केंद्रीय सहकारिता मंत्री शाह ने सीएम की मौजूदगी में करनाल में एक्सपोर्ट हाउस का किया उद्घाटन
करनाल। हरियाणा से चावल और अन्य कृषि उत्पादों का निर्यात व्यवस्थित तरीके से करने व व्यापारियों का सहयोग करने के लिए हरियाणा सरकार द्वारा स्थापित किए गए सहकारिता निर्यात प्रतिष्ठान (को-ऑप्रेटिव एक्सपोर्ट हाउस) का मंगलवार को करनाल में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल की उपस्थिति में उद्घाटन किया। यह एक्सपोर्ट हाउस व्यापारियों के लिए तो बड़ी भूमिका अदा करेगा, इससे किसानों को भी लाभ होगा।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भूमिहीन दुग्ध उत्पादकों को पशुचारा, वैक्सीनेशन तथा पशु चिकित्सा की सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए हरियाणा में सांझी डेयरी स्कीम का भी शुभारंभ किया। इससे गांवों में गोबर गैस से खाद व अन्य उपकरण बनने से स्वच्छ वातावरण होने के साथ गांवों का समग्र विकास होगा। उन्होंने इंटरनेट रेडियो-सहकारिता वाणी का विमोचन भी किया। केंद्रीय सहकारिता मंत्री ने पानीपत के डाहर में सहकारी चीनी मिल में लगने वाले एथनोल प्लांट का शिलान्यास किया। इस प्लांट से चीनी मिलों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। प्लांट पर 150 करोड़ की लागत आएगी और 90 केएलडीपी क्षमता इथेनाल का उत्पादन होगा।
केंद्रीय सहकारिता मंत्री ने कहा कि डीसीबी को एनपीए मुक्त करने के लिए भी बेहतर कार्य किया जा रहा है। साल 2025 से पहले प्रधानमंत्री ने हर पंचायत में पैक्स बनाने का निर्णय लिया है। इसके तहत 2 लाख नए प्राइमरी पैक्स बनाई जाएंगी। किसानों के लिए बीज उत्पादन सोसाइटी व ऑर्गेनिक प्रोडक्ट की मार्केटिंग के लिए मल्टी स्टेट मार्केटिंग को प्रोत्साहन दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि सहकारिता को आगे बढ़ाने के लिए राज्य में 11 सहकारी चीनी मिलें हैं। किसानों को गन्ने का मूल्य 372 रुपए दिया जा रहा है। दुग्ध उत्पादन के लिए 6 मिल्क प्लांट लगे हैं और 7वें मिल्क प्लांट का बुधवार को लोकार्पण किया गया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा ने इस वर्ष 2 लाख 15 हजार करोड़ रुपए का निर्यात किया है और अगले वर्ष 2 लाख 50 हजार करोड़ रुपए का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के लक्ष्य के अनुरूप देश को 2025 तक विदेशी मुद्रा के नाते आमदनी की आर्थिक स्थिति 5 ट्रिलियन अमेरिकन डालर बनाने में हरियाणा का महत्वपूर्ण योगदान होगा।
सहकारिता मंत्री डा. बनवारी लाल ने कहा कि सहकार से समृध्दि की ओर कार्यक्रम के तहत हर गांव में पैक्स खोलने से लोगों को वित्तीय मदद मिलेगी और लोग अपना व्यापार कर पाएंगे। सरकार ने पैक्स को टैक्स में छूट व 2 लाख रुपए तक की लिमिट बढ़ाने जैसे कार्य किए हैं। उन्होंने कहा कि पैक्स को मल्टी सर्विस सेंटर में बदलने, एक्सपोर्ट हाउस बनाने तथा पैक्स को कम्प्यूटराइज करके सहकारिता को नई ऊंचाइयों को लेकर जाएंगे।
