नई दिल्ली । इजराइल के विदेश मंत्री एली कोहेन ने विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की। वहीं, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की मौजूदगी में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए 3 एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। कोहेन कंफिड्रेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज की तरफ से आयोजित भारत-इजराइल बिजनेस फोरम में भी शामिल हुए।
इस बीच कोहेन ने अपने देश के कुछ घटनाक्रम को ध्यान में रखते हुए तीन दिवसीय यात्रा पर भारत पहुंचने के कुछ ही घंटे बाद अपनी यात्रा की अवधि में कटौती करने करने का निर्णय किया। उनके मंगलवार देर रात स्वदेश रवाना होने की संभावना है। बता दें कि गाजा पट्टी पर इजराइल लगातार हवाई हमले कर रहा है। इनमें अब तक इस्लामिक जिहाद के 3 टॉप कमांडर सहित कुल 12 लोगों की मौत हुई है।
दिल्ली यात्रा के दौरान इजराइली विदेश मंत्री एली कोहेन ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री डॉ। एस जयशंकर, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं। दोनों देशों ने आई2यू2 में भी आगे काम करने की इच्छा जाहिर की। वहीं, सुरक्षा, अर्थव्यवस्था, प्रौद्योगिकी, इनोवेशन, कनेक्टिविटी और स्वास्थ्य में सहयोग पर व्यापक चर्चा की गई।
इजराइली विदेश मंत्री एली कोहेन ने कहा- मैं पीएम मोदी से दोनों देशों के बीच फ्री-ट्रेड एग्रीमेंट पर बात करूंगा। कोहेन के साथ इस दौरे में 25 कंपनियों का डेलीगेशनल भी शामिल है। ज्ञात हो कि इजराइल के विदेश मंत्री आज सुबह नई दिल्ली पहुंचे थे। उनकी इस यात्रा का मकसद द्विपक्षीय संबंधों को विस्तार देने के रास्ते तलाशने और इस वर्ष प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की यात्रा का आधार तैयार करना है।
इजराइल के विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, ‘‘विदेश मंत्री एली कोहेन कुछ देर पहले भारत की राजधानी नयी दिल्ली पहुंचे और वहां पहुंचते ही उन्हें सुरक्षा संबंधी जानकारी मिली। इजराइल में घटनाक्रम की पृष्ठभूमि में विदेश मंत्री कोहेन ने भारत की अपनी राजनयिक यात्रा की अवधि में कटौती की है।
गौरतलब है कि भारत और इजराइल के बीच संबंधों में पिछले कुछ वर्षो में काफी मजबूती आई है जिसमें खासतौर पर रक्षा, कृषि, जल प्रबंधन जैसे क्षेत्र शामिल हैं। जनवरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजराइल के अपने समकक्ष नेतन्याहू के साथ टेलीफोन पर चर्चा की थी और अपने द्विपक्षीय सामरिक सहयोग को अधिक प्रगाढ़ बनाने पर सहमति व्यक्त की थी।
