मोदी सरकार में गडकरी पंसदीदा मंत्री
मुंबई । राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रमुख शरद पवार ने दावा किया कि वर्तमान में भाजपा विरोधी लहर है और देश के लोग कर्नाटक में हाल के विधानसभा चुनावों के परिणामों को देखकर बदलाव चाहते हैं। पवार ने कहा कि अगर लोगों की यह सोच जारी रहती है तब देश आगामी चुनावों में बदलाव देखेगा। उन्होंने दावा किया कि महाराष्ट्र में छोटी-छोटी घटनाओं को धार्मिक रंग दिया जा रहा है, जो अच्छा संकेत नहीं है।
पवार ने कहा, कर्नाटक चुनाव के परिदृश्य को देखते हुए, मुझे लगता है कि भाजपा विरोधी लहर चल रही है। कर्नाटक चुनाव के नतीजों को देखते हुए लोग बदलाव के मूड में हैं। अगर लोगों की यही सोच बनी रही, तब आने वाले चुनाव में देश में बदलाव आएगा। यह बताने के लिए किसी ज्योतिषी की जरूरत नहीं है। लोकसभा और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव एक साथ करने की संभावना के बारे में राकांपा प्रमुख ने कहा कि उनकी पार्टी और सहयोगी दलों के कई लोगों का भी यही मत है।
महाराष्ट्र में प्रचारित किए जा रहे तेलंगाना मॉडल (किसानों को वित्तीय सहायता देने) पर पवार ने कहा, तेलंगाना मॉडल की जांच होनी चाहिए। लेकिन, तेलंगाना एक छोटा राज्य है और एक छोटे से राज्य में इस तरह की सहायता की घोषणा की जा सकती है। लेकिन, मुझे लगता है कि बुनियादी ढांचे के कामों (खेती से संबंधित) पर अधिक धन खर्च किया जाना चाहिए। हाल के दिनों में महाराष्ट्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति और हिंसा की कुछ घटनाओं के बारे में पूछने पर, पवार ने दावा किया कि राज्य में कुछ छोटे मुद्दों को धार्मिक रंग दिया जा रहा है।
अगर सत्ता पक्ष और उनके लोग इन बातों को लेकर सड़कों पर उतर आते हैं तथा दो धर्मों के बीच दरार पैदा करते हैं, तब यह शुभ संकेत नहीं है। उन्होंने दावा किया, अगर औरंगाबाद में (किसी व्यक्ति का) पोस्टर दिखाया जाता है, तब पुणे में हिंसा की क्या जरूरत है। लेकिन ऐसा होने दिया जा रहा है। पवार ने आरोप लगाया, हाल ही में हमने अहमदनगर के बारे में सुना। आज मैंने कोल्हापुर से एक खबर देखी।
लोग सड़कों पर निकल आए और फोन पर संदेश भेजने की एक छोटी सी घटना को धार्मिक रंग देना अच्छा संकेत नहीं है। सत्ताधारी दल ऐसी बातों को बढ़ावा दे रहे हैं। यह पूछे जाने पर कि मोदी सरकार के नौ साल पूरे होने के मद्देनजर केंद्र में उनका पसंदीदा मंत्री कौन है, पवार ने कहा, कुछ हैं जिनका काम निर्विवाद है। उदाहरण के लिए, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी।
