इंदौर में आयोजित हुई राज्य स्तरीय कार्य कृषि अवसंरचना निधि कार्यशाला
इंदौर 29 सितंबर, 2022
कृषि मंत्री श्री कमल पटेल ने कहा है कि कृषि अवसंरचना निधि के उपयोग में मध्यप्रदेश देश में अव्वल नम्बर पर है। इस योजना के तहत किसानों को अधोसंरचना विकास के लिये अनुदान युक्त लोन प्रदान किया जाता है। कृषि मंत्री श्री पटेल ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय कृषि मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर की पहल के कारण खेती के लिए आधारभूत संरचना में उल्लेखनीय सुधार हो रहा है।
कृषि मंत्री श्री पटेल आज कृषि अवसंरचना निधि के प्रचार-प्रसार के लिए इंदौर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला को वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। कार्यशाला में मंडी बोर्ड की एम.डी. श्रीमती जी.व्ही. रश्मि ने इस योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में मंडी बोर्ड के अपर संचालक श्री डी.के. नागेंद्र, अपर कलेक्टर एवं कृषि उपज मंडी इंदौर के भार साधक अधिकारी श्री राजेश राठौर, कृषि महाविद्यालय के डीन डॉ. शरद चौधरी सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं इंदौर-उज्जैन संभाग के कृषक एवं स्व सहायता समूहों के प्रतिनिधि, बीज उत्पादक समितियों के प्रतिनिधि तथा कृषि उद्यमियों के प्रतिनिधि शामिल थे।
निधि के उपयोग में देश में अव्वल है मध्यप्रदेश
कृषि मंत्री श्री कमल पटेल ने बताया कि देश में कृषि अधोसंरचना में सुधार के क्रम को प्रोत्साहन एवं वित्तीय सहायता देने के उद्देश्य से एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फण्ड (AIF) स्कीम का संचालन किया जा रहा है। इस उद्देश्य के मद्देनजर भारत सरकार द्वारा अधोसंरचना के लिए एक लाख करोड़ रुपये का एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फण्ड की घोषणा की गई है, जिसमें से मध्यप्रदेश को 7 हजार 440 करोड़ रुपये से 12 हजार करोड़ रुपये तक की वित्तीय सुविधा का आवंटन किया जायेगा। निधि के उपयोग में मध्यप्रदेश देश में अव्वल है।
इस योजना के द्वारा जो भी कृषक, कृषि से जुड़े उद्यमी, FPOS, स्टार्टअप, स्वंय सहायता समूह, PACs इत्यादि जो भी लोग कृषि से जुड़े है एवं कृषि अधोसंरचना निर्माण हेतु बैंक से ऋण लेना चाहते है, उन्हें दो करोड़ रुपये की सीमा तक ऋण पर तीन प्रतिशत प्रतिवर्ष की ब्याज छूट 7 वर्ष की अवधि के लिए उपलब्ध होगी।
यह वित्तीय सहायता कोल्ड स्टोर एवं कोल्ड चैन वेयर हाउस, साइलों, पैक हाउस, विश्लेषण/जॉच इकाई, ग्रेडिंग एवं पैकेजिंग यूनिट, लॉजिस्टिक्स सुविधा, ई-मार्केटिंग, राईपनिंग चेंबर, जैव उत्प्रेरक उत्पादन इकाई के निर्माण, स्मार्ट एवं प्रिसीसन फार्मिंग इत्यादि के लिए प्रदान की जा रही है।
इस योजना मे देश के सभी राज्यों में मध्यप्रदेश अग्रणी राज्य है। इंदौर संभाग में बैंकों द्वारा 126 आवेदन 123.19 करोड़ रुपये राशि के सत्यापित हो चुके है एवं उक्त आवेदनों में बैंकों द्वारा 77.18 करोड़ रूपये का वितरण किया जा चुका है। यह योजना हमारे प्रदेश मे कृषि अधोसंरचना को सुदृढ़ बनाने मे एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
कृषि अवसंरचना निधि (AIF)
मंडी बोर्ड की एम.डी. एवं ए.आई.एफ की राज्य नोडल अधिकारी श्रीमती जी.व्ही. रश्मि ने कार्यशाला में बताया कि इस योजना में तीन प्रतिशत का ब्याज अनुदान दिया जाता है। भारत सरकार द्वारा क्रेडिट गारंटी (CGTMSE) दी जाती है। योजना के अंतर्गत देश में कृषि अधोसंरचना में सुधार के क्रम को प्रोत्साहन एवं वित्तीय सहायता हेतु फसलोपरांत प्रबंधन एवं सामुदायिक खेती संबंधित परियोजनाओं में निवेश के लिए उपयुक्त ऋण सुविधा भी दी जायेगी। इसके अतिरिक्त 25 प्रोजेक्ट्स प्रति हितग्राही (विभिन्न विलेज कोड) को दिये जायेंगे। साथ ही राज्य एवं केन्द्र सरकार की संबंधित योजनाओं से अनुदान लाभ के साथ अतिरिक्त लाभ भी लिया जा सकता है।
कृषि अवसंरचना निधि योजना में वेयरहाउस, कोल्ड स्टोरेज, सोर्टिंग एवं ग्रेडिंग यूनिट, प्राथमिक प्रसंस्करण इकाई, साइलोज़, पैकेजिंग इकाई, रायपनिंग चैम्बर, वैक्सिंग प्लांट, दाल मिल, आटा मिल, राइस मिल, कोल्ड प्रेस ऑयल मिल, आर्गेनिक इन्पुट प्रोडक्शन, बायो स्टीमुलेन्ट यूनिट, कस्टम हारिंग सेंटर तथा हाई-टेक हब (ड्रोन प्रोजेक्ट्स) आदि परियोजनाएं उपलबध है। योजना में रजिस्ट्रेशन एवं आवेदन हेतु मोबाइल नंबर 90980-39381 पर संपर्क किया जा सकता है। साथ ही बेबसाइट www.agriinfra.dac.gov.in से भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
