तत्व जैसी प्रतीत होती है। और अभी, इस अस्थिर संसार में क्रिसमस का महत्व और शांति का सन्देश कहीं अधिक प्रासंगिक हो जाता है।
येसु खीस्त, शांति का राजकुमार, दो हज़ार वर्ष पहले इस दुनिया में आया कि प्रेम का प्रचार करे और प्रेम, क्षमा और एकता की शिक्षा दे | John 3:16 उनका जन्म इतिहास में एक नया मोड़ लाया, मानव जाति के लिए आशा का सन्देश। क्रिसमस हमें न केवल उनके चमत्कारिक जन्म की याद दिलाता है बल्कि उनकी शिक्षाओं का मानव जाति पर केसा अनूठा प्रभाव पड़ा यह भी याद दिलाता है। उनकी सेवकाई के दौरान येसु ख्रीस्त ने जीवन के हर पहलू में शांति के महत्व को समझाया था। उन्होंने उनके शिष्यों को यह शिक्षा दी कि अपने शत्रुओं से प्रेम करो जब कोई एक गाल पर थप्पड़ मारे तो दूसरा गाल भी आगे कर दो और प्रतिशोध के बदले मेल मिलाप की खोज में लगे रहो। इन्हीं शिक्षाओं के द्वारा वे समाज में बदलाव और अनंत शांति की आशा करते थे।
आज की दुनिया में जब युद्ध, वैर और हिंसा का प्रभुत्व है, क्रिसमस का सन्देश बहुत सामर्थ्यो संस्मरण है कि शांति अब भी संभव है। ये हमें प्रोत्साहित करता है कि हम अपने व्यक्तिगत जीवन में शांति प्राप्त करने की जी-तोड़ कोशिश करें, अनुकम्पा और समझ को पोषित करें तथा व्यक्तिगत और वैश्विक दोनों तरह से बैर भाव को दूर करने का प्रयास करें।
इसके अलावा, क्रिसमस हमें इस बात के लिए भी प्रोत्साहन देता है कि हम उनके लिए शांति के वाहक बनें जो हाशिए पर हैं, दमित है, बेघर है, निर्वासित है और बिसरे हुए हैं। ये पर्व हमें यह भी पाद दिलाता है कि हम प्रेम और आनंद का सन्देश लेकर निसःहायों के पास जाएँ जिन्हें इसकी अति आवश्यकता है।
इससे भी ज्यादा, क्रिसमस वो समय है जब लोग एक साथ मिलकर मतभेदों को दूर करें और आपस में एकमनता रखें । यह वो समय है जब सद्भावना नफरत पर विजय पाती है, जब क्षमा शिकायतों की जगह लेती है, जब युद्ध शांति संधि के साथ समाप्त होता है और जब एकता विभाजन पर विजय पाडी है। नस्ल, धर्म और विचारधारा से विभाजित दुनिया में, क्रिसमस का संदेश लोगों को शांति और देश की पताका तले एकजुट करता है।
