दुर्ग के भिलाई में बीती रात आरक्षक के बेटे की हत्या 1 minute read दुर्ग के भिलाई में बीती रात आरक्षक के बेटे की हत्या देवेंद्र साहू "नादान" माधव एक्सप्रेस December 30, 2024 0 दुर्ग 30 दिसंबर । दुर्ग जिले के भिलाई शहर में बीती रात युवक की हत्या का मामला... Read More Read more about दुर्ग के भिलाई में बीती रात आरक्षक के बेटे की हत्या
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज कैबिनेट बैठक मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज कैबिनेट बैठक देवेंद्र साहू "नादान" माधव एक्सप्रेस December 30, 2024 0 रायपुर, 30 दिसंबर । मंत्रालय, महानदी भवन में आज साेमवार दोपहर 3.30 बजे से कैबिनेट की बैठक... Read More Read more about मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज कैबिनेट बैठक
गौरेला पेण्ड्रा मरवाही : पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन अब 31 जनवरी तक गौरेला पेण्ड्रा मरवाही, 29 दिसंबर (हि.स.)। शैक्षणिक सत्र 2024-25 में 12वीं से उच्चतर कक्षाओं के लिए ऑनलाइन पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति का पंजीयन, स्वीकृति एवं वितरण की कार्रवाई वेबसाइट पोस्ट मैट्रिक-स्कॉलरशीप डॉट सीजी डॉट एनआईसी डॉट इन पर ऑनलाइन किया जा रहा है। इसकी अंतिम तिथि में वृद्धि करते हुए अब 31 जनवरी 2025 किया गया है। ड्राफ्ट प्रपोजल लॉक करने के लिए 1 जनवरी से 15 फरवरी 2025 और सेंक्शन ऑर्डर लॉक करने के लिए 1 जनवरी से 28 फरवरी 2025 तक समय निर्धारित है। सहायक आयुक्त आदिवासी विकास ने बताया है कि, जिले में संचालित सभी सरकारी और निजी महाविद्यालयों, इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, पॉलीटेक्निक कॉलेज और आईटीआई में अध्यनरत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थी, जो विभाग द्वारा संचालित पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए पात्रता रखते हैं, वे निर्धारित समय तक आवेदन कर सकते हैं। जानकारी के मुताबिक वर्ष 2024-25 से छात्रवृत्ति का भुगतान पीएफएमएस के माध्यम से किया जा रहा है। सभी विद्यार्थियों को ऑनलाइन आवेदन करते समय उनका बचत खाता सक्रिय हो एवं आधार सीडेड बैंक खाता नंबर की प्रविष्टि सुनिश्चित करना होगा। साथ ही सत्र 2024-25 से अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को अनिवार्य रूप से ओटीआर की प्रविष्टि ऑनलाइन आवेदन करते समय करना होगा। ओटीआर की प्रविष्टि के संबंध में संस्थाओं की ओर से विद्यार्थियों को अधिक जानकारी दी जाएगी। 1 minute read गौरेला पेण्ड्रा मरवाही : पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन अब 31 जनवरी तक गौरेला पेण्ड्रा मरवाही, 29 दिसंबर (हि.स.)। शैक्षणिक सत्र 2024-25 में 12वीं से उच्चतर कक्षाओं के लिए ऑनलाइन पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति का पंजीयन, स्वीकृति एवं वितरण की कार्रवाई वेबसाइट पोस्ट मैट्रिक-स्कॉलरशीप डॉट सीजी डॉट एनआईसी डॉट इन पर ऑनलाइन किया जा रहा है। इसकी अंतिम तिथि में वृद्धि करते हुए अब 31 जनवरी 2025 किया गया है। ड्राफ्ट प्रपोजल लॉक करने के लिए 1 जनवरी से 15 फरवरी 2025 और सेंक्शन ऑर्डर लॉक करने के लिए 1 जनवरी से 28 फरवरी 2025 तक समय निर्धारित है। सहायक आयुक्त आदिवासी विकास ने बताया है कि, जिले में संचालित सभी सरकारी और निजी महाविद्यालयों, इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, पॉलीटेक्निक