नई दिल्ली । केंद्रीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद राहुल गांधी पर तंज कसा। उन्होंने डोकलाम संकट के दौरान भारत में चीनी राजदूत के साथ राहुल की मुलाकात का जिक्र किया। जयशंकर ने कहा, उन्होंने (राहुल ने) उस दौरान सरकार पर हमला करते हुए कहा कि भारत ने चीन के हाथों नया क्षेत्र गंवा दिया। मैं जानता हूं कि राजनीति में सब कुछ राजनीतिक होता है। मैं इस स्वीकार करता हूं। लेकिन मुझे लगता है कि कुछ मुद्दों पर हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि हम कम से कम इस तरह से व्यवहार करें कि विदेश में अपनी (भारत की) सामूहिक स्थिति को कमजोर न करें, जो हमने चीन के मामले में पिछले तीन वर्षों में देखा है। कांग्रेस नेता राहुल पर तंज कसते हुए जयशंकार ने कहा कि मैं राहुल से चीन पर क्लास लेने की सोच रहा था, लेकिन मुझे पता चला कि वह खुद ही चीनी राजदूत से चीन पर क्लास ले रहे हैं।
विदेश मंत्री ने कहा कि चीन से लगी सीमा को लेकर चीजें गलत संदर्भ में पेश की जाती हैं, जैसे जानकारी आई कि चीन पैंगोंग त्सो पर ब्रिज बना रहा है, लेकिन यह नहीं बताया गया कि उस इलाके में बना रहा है जो 1962 या उससे पहले ही उसने अपने कब्जे में ले लिया। इसी तरह कई मॉडल विलेज बनाए जाने की खबर आई। ये भी वे इलाके हैं, जिस पर 1962 या उससे पहले से ही उसका कब्जा है।
जयशंकर ने पाकिस्तान के साथ भारत के खराब रिश्तों का कारण बताया है। उन्होंने कहा कि यह सही है कि पाकिस्तान के साथ दुश्मनी भारत के फायदे में नहीं है। यह कोई चाहता भी नहीं है। लेकिन, पड़ोसी आपके शहर पर हमला करेगा, तब रिश्ते कैसे सामान्य रह सकते हैं। इसके बाद कहीं न कहीं लक्ष्मण रेखा तब खींचनी ही पड़ेगी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान न केवल आतंक की फैक्ट्री चलाता है, बल्कि इस पर अपना अधिकार भी समझता है। वह अंतरराष्ट्रीय संबंधों के बुनियादी नियमों का भी पालन नहीं करता है। उन्होंने दक्षेस देशों के संगठन सार्क का जिक्र कर कहा कि इसतरह के संगठन में पाकिस्तान कैसे हो सकता है जो आतंकवाद का समर्थन कर आपसी कनेक्टिविटी को बाधित करता हो।
जयशंकर ने कहा कि बिलावल भुट्टो को शंघाई सहयोग संगठन(एससीओ) की बैठक में हिस्सा लेने के लिए न्यौता भेजा गया था, इससे ज्यादा कुछ नहीं। लेकिन उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस और इंटरव्यू में एससीओ के विषय को छोड़कर हर मुद्दे पर बयान दिया। यह सही नहीं था। एससीओ बैठक के कमरे के बाहर बिलावल ने भारत की राजनीति से लेकर कश्मीर और जी 20 से लेकर बीबीसी डॉक्यूमेंट्री तक हर मुद्दे पर बयान दिया, यह सही नहीं था। जयशंकर ने कहा कि मेहमान अच्छा हो तब मैं अच्छा मेजबान हूं।
