थाना हीरानगर ने सूचना पर त्वरित कार्यवाही करते हुये अपहरण की खबर का मात्र 06 घण्टो में किया खुलासा ।
इंदौर –
इंदौर पुलिस कमीश्नर श्री हरिनारायणचारी मिश्र द्वारा अपहरण के प्रकरणो में तत्काल कार्यवाही करने हेतु इन्दौर कमीश्नरेट पुलिस को निर्देशित किया गया है। उक्त निर्देशो के तारतम्य मे अतिरिक्त पुलिस आयुक्त श्री मनीष कपूरिया द्वारा पुलिस उपायुक्त (जोन-3) जिला इंदौर श्री धर्मेन्द्र सिंह भदौरिया, अति0 पुलिस उपायुक्त (जोन-3) जिला इंदौर श्री राजेश रघुवंशी व सहायक पुलिस आयुक्त (हीरानगर) जिला इंदौर श्री डी.एस. येवले ने थाना प्रभारी हीरानगर श्री सतीश पटेल को अपहरण के प्रकरणो में तत्काल विधिसम्मत कार्यवाही कर अपहृत की तलाश करने हेतु निर्देशित किया था। उक्त निर्देशों के तारतम्य में हीरानगर पुलिस ने अपहरण एवं फिरौती की सरसनीखेज खबर का मात्र 06 घण्टो में खुलासा कर दिया
घटना क्रम इस प्रकार है, कि दिनांक 29/04/2022 की रात को अचानक * अपहरण एवं फिरौती की मांग* को लेकर फरियादी भरत पिता राधेश्याम गुर्जर उम्र 27 साल निवासी निवासी 136 स्वास्थय नगर इन्दौर थाने पर उपस्थित होकर बताया कि मेरा दोस्त हरिओम पिता रमेश मलगावे उम्र 27 साल निवासी सदर जो मेरे रूम पार्टनर है, जो शेयर मार्केट की ट्रैडिग का काम ऑनलाईन घर से करता है, जिसको रायल बंग्लो हनुमान मन्दिर के पास बुलवाकर कार मे बैठाकर अज्ञात व्यक्ति कहीं ले गये है। बाद जानकारी जुटाने पर पता चला कि कार से आये चार लोग हरिओम व दिनेश को अगवाकर ले गये है। हरिओम ने अपनी भाभी पूजा को मोबाईल पर बताया कि *पांच लाख रूपये खाते में डालने का कह रहे है।* खाता नंबर दिया जिसमें पचास हजार रूपये तथा बाद में 02 लाख 40 हजार रूपये खाते मे डाल दिये थे।
हिरओम के परिजन घबराकर थाना हीरा नगर पहुचें थाना थाना प्रभारी हीरानगर सतीश पटेल को दोनो के अपहरण एवं फिरोती मांगने की सनसनीखेज कहानी बताई गयी। घटना की गंभीरता को ध्यान में रखते हुये थाना प्रभारी पटेल को प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध लगा, चूँकि तथाकथित अपहृत हरिओम ऑनलाइन ट्रेडिंग का काम करता था. थाना प्रभारी द्वारा हरिओम से फोन पर सम्पर्क करते उसका मोबाईल बंद होना पाया गया, अथक प्रयास करते हरिओम व राजस्थान की पुलिस से संपर्क हुआ जिसमें बताया कि थाना चुरू राजस्थान के एक फरियादी ने *आनलाईन धोखाधड़ी के मामले में अप.क्र. 132/22 दर्ज कराया था।* इस मामले में चुरू पुलिस के फोन नंबर के आधार पर इंदौर पहुंच चूकी राजस्थान पुलिस बिना संबंधित थाने व कंट्रोल रूम को सूचना दिये हरिओम एवं दिनेश को ले जा रही थी, जिसे थाना प्रभारी द्वारा फोन कर बताया गया कि इनके परिजन थाने पर *अपहरण एवं फिरौती का अपराध पंजीबद्ध कराने हेतु थाने पर आये है।* आप इन्हे तत्काल वापस थाना हीरानगर पर लेकर आये।
जिसे राजस्थान पुलिस के द्वारा अपनी चूक मानते हुए पहले मौखिक सूचना बाद जावरा जिला रतलाम से वापस लौटकर आरोपियों को लेकर रात 02 बजे थाना हीरानगर पर पहुँची तब मामले का पूरी तरह से पटाक्षेप हुआ. हरिओम और उसके साथी ने धोखाधड़ी की बात को स्वीकार किया और धोखाधड़ी की राशि प्रार्थी के खाते में वापस जमा की पश्चात् राजस्थान पुलिस द्वारा कार्यवाही कर दोनों आरोपियों को छोड़ा गया. तब जाकर परिजनों ने राहत की साँस ली. हीरानगर पुलिस की सूझबूझपूर्वक व तत्परतापूर्वक कार्रवाई के चलते कोई अप्रिय स्थिति निर्मित नहीं हुई. इसके लिए के लिए स्वयं राजस्थान पुलिस टीम ने और तथाकथित अपहृतों के परिजनों ने हीरानगर टी आई और उनकी टीम को धन्यवाद दिया.
उपरोक्त संपूर्ण कार्यवाही में थाना प्रभारी हीरानगर श्री सतीश पटेल, सउनि. किशनलाल, आर. अनिल परमार की सराहनीय भूमिका रही है।
