नई दिल्ली । मार्च 2022 में गलती से एक ब्रह्मोस मिसाइल पाकिस्तान की ओर जा गिरी थी। इस घटना के बाद रक्षा मंत्रायल ने स्पष्टीकरण जारी किया था यह एक दुर्घटना थी। इस मामले की उच्चस्तरीय जांच का आदेश दिया गया था। अब लगभग चार महीने बाद कार्रवाई करते हुए वायुसेना के तीन अधिकारियों को बर्खास्त किया गया है।
वायु सेना के तीन अधिकारियों को नौ मार्च को दुर्घटनावश ब्रह्मोस मिसाइल दागे जाने की घटना की उच्चस्तरीय जांच में जिम्मेदार ठहराया गया। इसके बाद कोर्ट ऑफ इंक्वायरी (सीओए) में जिम्मेदार ठहराए गए भारतीय वायु सेना (आईएएफ) के 3 अधिकारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गईं। एक आधिकारिक बयान के अनुसार कोर्ट ऑफ इंक्वायरी (सीओए) ने इस घटना की जांच में पाया कि तीन अधिकारियों ने मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का पालन नहीं किया।
इन तीन अधिकारियों को घटना के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार ठहराया गया है। केंद्र सरकार ने उनकी सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी हैं। अधिकारियों को 23 अगस्त को बर्खास्तगी के आदेश दे दिए गए हैं। वायुसेना ने हालांकि उन अधिकारियों के रैंक और नामों का जिक्र नहीं किया है जिन्हें बर्खास्त किया गया है। समझा जाता है कि बर्खास्त अधिकारियों में एक ग्रुप कैप्टन हैं।
