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शिविरों के माध्यम से त्वरित निराकरण से बढ़ा जनता का भरोसा
कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन का सख्त निर्देश – सीमांकन, पेंशन और राशन कार्ड के आवेदनों का दो दिनों में करें निराकरण
महिला सशक्तिकरण-ग्राम मुरमुर को बकरी पालन क्लस्टर के रूप में विकसित करने की पहल
रायपुर, 26 मई 2026

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित “सुशासन तिहार” अब जनविश्वास और जनभागीदारी का सशक्त माध्यम बनता जा रहा है। शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने, ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित समाधान करने तथा प्रशासन को आमजन के द्वार तक ले जाने की इस अभिनव पहल के अंतर्गत गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही जिला के पेंड्रा विकासखंड के ग्राम पंचायत बम्हनी में जिले का आठवां जन समस्या निवारण शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर में जहां संवेदनशील कार्यशैली अपनाते हुए मौके पर ही विभिन्न मांगों एवं शिकायतों का त्वरित निराकरण किया गया।

जनता के बीच पहुंचे अधिकारी, मंच से ही हुआ समस्याओं का समाधान
शिविर की सबसे विशेष बात यह रही कि कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने स्वयं आवेदकों के नाम पुकारकर उन्हें मंच के समक्ष बुलाया और संबंधित विभागीय अधिकारियों से उनके आवेदनों की वर्तमान स्थिति तथा निराकरण की जानकारी ग्रामीणों के बीच साझा करने को कहा।
समय-सीमा का निर्धारण
कलेक्टर ने सीमांकन, पेंशन एवं राशन कार्ड से संबंधित आवेदनों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को दो दिनों के भीतर जांच कर निराकरण सुनिश्चित करने तथा प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि यदि कोई प्रारंभिक सीमांकन से असंतुष्ट है, तो वह नियमानुसार पुनः सीमांकन हेतु कलेक्टर न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत कर सकता है।

महिला स्वावलंबन- मुरमुर बनेगा बकरी पालन क्लस्टर
शिविर में बकरी पालन हेतु शेड निर्माण के लिए बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त होने पर कलेक्टर ने त्वरित रणनीतिक निर्णय लिया। उन्होंने आजीविका मिशन और जनपद पंचायत के अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्राम कोडगार में स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा संचालित बकरी पालन की तर्ज पर अब ग्राम पंचायत मुरमुर को भी बकरी पालन क्लस्टर के रूप में विकसित किया जाए, ताकि ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और स्वरोजगार को नया आयाम मिल सके।
पेयजल, वनाधिकार और राजस्व मामलों पर विशेष ध्यान
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को आवश्यकतानुसार नए हैंडपंप खनन एवं खराब हैंडपंपों की त्वरित मरम्मत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। वन अधिकार पत्र, ऋण पुस्तिका से संबंधित आवेदनों पर वन विभाग के अधिकारियों को अधीनस्थ अमले व रिकॉर्ड के साथ शिविर में ही छानबीन कर त्वरित निराकरण करने को कहा गया।

13 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने उठाया शिविर का लाभ
इस शिविर में ग्राम पंचायत कोडगार, घाटबहरा, बम्हनी, जिल्दा, खरड़ी, मुरमुर, घघरा, अमाडांड, जाटादेवरी, बसंतपुर, सोनबचरवार, लाटा एवं जमड़ीखुर्द सहित कुल 13 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल हुए। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती समीरा पैकरा एवं उपाध्यक्ष श्री राजा उपेन्द्र बहादुर सिंह ने ग्रामीणों से शासन की कल्याणकारी योजनाओं को समझकर उनका अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।
सुशासन तिहार में सीधे मिला लाभ
यह शिविर केवल शिकायतों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह प्रत्यक्ष लाभ वितरण का प्रभावी मंच बना। कार्यक्रम के दौरान गर्भवती महिलाओं की गोद भराई एवं बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार कराया गया। हितग्राहियों को जाति प्रमाण पत्र, आर्थिक सहायता राशि के चेक, आबादी भूमि अधिकार पत्र, बी-वन खसरा, वोटर आईडी कार्ड, किसान किताब, प्रधानमंत्री आवास योजना की चाबी, दिव्यांगजनों को छड़ी एवं वॉकर, आयुष्मान कार्ड, मितानिन दवा किट तथा लर्निंग लाइसेंस वितरित किए गए।
शिविर में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, एसडीएम पेंड्रारोड, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती पूर्णिमा पैकरा, श्री पवन पैकरा, जनपद अध्यक्ष श्रीमती अजीत हेम कुंवर श्याम सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
