( अमिताभ पाण्डेय)
भोपाल । कांग्रेस महासचिव और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा है कि पत्रकार हितों के लिए कांग्रेस पार्टी प्रतिबद्ध है। मध्य प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की सरकार बहुमत से बनेगी और कमलनाथ मुख्यमंत्री कमलनाथ होंगे। मुख्यमंत्री होंगे । कांग्रेस की सरकार मध्यप्रदेश में पत्रकार सुरक्षा अधिनियम लाएगी। उन्होंने यह बात आज सागर जिले के बीना में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद देश में गरीबी बढ़ी है ।
शोध के आंकड़े इस बात को प्रमाणित करते हैं।
श्री सिंह ने कहा कि देश – प्रदेश में महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है । बेरोजगारी से युवा परेशान हैं। भाजपा ऐसे मुद्दों पर बात नहीं करना चाहती । उन्होंने कहा कि भाजपा ने पूंजीपतियों की पूंजी को बढ़ाने में सहयोग किया ।
यही कारण है कि इस देश में गरीब आदमी लगातार गरीब होता जा रहा है । दूसरी तरफ अमीरों की संपत्ति लगातार बढ़ रही है। उन्होंने अडानी मामले की जांच संसद की संयुक्त समिति से कराए जाने पर जोर दिया । वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा कि देश की आजादी में समाज के हर वर्ग का योगदान रहा है । हर वर्ग ने बढ़- चढ़कर देश को आजादी दिलाने में तन – मन – धन से समर्पित होकर सहयोग किया।
श्री सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा एक ऐसी राजनीतिक वाशिंग मशीन हो गई है जिसमें काला डालो तो सफेद निकलता है। जो भ्रष्टाचार के आरोपी भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो जाते हैं , उनके सारे दाग धुल जाते हैं । श्री सिंह ने कहा कि भाजपा धर्म की आड़ में नफरत और अशांति फैलाना चाहती है जबकि कांग्रेस के नेता राहुल गांधी जी ने देश में नफरत छोड़ो – भारत जोड़ो यात्रा के माध्यम से सद्भाव और प्रेम का संदेश दिया। एक प्रश्न के उत्तर में पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि बुरहानपुर में खुलेआम जंगलों की कटाई की जा रही है ।
पुलिस और वन विभाग की मिलीभगत से जंगल काटने वाले गिरोह लगातार नुकसान पहुंचा रहे हैं ।
उन्होंने आदिवासी महिलाओं द्वारा बुरहानपुर में 3 दिन तक लगातार धरना दिए जाने के बावजूद कलेक्टर द्वारा मुलाकात नहीं करने पर भी दुख प्रकट किया ।
उन्होंने कहा कि प्रशासन की , अधिकारियों की संवेदनाएं आम जनता के साथ कम हो रही हैं ।
श्री सिंह ने कहा कि भाजपा बदले की भावना से काम कर रही है। इससे राजनीति में एक गलत परिपाटी शुरू हो रही है, जो कि ठीक नहीं है ।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को अपने मंत्रिमंडल सहयोगियों की मनमानी पर अंकुश लगाना चाहिए।
