ललित श्रीमाल के निधन पर लेखक संघ ने दी श्रद्धांजलि
उज्जैन।आजादी के बाद उज्जैन की पत्रकारिता में योगदान देने वाले वरिष्ठ पत्रकार अवंती लाल जैन, गोवर्धन लाल मेहता, ठाकुर शिव प्रताप सिंह, प्रेम नारायण पंडित, बंशीधर मेहरवाल, प्रकाश वोहरा आदि के बाद ललित श्रीमाल ही सच्चे अर्थों में उज्जैन की पत्रकार एकता और सांस्कृतिक मूल्यों के लिए आवाज बुलंद करने वाली आवाज थे ।- उक्त उद्गार वरिष्ठ पत्रकार डॉ देवेन्द्र जोशी ने मध्यप्रदेश लेखक संघ द्वारा आयोजित श्रद्धांजलि सभी में व्यक्त किए। अध्यक्षता डॉ हरिमोहन बुधौलिया ने की।
वरिष्ठ पत्रकार समाजसेवी और स्थानीय दैनिक मध्यांचल के संस्थापक ललित श्रीमाल का बीती रात 72 वर्ष की आयु में आकस्मिक निधन हो गया। वे राष्ट्रीय जेसीज और अखिल भारतीय भाषाई समाचार पत्र संगठन इलना के अध्यक्ष भी रहे। यही नहीं भारत सरकार के विज्ञापन और दृश्य प्रचार निदेशालय डीएवीपी की विज्ञापन चयन समिति में भी वे पत्रकार प्रतिनिधि सदस्य रहे। जहां भी रहे व्यापक सामाजिक हितों के लिए संघर्ष करते रहे।उज्जैन में जनहित का कोई भी विषय सामने आता था तो वे उज्जैन की मुखर आवाज बनने से कभी गुरेज नहीं करते । कालिदास समारोह, महाकाल मंदिर सवारी मार्ग, शहर का अतिक्रमण, सिंहस्थ के विकास कार्य, नगर का सौंदर्यीकरण आदि कोई भी मसला हो ललित बाबू जनहित याचिका दायर करने से लेकर प्रशासन और राजनेताओं से नगर हित में दो-दो हाथ करने में कभी पीछे नहीं रहते थे । ललित श्रीमाल के आकस्मिक निधन पर डा हरीश प्रधान, डॉ शिव चौरसिया, डॉ उर्मिला शर्मा, डॉ शैलेन्द्र कुमार शर्मा, डॉ पिलकेंद्र अरोरा, डॉ हरीश कुमार सिंह ने भी गहरा शोक व्यक्त करते हुए उनकी आत्मा की शांति हेतु परमपिता परमात्मा से प्रार्थना की।
