( अमिताभ पाण्डेय, राहुल मिश्रा )
उज्जैन । ( माधव एक्सप्रेस)
आज 25 जुलाई 2022 को नव निर्वाचित राष्ट्रपति महामहिम द्रौपदी मुर्मू भारत की 15 वीं राष्ट्रपति के रूप मे शपथ लेने जा रही हैं |
उनकी संघर्ष गाथा एवं त्याग को सुनकर उनके प्रति सम्मान भाव जागृत होना स्वाभाविक है | उनकी संघर्ष गाथा, परमात्मा से अटूट संबंध एवं उसके आधार पर बिना मांगे मिली हुई प्राप्तियाँ ईश्वर के प्रति आस्थावान हम सभी धर्मप्रेमियों के लिए एक प्रेरणा स्रोत हैं |
जीवन मे सबकुछ छिन जाने के बाद जब एक साधारण व्यक्ति हताश एवं निराश हो जाता है, उसे जीवन जीने का कोई कारण नजर नहीं आता, ऐसी कठिन परिस्थिति मे ब्रह्माकुमारीज का सानिध्य मिलने से द्रौपदी मुर्मू जी के अंधेरे जीवन मे रोशनी की किरण दिखाई दी |
ब्रह्माकुमारीज की शिक्षाओं के माध्यम से उन्होंने परमात्मा शिवबाबा के साथ योग लगाना सीखा |
शिवबाबा से योग लगाने से उन्हे मानसिक शान्ति एवं संबल मिला |
परमात्मा का एक अनुशासित बच्चा बनकर उन्होंने ज्ञान और योग की अपने जीवन मे गहराई से धारणा की |
शिवबाबा की मुरली (महावाक्य) का वे प्रतिदिन श्रवण करने लगीं | धीरे धीरे वे दूसरों को भी ज्ञान सुनने लगीं |
परमात्म अवतरण भूमि ब्रह्माकुमारीज के मुख्यालय माउंट आबू आकर उन्होंने राजयोगिनी तपस्विनी दादियों से आशीर्वाद प्राप्त किया ।
ब्रह्माकुमारीज संस्था द्वारा चलाए जा रहे वैल्यू बेस्ड एजुकेशन के कार्यक्रमों के माध्यम से उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरणा दी |
इस बारे में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के नेशनल मीडिया इंचार्ज ब्रह्मकुमार सुशांत , भोपाल सेवा केंद्र
के ब्रह्मकुमार रावेंद्र एवम ब्रह्मकुमारी डा रीना ने विस्तार से बताया ।
उन्होंने बताया कि पिछले वर्षों में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के मुख्यालय माउंट आबू मे आयोजित अनेक कार्यक्रमों के माध्यम से द्रोपदी मुर्मू जी ने अपनी गरिमामय उपस्थिति दर्ज कराई है।
भारत के विभिन्न राज्यों में ब्रह्माकुमारीज के अनेक सेवाकेन्द्रों मे जाकर उन्होंने ईश्वरीय ज्ञान और योग द्वारा जीवन मे आए सुखद परिवर्तन के अनुभव से सबको लाभान्वित किया |
आज देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर अर्थात भारत के 15 वीं राष्ट्रपति के रूप मे शपथ लेने जा रही महामहिम द्रौपदी मुर्मू जी का जीवन निश्चित ही संघर्ष, परमात्मा मे निश्चय एवं प्राप्ति का अद्भुत समन्वय हैं | निश्चित ही वे परमात्म द्वारा मिली हुई शक्तियों के आधार पर अपनी त्याग, दृढ़ता, तपस्या एवं अनुशासन द्वारा देश को एक नई ऊंचाइयों पर ले जाने मे सफल होंगी, ऐसी हम सबकी शुभ आश है |
