डीएमएफ की कार्ययोजना में पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा, स्वास्थ्य और अधोसंरचना को दें प्राथमिकता – राज्यपाल डेका
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नई दिल्ली, 05 नवंबर । दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर घान की कटाई और पराली जलाने को लेकर झूठ बोले का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि 3 नवंबर को पंजाब में एक ही दिन में पराली जलाने की 584 घटनाएं दर्ज की गईं, जिसकी वजह से दिल्ली की वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) तीन-चार दिन मे ही 60 से बढ़कर 350 से 400 के स्तर तक पहुंचने की कगार पर है। सिरसा ने गुरुवार को शास्त्री पार्क स्थित ‘इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर’ (आईसीसीसी) का दौरे के दौरान कही। आईसीसीसी को वायु प्रदूषण की निगरानी के लिए स्थापित किया गया है।
सिरसा ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार को यह झूठ बोला कि पंजाब में धान की कटाई शुरू नहीं हुई है। उनकी अपनी सरकार के आंकड़ों के अनुसार, धान की कटाई 70 फीसद पूरी हो चुकी है।
सिरसा ने यह भी सवाल उठाया कि क्या पंजाब का धुआं दिल्ली तक पहुंचता है। मैं पंजाब में प्रदूषण के मौजूदा आंकड़े दिखा रहा हूं, बठिंडा में यह आंकड़ा 1100 से ऊपर है, तलवंडी साबो में 1000 से ज्यादा है, और अन्य इलाकों का भी यही हाल है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी पंजाब के लोगों और उनके बच्चों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रही है।
सिरसा ने कहा कि 30 अक्टूबर को दिल्ली में एक्यूआई स्तर 60 था और 31 अक्टूबर को यह 117 पर पहुंच गया। आप ही बताइए, इन तीन दिनों में ऐसा क्या हुआ कि प्रदूषण अचानक इतना बढ़ गया? दिल्ली में कोई नया निर्माण कार्य नहीं हुआ, कोई नई प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियां नहीं आईं और न ही कोई नया प्रदूषण फैलाने वाला उद्योग लगाया गया। उन्होंने कहा कि दिल्ली के लोगों ने पिछले एक साल में कड़ी मेहनत करके जिस हवा को साफ किया था, वह अचानक महज चार दिनों में प्रदूषित हो गई।
सिरसा ने कहा कि दिल्ली का आज एक्यूआई 350 से 400 के स्तर तक पहुंचने की कगार पर है। उन्होंने बताया कि 3 नवंबर को पंजाब में एक ही दिन में पराली जलाने की 584 घटनाएं दर्ज की गईं, जो अब तक का सबसे ऊंचा आंकड़ा है। ये आंकड़े खुद ‘पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड’ के हैं।
