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कलेक्टर के आदेश की अवहेलना,एसडीएम ने शिकायत के बाद भी कालोनाईजर के खिलाफ कोई कार्यवाही नही की ,सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत पड़ी भारी सीएमओ की शिकायत कर्ता को प्रशासनिक दबाव, लोकतंत्र में मुलभुत समस्या पर चुप्पी किसकी कमजोरी किसकी साठ- गाठ ?
October 6, 2022
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निप्र,रतलाम मध्यप्रदेश के रतलाम जिले के जावरा नगर के वार्ड क्रमाक 9 में स्थित आशीर्वाद कॉलोनी में मुलभुत समस्याओं को लेकर कॉलोनी वासीयों द्वारा कई वर्षों से आवाज को उठाया जा रहा हैं लेकिन कोई सुनवाई नही होती, जिससे परेशान होकर कॉलोनी रहवासियों द्वारा सीएम ऑनलाइन शिकायत की जिसके उपरांत शिकायत पर कार्यवाही करने का कहा गया तो अधिकारीयों की संज्ञान में लेकर कलोनाईजर को कॉलोनी की सुविधाओं को दूरस्थ करने का कहा गया तो कलोनाईजर द्वारा बिना नाली निकासी की सुध लिए रोड़ के उपर ही नाली निर्माण करवा दिया गया जिससे रहवासियों को ओर नाली की समस्या का सामना करना पड़ गया, कॉलोनी में शासकीय रोड़ की जगह पर बगीचे का निर्माण कर कॉलोनी रहवासियों को मुलभुत सुविधाओं से वंचित रखा गया जहाँ पुर्व कलेक्टर कार्यालय जाकर जन सुनवाई में शिकायत के दौरान एसडीएम को मामला संज्ञान में लिए जाने की हिदायत के बाद भी कोई सुनवाई नही की गईं तो कॉलोनी रहवासियों द्वारा परेशान होकर जब सीएम हेल्पलाइन शिकायत करने पर नगर पालिका अधिकारी दुर्गा बामनिया द्वारा सीएम हेल्पलाइन शिकायत को संज्ञान में लेने पर भी कलोनाईजर के खिलाफ कोई बड़ी कार्यवाही नही की वही शिकायत कर्ता पर 181 पर शिकायत न करने के लिए प्रशासनिक रूप से दबाव बनाया गया ,एसडीएम हिमांशु प्रजापति द्वारा भी मामले को संज्ञान में ंनही लिया गया वर्तमान वार्ड पार्षद प्रतिनिधि द्वारा बताया गया की कॉलोनी को अवेध तरीके से वेध करवाया गया है ओर कलोनाईजर स्व.सुनीता देवी के सुपुत्र राजेश मनवानी द्वारा कॉलोनी में मुलभुत सुविधा की बात पर नगर पालिका द्वारा सुविधा लाभ देने की बात कही जाती है ओर नगर पालिका द्वारा कलोनाईजर द्वारा निर्माण कार्य करने की बात कही जाती है जिस पर पार्षद प्रतिनिधि दशरथ कसानीया द्वारा कलोनाईजर के खिलाफ़ नगर पालिका में कॉलोनी रहवासियों द्वारा धरना प्रदर्शन करने के बाद भी 15 दिंन बीत जाने पर कोई कार्यवाही नही की गईं, जिस पर कसानीया द्वारा मुलभुत सुविधाओं को लेकर धरना प्रदर्शन करने की बात कही गई हैं, शिकायत ओर जनप्रतिनिधि के धरना प्रदर्शन के बाद भी कोई कार्यवाही न होना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर संदेह व्यक्त करता है ।