नई दिल्ली । दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे का राजस्थान का हिस्सा दो प्रमुख शहरों के बीच ड्राइविंग के समय को आधा घटाकर केवल 12 घंटे कर देगा। इसका उद्घाटन रविवार को किया जाएगा।
हालांकि देश में इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट कई वर्षों से चल रहे हैं, लेकिन आम चुनाव से एक साल पहले उन्हें अंतिम रूप दिया जा रहा है। इन विकास परियोजनाओं के बलबूते बीजेपी जीत को लेकर आश्वस्त है और उसका भरोसा है कि यह उपलब्धियां से पीएम मोदी को तीसरा कार्यकाल हासिल होगा।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पांच राज्यों – दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र को जोड़ेगा। रविवार को इसके राजस्थान के हिस्से का उद्घाटन होना है। इस कांग्रेस शासित राज्य में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं।
लगभग 1,400 किलोमीटर लंबे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे में आठ लेन होंगी और यह भारत का सबसे लंबा एक्सप्रेस-वे होगा। एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित होने वाली यह सड़क इंजीनियरिंग का एक चमत्कार है।
एक्सप्रेस-वे में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन, हेलीपैड, ट्रॉमा केयर सेंटर और ईवी के लिए अलग लेन जैसी सुविधाएं होंगी। सरकार का कहना है कि यह एशिया का पहला हाईवे है जिसमें एनिमल ओवरपास और वाइल्डलाइफ क्रॉसिंग हैं।
सभी वाहनों के लिए एक्सप्रेस-वे पर अधिकतम गति 120 किलोमीटर प्रति घंटा होगी, जिससे ईंधन बचाने में मदद मिलेगी। अनुमानित बचत लगभग 300 मिलियन लीटर ईंधन की होगी और हर साल 800 मिलियन किलोग्राम कार्बन उत्सर्जन कम होगा।
