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नई दिल्ली, 02 सितंबर । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज यहां सुषमा स्वराज भवन में जल शक्ति मंत्रालय के दो दिवसीय विभागीय शिखर सम्मेलन के समापन सत्र में शामिल होंगे। वे इस अवसर पर सभा को संबोधित भी करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय की विज्ञप्ति में यह जानकारी गई। यह प्रधानमंत्री की परिकल्पना पर केंद्रित पहला विभागीय शिखर सम्मेलन है।
प्रधानमंत्री कार्यालय की विज्ञप्ति के अनुसार, इसका उद्देश्य ‘टीम इंडिया’ की भावना को मजबूत करना, सहकारी संघवाद को और गहरा करना तथा केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय के माध्यम से राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी को बढ़ावा देना है। सम्मेलन में केंद्र और राज्य सरकारों के राजनीतिक नेतृत्व के साथ वरिष्ठ अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं।
सम्मेलन के पहले दिन जल क्षेत्र से जुड़ी प्रमुख प्राथमिकताओं पर विचार-विमर्श के अलावा विभिन्न राज्यों की बेहतर कार्यप्रणालियों को साझा करते हुए क्रियान्वयन से जुड़ी चुनौतियों का समाधान तलाशने और समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया गया। इसके अलावा जल बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के समय पर कार्यान्वयन, ‘जल संचय जन भागीदारी- कैच द रेन’, पेयजल प्रणालियों के स्रोतों की निरंतरता तथा जल जीवन मिशन 2.0 के तहत ग्रामीण पेयजल आपूर्ति योजनाओं के संचालन एवं रखरखाव जैसे चार प्रमुख क्षेत्रों पर चर्चा शुरू हुई।
इस विचार-विमर्श का उद्देश्य जल अवसंरचना परियोजनाओं को गति देना, जल संरक्षण में जनभागीदारी बढ़ाना, पेयजल स्रोतों की दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करना तथा ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल सेवाओं की विश्वसनीयता और जवाबदेही में सुधार के लिए ठोस एवं समयबद्ध कदम तय करना है।