कॉलेज और आईटीआई में अध्यनरत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थी, जो विभाग द्वारा संचालित पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए पात्रता रखते हैं, वे निर्धारित समय तक आवेदन कर सकते हैं। जानकारी के मुताबिक वर्ष 2024-25 से छात्रवृत्ति का भुगतान पीएफएमएस के माध्यम से किया जा रहा है। सभी विद्यार्थियों को ऑनलाइन आवेदन करते समय उनका बचत खाता सक्रिय हो एवं आधार सीडेड बैंक खाता नंबर की प्रविष्टि सुनिश्चित करना होगा। साथ ही सत्र 2024-25 से अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को अनिवार्य रूप से ओटीआर की प्रविष्टि ऑनलाइन आवेदन करते समय करना होगा। ओटीआर की प्रविष्टि के संबंध में संस्थाओं की ओर से विद्यार्थियों को अधिक जानकारी दी जाएगी। देवेंद्र साहू "नादान" माधव एक्सप्रेस December 29, 2024 0 गौरेला पेण्ड्रा मरवाही, 29 दिसंबर । शैक्षणिक सत्र 2024-25 में 12वीं से उच्चतर कक्षाओं के लिए ऑनलाइन... Read More Read more about गौरेला पेण्ड्रा मरवाही : पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन अब 31 जनवरी तक गौरेला पेण्ड्रा मरवाही, 29 दिसंबर (हि.स.)। शैक्षणिक सत्र 2024-25 में 12वीं से उच्चतर कक्षाओं के लिए ऑनलाइन पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति का पंजीयन, स्वीकृति एवं वितरण की कार्रवाई वेबसाइट पोस्ट मैट्रिक-स्कॉलरशीप डॉट सीजी डॉट एनआईसी डॉट इन पर ऑनलाइन किया जा रहा है। इसकी अंतिम तिथि में वृद्धि करते हुए अब 31 जनवरी 2025 किया गया है। ड्राफ्ट प्रपोजल लॉक करने के लिए 1 जनवरी से 15 फरवरी 2025 और सेंक्शन ऑर्डर लॉक करने के लिए 1 जनवरी से 28 फरवरी 2025 तक समय निर्धारित है। सहायक आयुक्त आदिवासी विकास ने बताया है कि, जिले में संचालित सभी सरकारी और निजी महाविद्यालयों, इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, पॉलीटेक्निक कॉलेज और आईटीआई में अध्यनरत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थी, जो विभाग द्वारा संचालित पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए पात्रता रखते हैं, वे निर्धारित समय तक आवेदन कर सकते हैं। जानकारी के मुताबिक वर्ष 2024-25 से छात्रवृत्ति का भुगतान पीएफएमएस के माध्यम से किया जा रहा है। सभी विद्यार्थियों को ऑनलाइन आवेदन करते समय उनका बचत खाता सक्रिय हो एवं आधार सीडेड बैंक खाता नंबर की प्रविष्टि सुनिश्चित करना होगा। साथ ही सत्र 2024-25 से अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को अनिवार्य रूप से ओटीआर की प्रविष्टि ऑनलाइन आवेदन करते समय करना होगा। ओटीआर की प्रविष्टि के संबंध में संस्थाओं की ओर से विद्यार्थियों को अधिक जानकारी दी जाएगी।
गौरेला पेण्ड्रा मरवाही : पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन अब 31 जनवरी तक गौरेला पेण्ड्रा मरवाही, 29 दिसंबर (हि.स.)। शैक्षणिक सत्र 2024-25 में 12वीं से उच्चतर कक्षाओं के लिए ऑनलाइन पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति का पंजीयन, स्वीकृति एवं वितरण की कार्रवाई वेबसाइट पोस्ट मैट्रिक-स्कॉलरशीप डॉट सीजी डॉट एनआईसी डॉट इन पर ऑनलाइन किया जा रहा है। इसकी अंतिम तिथि में वृद्धि करते हुए अब 31 जनवरी 2025 किया गया है। ड्राफ्ट प्रपोजल लॉक करने के लिए 1 जनवरी से 15 फरवरी 2025 और सेंक्शन ऑर्डर लॉक करने के लिए 1 जनवरी से 28 फरवरी 2025 तक समय निर्धारित है। सहायक