बिराजे महाराष्ट्र समाज में श्री गणेश
गाजे-बाजे के साथ निकली शोभा यात्रा
उज्जैन 31 अगस्त। मंगल मूर्ति मोरया, गणपति बप्पा मोरया के जयघोष के साथ महाराष्ट्र समाज भवन में श्री गणेश जी की स्थापना की गई। प्राण प्रतिष्ठा पूजन श्री अभय अरोंदेकर व सौ लीना अरोंदेकर ने किया। आचार्य राजेन्द्र महाजन ने विधि-विधान से पूजा सम्पन्न कराई। पिछले वर्षों में कोरोना से छायी उदासी दूर हुई और हर्षोल्लास के साथ दस दिवसीय श्री गणेशोत्सव प्रारंभ हुआ। आगामी दस दिनों तक समाज भवन व कालिदास अकादमी के संकुल हॉल में धार्मिक, गीत-संगीत, मराठी नाटकों और मनोरंजन से भरपूर कार्यक्रमों का आयोजन होगा। पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष भी समाज में मिट्टी से बनी मनमोहक श्री गणेश प्रतिमा स्थापित की गई है। प्रतिमा का श्रृंगार प्राकृतिक रंगों से किया गया है।
मूर्ति स्थापना के पूर्व मालीपुरा के रामेश्वर काम्पलेक्स से गाजे-बाजे के साथ प्रतिमा की शोभा यात्रा प्रारंभ हुई। शोभायात्रा में शामिल सभी पुरुषों ने एक जैसी भारतीय वेशभूषा और सिर पर सफेद टोपी पहनीं थी, वहीं महिलाएं भी महाराष्ट्रीयन साड़ी और सादगीपूर्ण श्रृंगार में मौजूद थीं। चल समारोह के आगे बैंड, शास्त्रीय संगीत के विभिन्न रागों पर आधारित धार्मिक गीत बजा रहे थे। विभिन्न मार्गों से होते हुए शोभा यात्रा क्षीरसागर स्थित समाज भवन में पहूँची जहां समाज अध्यक्ष सौ राजश्री जोशी, सौ पूर्णता यार्दे, सौ शुचिता चांदोरकर व अन्य महिलाओं ने द्वार पर श्रीमूर्ति का पूजन किया। शोभा यात्रा का संयोजन श्री पांडुरंग गुमास्ते ने व संचालन सर्वश्री विजय कानडकर, गिरिश फडनीस, संजय देवधर, राजेन्द्र जोशी व श्री मिलिन्द पन्हालकर ने किया।
शोभा यात्रा में सर्वश्री निललोहित पलशीकर, पंकज चांदोरकर, दीपक अवसरकर, नीलेश नेमावरकर, रविन्द्र मुले, तुषार मुजुमदार, सुहास वैद्य, गौरव गड़करी, हिमांशु कुलकर्णी,दिलीप जोशी, सतीश हरणे, प्रकाश रांगणेकर, प्रदीप जोशी, अमित सुपेकर, वसंत आपटे, जितेन्द्र आपटे, अजय वाघ, रविन्द्र मुले, राजेश सोहनी, राहुल विपट, डॉ. महेन्द्र गोरे आदि समाज जन बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
