विट्ठल भाई पटेल की स्मृति में 12 वर्षों से जारी परंपरा, कला-साहित्य से इंजीनियर तक होंगे सम्मानित**
इंदौर। विट्ठल भाई पटेल सांस्कृतिक प्रतिष्ठान द्वारा रविवार, 6 सितंबर को इंदौर के प्रतिष्ठित रवीन्द्र नाट्य गृह में भव्य संगीत एवं सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा। समारोह में देश के प्रमुख कलाकारों, साहित्यकारों, चिकित्सकों, अधिवक्ताओं और इंजीनियरों को उनके क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा।
यह आयोजन स्वर्गीय विट्ठल भाई पटेल की स्मृति में वर्ष 2014 से लगातार आयोजित किया जा रहा है। कोरोना काल को छोड़कर यह परंपरा अब 12 वर्षों से निर्बाध चल रही है। कार्यक्रम का मूल स्वर है—कला, साहित्य और समाज सेवा की उस विरासत को जीवित रखना, जिसे सागर के जनकवि, फिल्मी गीतकार और गांधीवादी नेता विट्ठल भाई पटेल ने अपने जीवन में साधा था।
**कौन थे विट्ठल भैया**
स्वर्गीय विट्ठल भाई पटेल (21 मई 1936 – 7 सितंबर 2013) सागर के गौरव थे। राज कपूर की फिल्म *बॉबी* का अमर गीत **“झूठ बोले कौवा काटे”** उन्हीं की कलम से निकला। उन्होंने बॉलीवुड की कई फिल्मों—*सत्यम शिवम सुंदरम*, *सन्यासी*, *विश्वनाथ* आदि—में 50 से अधिक गीत लिखे। फिल्म *तीसरी कसम* के निर्माण में भी उनका भावपूर्ण योगदान रहा। गीतकार होने के साथ वे मध्यप्रदेश विधानसभा के दो बार विधायक और प्रदेश सरकार में मंत्री भी रहे। सागर में उन्हें “गांधी” कहकर पुकारा जाता था। प्रतिष्ठान हर वर्ष उनके जन्म-कर्म और रचनाधर्मिता को इसी समारोह के माध्यम से नमन करता है।
**कलाकारों की शिरकत**
कार्यक्रम के संयोजक ललित अग्रवाल और सह-संयोजक सुधीर मालवीय ने बताया कि इस वर्ष मुंबई, जबलपुर और भोपाल के ख्यातिलब्ध गायक-कलाकार मंच पर अपनी प्रस्तुति देंगे। सुर, साहित्य और सम्मान का यह संगम रवीन्द्र नाट्य गृह के सभागार को सांस्कृतिक उत्सव में बदल देगा। कार्यक्रम का संचालन संजय पटेल करेंगे।
श्री अग्रवाल ने कहा कि प्रतिष्ठान का उद्देश्य केवल स्मृति सभा नहीं, बल्कि उन लोगों का सम्मान करना है जो अपने-अपने क्षेत्र में समाज को कुछ दे रहे हैं—चाहे वे कलाकार हों, साहित्यकार हों, चिकित्सक हों, अधिवक्ता हों या इंजीनियर। उन्होंने बताया कि पिछले वर्षों में इंदौर, भोपाल और सागर में यह आयोजन हो चुका है और आने वाले समय में इसे देश के अन्य प्रमुख नगरों तक ले जाने की योजना है।
**सम्मान समारोह का स्वरूप**
समारोह के प्रथम चरण में विभिन्न क्षेत्रों की विभूतियों को प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिह्न और शॉल भेंटकर सम्मानित किया जाएगा। इसके पश्चात संगीत संध्या होगी, जिसमें फिल्मी, भक्ति और लोकधर्मी गीतों की प्रस्तुतियां होंगी। आयोजकों का कहना है कि मंच पर विट्ठल भाई के प्रसिद्ध गीतों को भी विशेष स्थान दिया जाएगा, ताकि नई पीढ़ी उनके रचना संसार से जुड़ सके।
कला प्रेमी, साहित्यकार, सामाजिक कार्यकर्ता और नगरवासी समारोह में सादर आमंत्रित हैं। आयोजकों ने अपील की है कि विट्ठल भैया की याद में जुटने वाला यह मंच कला और मानवता दोनों का उत्सव बने।