आयुक्त आदिवासी विकास ने बताया है कि, जिले में संचालित सभी सरकारी और निजी महाविद्यालयों, इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, पॉलीटेक्निक कॉलेज और आईटीआई में अध्यनरत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थी, जो विभाग द्वारा संचालित पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए पात्रता रखते हैं, वे निर्धारित समय तक आवेदन कर सकते हैं। जानकारी के मुताबिक वर्ष 2024-25 से छात्रवृत्ति का भुगतान पीएफएमएस के माध्यम से किया जा रहा है। सभी विद्यार्थियों को ऑनलाइन आवेदन करते समय उनका बचत खाता सक्रिय हो एवं आधार सीडेड बैंक खाता नंबर की प्रविष्टि सुनिश्चित करना होगा। साथ ही सत्र 2024-25 से अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को अनिवार्य रूप से ओटीआर की प्रविष्टि ऑनलाइन आवेदन करते समय करना होगा। ओटीआर की प्रविष्टि के संबंध में संस्थाओं की ओर से विद्यार्थियों को अधिक जानकारी दी जाएगी। 1 minute read गौरेला पेण्ड्रा मरवाही : पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन अब 31 जनवरी तक गौरेला पेण्ड्रा मरवाही, 29 दिसंबर (हि.स.)। शैक्षणिक सत्र 2024-25 में 12वीं से उच्चतर कक्षाओं के लिए ऑनलाइन पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति का पंजीयन, स्वीकृति एवं वितरण की कार्रवाई वेबसाइट पोस्ट मैट्रिक-स्कॉलरशीप डॉट सीजी डॉट एनआईसी डॉट इन पर ऑनलाइन किया जा रहा है। इसकी अंतिम तिथि में वृद्धि करते हुए अब 31 जनवरी 2025 किया गया है। ड्राफ्ट प्रपोजल लॉक करने के लिए 1 जनवरी से 15 फरवरी 2025 और सेंक्शन ऑर्डर लॉक करने के लिए 1 जनवरी से 28 फरवरी 2025 तक समय निर्धारित है। सहायक आयुक्त आदिवासी विकास ने बताया है कि, जिले में संचालित सभी सरकारी और निजी महाविद्यालयों, इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, पॉलीटेक्निक कॉलेज और आईटीआई में अध्यनरत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थी, जो विभाग द्वारा संचालित पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए पात्रता रखते हैं, वे निर्धारित समय तक आवेदन कर सकते हैं। जानकारी के मुताबिक वर्ष 2024-25 से छात्रवृत्ति का भुगतान पीएफएमएस के माध्यम से किया जा रहा है। सभी विद्यार्थियों को ऑनलाइन आवेदन करते समय उनका बचत खाता सक्रिय हो एवं आधार सीडेड बैंक खाता नंबर की प्रविष्टि सुनिश्चित करना होगा। साथ ही सत्र 2024-25 से अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को अनिवार्य रूप से ओटीआर की प्रविष्टि ऑनलाइन आवेदन करते समय करना होगा। ओटीआर की प्रविष्टि के संबंध में संस्थाओं की ओर से विद्यार्थियों को अधिक जानकारी दी जाएगी। देवेंद्र साहू "नादान" माधव एक्सप्रेस December 29, 2024 0 गौरेला पेण्ड्रा मरवाही, 29 दिसंबर । शैक्षणिक सत्र 2024-25 में 12वीं से उच्चतर कक्षाओं के लिए ऑनलाइन... Read More Read more about गौरेला पेण्ड्रा मरवाही : पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन अब 31 जनवरी तक गौरेला पेण्ड्रा मरवाही, 29 दिसंबर (हि.स.)