नई दिल्ली । ज्यादातर सड़कों पर अंधेरा रहने से राजधानी के लोग असुरक्षित सफर करने को मजबूर हैं। बुधवार रात दिल्ली में 126 किलोमीटर की लंबाई के 143 प्रमुख मार्गों व स्थानों पर कुल 1116 स्ट्रीट लाइटें खराब थीं। ये खुलासा दिल्ली ट्रैफिक पुलिस व पीसीआर के सर्वे में सामने आया है। कुछ स्ट्रीट लाइट एक माह से खराब हैं। ऐसे में दिल्ली के डार्क स्पॉट खत्म होने का नाम नहीं ले रहे हैं। इस मामले को उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने भी संज्ञान में लिया और महिला सुरक्षा को लेकर गुरुवार को बैठक में नगर निगम एनडीएमसी और पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को जमकर लताड़ लगाई। पूरी दिल्ली में प्रमुख मार्गों पर लगी स्ट्रीट लाइटों का हर रात निरीक्षण किया जाता है। पुलिस सर्वे के बाद खराब स्ट्रीट लाइटों की सूचना संबंधित विभागों को भेजती है। पुलिस ने चार जुलाई 22 को सर्वे किया था जिसके तहत 280 मार्गों व स्थानों पर 3482 स्ट्रीट लाइटें खराब थीं। इसी तरह छह फरवरी 2023 को कुल 2740 लाइटें खराब मिलीं। इनमें से 1437 लाइटें एक महीने से खराब थीं इन्हें ठीक करने के लिए संबंधित विभागों को कई बार लिखा गया था। वहीं ट्रैफिक पुलिस व पीसीआर यूनिट ने बुधवार रात भी खराब स्ट्रीट लाइटों को लेकर सर्वे किया तो 1116 स्ट्रीट लाइटें खराब मिलीं। इनमें से भी कई एक माह से खराब थीं। खास बात ये भी है कि सुरक्षा के लिहाज से अति संवेदनशील मनाने जाने वाले इलाकों में भी स्ट्रीट लाइटें खराब थीं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार उपराज्यपाल ने दिल्ली पुलिस को महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाने के आदेश दिए हैं। ऐसे में पुलिस इस तरह के सर्वे आगे भी करवाती रहेगी। उपराज्यपाल के आदेश पर पुलिस सर्वे कर रही है।
