नई दिल्ली,। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) के तहत रियायती एलपीजी सिलेंडरों की संख्या में कमी को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार महिला कल्याण और गरीबी उन्मूलन के बड़े दावे करती है, लेकिन व्यवहार में गरीब परिवारों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की उपेक्षा कर रही है। मंगलवार को जारी बयान में खड़गे ने कहा कि सरकार लगातार कल्याणकारी योजनाओं में कटौती कर रही है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2016 में उज्ज्वला योजना की शुरुआत के समय प्रति वर्ष 12 रियायती एलपीजी सिलेंडर देने का वादा किया गया था। बाद में यह संख्या घटाकर 9 कर दी गई और अब इसे केवल 4 वार्षिक रिफिल तक सीमित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह गरीब परिवारों, विशेषकर महिलाओं के साथ किया गया वादा तोड़ने जैसा है। खड़गे ने आरोप लगाया कि एलपीजी की कीमतों में लगातार वृद्धि के कारण लाखों लाभार्थियों के लिए सिलेंडर भरवाना मुश्किल हो गया है। उनके अनुसार कई परिवार आर्थिक दबाव के चलते फिर से पारंपरिक चूल्हों और लकड़ी के ईंधन की ओर लौटने को मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं की समस्याओं पर संवेदनशीलता दिखाने का दावा करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर राहत लगातार कम की जा रही है। कांग्रेस का यह हमला घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में हालिया वृद्धि के बाद सामने आया है। दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत 913 रुपये से बढ़कर 942 रुपये हो गई है। उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को पहले चार रिफिल पर 300 रुपये प्रति सिलेंडर की सब्सिडी मिलेगी, जिसके बाद उन्हें प्रभावी रूप से 642 रुपये प्रति सिलेंडर का भुगतान करना होगा। कांग्रेस ने सरकार से उज्ज्वला योजना के तहत मिलने वाली राहत को पुनः बढ़ाने और गरीब परिवारों पर बढ़ते आर्थिक बोझ को कम करने की मांग की है। वहीं केंद्र सरकार की ओर से इस मुद्दे पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।