। शैक्षणिक सत्र 2024-25 में 12वीं से उच्चतर कक्षाओं के लिए ऑनलाइन पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति का पंजीयन, स्वीकृति एवं वितरण की कार्रवाई वेबसाइट पोस्ट मैट्रिक-स्कॉलरशीप डॉट सीजी डॉट एनआईसी डॉट इन पर ऑनलाइन किया जा रहा है। इसकी अंतिम तिथि में वृद्धि करते हुए अब 31 जनवरी 2025 किया गया है। ड्राफ्ट प्रपोजल लॉक करने के लिए 1 जनवरी से 15 फरवरी 2025 और सेंक्शन ऑर्डर लॉक करने के लिए 1 जनवरी से 28 फरवरी 2025 तक समय निर्धारित है। सहायक आयुक्त आदिवासी विकास ने बताया है कि, जिले में संचालित सभी सरकारी और निजी महाविद्यालयों, इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, पॉलीटेक्निक कॉलेज और आईटीआई में अध्यनरत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थी, जो विभाग द्वारा संचालित पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए पात्रता रखते हैं, वे निर्धारित समय तक आवेदन कर सकते हैं। जानकारी के मुताबिक वर्ष 2024-25 से छात्रवृत्ति का भुगतान पीएफएमएस के माध्यम से किया जा रहा है। सभी विद्यार्थियों को ऑनलाइन आवेदन करते समय उनका बचत खाता सक्रिय हो एवं आधार सीडेड बैंक खाता नंबर की प्रविष्टि सुनिश्चित करना होगा। साथ ही सत्र 2024-25 से अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को अनिवार्य रूप से ओटीआर की प्रविष्टि ऑनलाइन आवेदन करते समय करना होगा। ओटीआर की प्रविष्टि के संबंध में संस्थाओं की ओर से विद्यार्थियों को अधिक जानकारी दी जाएगी।
गौरेला पेण्ड्रा मरवाही : पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन अब 31 जनवरी तक गौरेला पेण्ड्रा मरवाही, 29 दिसंबर (हि.स.)। शैक्षणिक सत्र 2024-25 में 12वीं से उच्चतर कक्षाओं के लिए ऑनलाइन पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति का पंजीयन, स्वीकृति एवं वितरण की कार्रवाई वेबसाइट पोस्ट मैट्रिक-स्कॉलरशीप डॉट सीजी डॉट एनआईसी डॉट इन पर ऑनलाइन किया जा रहा है। इसकी अंतिम तिथि में वृद्धि करते हुए अब 31 जनवरी 2025 किया गया है। ड्राफ्ट प्रपोजल लॉक करने के लिए 1 जनवरी से 15 फरवरी 2025 और सेंक्शन ऑर्डर लॉक करने के लिए 1 जनवरी से 28 फरवरी 2025 तक समय निर्धारित है। सहायक आयुक्त आदिवासी विकास ने बताया है कि, जिले में संचालित सभी सरकारी और निजी महाविद्यालयों, इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, पॉलीटेक्निक कॉलेज और आईटीआई में अध्यनरत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थी, जो विभाग द्वारा संचालित पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए पात्रता रखते हैं, वे निर्धारित समय तक आवेदन कर सकते हैं। जानकारी के मुताबिक वर्ष 2024-25 से छात्रवृत्ति का भुगतान पीएफएमएस के माध्यम से किया जा रहा है। सभी विद्यार्थियों को ऑनलाइन आवेदन करते समय उनका बचत खाता सक्रिय हो एवं आधार सीडेड बैंक खाता नंबर की प्रविष्टि सुनिश्चित करना होगा। साथ ही सत्र 2024-25 से अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को अनिवार्य रूप से ओटीआर की प्रविष्टि ऑनलाइन आवेदन करते समय करना होगा। ओटीआर की प्रविष्टि के संबंध में संस्थाओं की ओर से विद्यार्थियों को अधिक जानकारी दी जाएगी। 1 minute read गौरेला पेण्ड्रा मरवाही : पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन अब 31 जनवरी तक गौरेला पेण्ड्रा मरवाही, 29 दिसंबर (हि.स.)