बाणगंगा पुलिस की त्वरित व सराहनीय कार्यवाही
थाना बाणगंगा क्षेत्र में लावारिस घूमती हुई नाबालिग बालिका को पुलिस ने चंद घंटों में परिवार को सौंपा
इंदौर। शहर में नाबालिगो के जुड़े मामलों में गंभीरता से कार्रवाई करने के लिए कमिश्नर ऑफ पुलिस इंदौर श्री हरिनारायण चारी मिश्र और एडिशनल कमिश्नर ऑफ पुलिस इंदौर श्री मनीष कपूरिया ने निर्देश दिए है। इसी कड़ी में डीसीपी झोन 3 श्री धर्मेंद्र सिंह भदौरिया और एसीपी के मार्गदर्शन में पुलिस थाना बाणगंगा ने एक नाबालिग बालिकाओं को ढूंढ कर उसके परिजनों को सौंपा है।
दिनाक 21 अप्रैल 2022 को पुलिस को बाणगंगा इलाके में उज्जैन नाके पर एक लावारिस बच्ची घूमती हुई दिखाई दी जो डरी सहमी सी थी जिसका नाम पता पूछा जिसने अपना नाम याशिका (परिवर्तित नाम) उम्र 14 वर्ष निवासी जेल रोड महू का होना बताया।
थाना बाणगंगा कि महिला उप निरीक्षक निधि मित्तल द्वारा बालिका से पूछताछ की गई पूछताछ में बालिका द्वारा बताया कि मामा और नानी ने डांटा था इसलिए गुस्सा होकर सुबह 9:00 बजे घर से बिना बताए निकल गई थी और घूमते हुए यहां तक आ गई और रास्ता भटक गई। बालिका से परिजनों के संबंध में पूछताछ की और बालिका के परिजनों के संबंध में पता कर संपर्क किया।
परिजनों के द्वारा बताया गया कि बच्ची सुबह से घर से बिना बताए निकली है जिसे सुबह से तलाश कर रहे हैं, जब कोई जानकारी नहीं मिली तो पुलिस को शिकायत की गई एवं थाना महू में बालिका के गुम होने के संबंध में अपराध पंजीबद्ध करवाया था ।
नाबालिग के मिलने की जानकारी उसके परिवार को दी गई। नाबालिग के सुरक्षित मिलने पर परिवार ने भी राहत की सांस ली। पुलिस द्वारा काउंसलिंग में नाबालिग ने बताया कि नानी उसे अक्सर डांटती थी, इसी बात से वह नाराज थी। आज दिनांक को भी नानी ने उसे डांट दिया तो वह बिना बताए घर से निकल गई थी। परिवार ने पुलिस की सक्रियता के लिए धन्यवाद दिया गया।
उक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी बाणगंगा निरीक्षक राजेंद्र प्रसाद सोनी , उप निरीक्षक निधि मित्तल, आरक्षक राधेश्याम जाट, महिला आरक्षक जया चौहान की सराहनीय भूमिका रही।
