देश की पहली आदिवासी राष्ट्रपति होगी द्रोपति मुर्मू जी
अभिजीत दुबे उज्जैन ,,माधव एक्सप्रेस ”/ भारत के राष्ट्रपति, भारत गणराज्य के कार्यपालक अध्यक्ष होते हैं। संघ के सभी कार्यपालक कार्य उनके नाम से किये जाते हैं। अनुच्छेद 53 के अनुसार संघ की कार्यपालक शक्ति उनमें निहित हैं। वह भारतीय सशस्त्र सेनाओं का सर्वोच्च सेनानायक भी हैं। सभी प्रकार के आपातकाल लगाने व हटाने वाला, युद्ध/शान्ति की घोषणा करने वाला होता है। वह देश के प्रथम नागरिक हैं। भारतीय राष्ट्रपति का भारतीय नागरिक होना आवश्यक है।राष्ट्रपति संसद का अंग है। कोई भी बिल बिना उसकी स्वीकृति के पास नहीं हो सकता अथवा सदन में ही नहीं लाया जा सकता है। इस प्रकार की सभी शक्तियां इस बार एक गांव की महिला शक्ति को सौंपी गई है जो देश की पहली आदिवासी राष्ट्रपति और देश की दूसरी महिला राष्ट्रपति होंगी महिलाओं के साथ-साथ भारत का गौरव बढ़ाएगी
- महामहिम राष्ट्रपति के पद पर श्री द्रोपति जी मुर्मू को निर्वाचित होने पर सभी देशवासियों की ओर से बहुत-बहुत बधाई शुभकामनाएं।