। शैक्षणिक सत्र 2024-25 में 12वीं से उच्चतर कक्षाओं के लिए ऑनलाइन पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति का पंजीयन, स्वीकृति एवं वितरण की कार्रवाई वेबसाइट पोस्ट मैट्रिक-स्कॉलरशीप डॉट सीजी डॉट एनआईसी डॉट इन पर ऑनलाइन किया जा रहा है। इसकी अंतिम तिथि में वृद्धि करते हुए अब 31 जनवरी 2025 किया गया है। ड्राफ्ट प्रपोजल लॉक करने के लिए 1 जनवरी से 15 फरवरी 2025 और सेंक्शन ऑर्डर लॉक करने के लिए 1 जनवरी से 28 फरवरी 2025 तक समय निर्धारित है। सहायक आयुक्त आदिवासी विकास ने बताया है कि, जिले में संचालित सभी सरकारी और निजी महाविद्यालयों, इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, पॉलीटेक्निक कॉलेज और आईटीआई में अध्यनरत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थी, जो विभाग द्वारा संचालित पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए पात्रता रखते हैं, वे निर्धारित समय तक आवेदन कर सकते हैं। जानकारी के मुताबिक वर्ष 2024-25 से छात्रवृत्ति का भुगतान पीएफएमएस के माध्यम से किया जा रहा है। सभी विद्यार्थियों को ऑनलाइन आवेदन करते समय उनका बचत खाता सक्रिय हो एवं आधार सीडेड बैंक खाता नंबर की प्रविष्टि सुनिश्चित करना होगा। साथ ही सत्र 2024-25 से अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को अनिवार्य रूप से ओटीआर की प्रविष्टि ऑनलाइन आवेदन करते समय करना होगा। ओटीआर की प्रविष्टि के संबंध में संस्थाओं की ओर से विद्यार्थियों को अधिक जानकारी दी जाएगी। देवेंद्र साहू "नादान" माधव एक्सप्रेस December 29, 2024 0 गौरेला पेण्ड्रा मरवाही, 29 दिसंबर । शैक्षणिक सत्र 2024-25 में 12वीं से उच्चतर कक्षाओं के लिए ऑनलाइन... Read More Read more about गौरेला पेण्ड्रा मरवाही : पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन अब 31 जनवरी तक गौरेला पेण्ड्रा मरवाही, 29 दिसंबर (हि.स.)। शैक्षणिक सत्र 2024-25 में 12वीं से उच्चतर कक्षाओं के लिए ऑनलाइन पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति का पंजीयन, स्वीकृति एवं वितरण की कार्रवाई वेबसाइट पोस्ट मैट्रिक-स्कॉलरशीप डॉट सीजी डॉट एनआईसी डॉट इन पर ऑनलाइन किया जा रहा है। इसकी अंतिम तिथि में वृद्धि करते हुए अब 31 जनवरी 2025 किया गया है। ड्राफ्ट प्रपोजल लॉक करने के लिए 1 जनवरी से 15 फरवरी 2025 और सेंक्शन ऑर्डर लॉक करने के लिए 1 जनवरी से 28 फरवरी 2025 तक समय निर्धारित है। सहायक आयुक्त आदिवासी विकास ने बताया है कि, जिले में संचालित सभी सरकारी और निजी महाविद्यालयों, इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, पॉलीटेक्निक कॉलेज और आईटीआई में अध्यनरत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थी, जो विभाग द्वारा संचालित पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए पात्रता रखते हैं, वे निर्धारित समय तक आवेदन कर सकते हैं। जानकारी के मुताबिक वर्ष 2024-25 से छात्रवृत्ति का भुगतान पीएफएमएस के माध्यम से किया जा रहा है। सभी विद्यार्थियों को ऑनलाइन आवेदन करते समय उनका बचत खाता सक्रिय हो एवं आधार सीडेड बैंक खाता नंबर की प्रविष्टि सुनिश्चित करना होगा। साथ ही सत्र 2024-25 से अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को अनिवार्य रूप से ओटीआर की प्रविष्टि ऑनलाइन आवेदन करते समय करना होगा। ओटीआर की प्रविष्टि के संबंध में संस्थाओं की ओर से विद्यार्थियों को अधिक जानकारी दी जाएगी।
भाजपा नेताओं के संरक्षण में पट्टे की जमीन कब्जाने व जमीन मुक्त करवाने का चल रहा अवैध कारोबार पंच-सरपचों को किया जा रहा आगे, ग्रामीण भी अनजाने में देते हैं साथ जगदलपुर, 29 दिसंबर(हि.स.)। बस्तर जिले के चित्रकोट और जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र में पिछले कुछ सालों से जमीन का कारोबार खूब फल-फूल रहा है, पर भाजपा के शासनकाल में पट्टे की जमीन को भी जबरन कब्जा किया जा रहा है। इस काम में लगे लोगों को कुछ भाजपा नेताओं का संरक्षण मिला हुआ है, इसके कारण इनके हौसले बुलंद हैं। ज् उल्लेखनीय है कि जगदलपुर और चित्रकोट विधानसभा में बड़ी संख्या में शहर के लोगों ने जमीन खरीद कर रखे हैं। कई लोगों ने जमीन को खाली छोड़ दी थी, ऐसे जमीन पर ग्रामीणों के माध्यम से जबरन कब्जा जमा लिया जा रहा है। इसके बाद जमीन के खरीददार को अवैध कब्जा खाली करवाने में काफी आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस मामले में जब राजनीतिक दलों के लोगों से राय जानने का प्रयास किया गया तो सभी ने इसे गलत बताते हुए भाजपा शासनकाल में कुछ भाजपा नेताओं के संरक्षण में काम होने का आरोप लगाया है। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता पंडित उमाशंकर शुक्ला ने कहा कि पट्टे की जमीन हो या फिर नजूल जमीन उस पर अवैध कब्जा करने और ग्रामीणों को उकसाने वाले लोगों को चिन्हित कर शासन-प्रशासन को कड़ी से कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों में खाली पड़ी जमीन को गांव के सरपंच, पटेल, कोटवार आदि प्रमुख लोगों से मिलकर बहला-फुसलाकर विक्रय किया जा रहा है, जबकि गांव के लोगों को मकान के लिए जमीन नहीं है। ऐसी घटना जिले में कई जगहों पर हो रही है, ऐसे कृत्य करने वाले किसी भी दल के नेता हों या फिर प्रशासनिक अधिकारी, इन पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। जनता कांग्रेस छग जे के संभाग अध्यक्ष नवनीत चांद ने कहा कि इस तरह की घटना से भाजपा का चाल-चरित्र उजागर हुआ है। इसमें छोटे नहीं बड़े नेताओं का भी हाथ है। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर जनता कांग्रेस और बस्तर अधिकार मुक्तिमोर्चा द्वारा कलेक्टर व कमिश्नर सहित मुख्य सचिव को पत्र लिखा जाएगा और इस तरह की गतिविधियों पर कार्रवाई करने की मांग की जाएगी। उन्होंने कहा कि कुछ इस तरह के लोग पर्दे के पीछे से सामाजिक समरसता भी बिगाड़ने का काम कर रहे हैं। शासन-प्रशासन को मामले की जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। कांग्रेस कमेटी के शहर अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार सत्ता में आते ही भू-माफियाओं का राज आ गया है। उन्होंने कहा कि लोगों की खून-पसीने की कमाई से खरीदी गयी जमीन पर भी अवैध कब्जा किया जा रहा है। इस तरह के कृत्य पर प्रशासन को रोक लगानी चाहिए। उन्होंने कहा कि बस्तर में लंबे समय से बदोबस्त प्रक्रिया नहीं हुई है, इसे भी प्रशासन को करवाना चाहिए। पूर्व विधायक रेखचंद जैन ने कहा कि भाजपा की कथनी और करनी में अंतर है। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनते ही कुछ नेताओं के संरक्षण में भू-माफिया सक्रिय हैं। निजी भूमि पर भी जबरन कब्जा करवाकर जबरन विवाद उत्पन्न किया जा रहा है। इसके कारण भू-स्वामियों को परेशान होना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामले पर शासन-प्रशासन को गंभीरता दिखाते हुए कार्रवाई करनी चाहिए। 1 minute read भाजपा नेताओं के संरक्षण में पट्टे की जमीन कब्जाने व जमीन मुक्त करवाने का चल रहा अवैध कारोबार पंच-सरपचों को किया जा रहा आगे, ग्रामीण भी अनजाने में देते हैं साथ जगदलपुर, 29 दिसंबर(हि.स.)। बस्तर जिले के चित्रकोट और जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र में पिछले कुछ सालों से जमीन का कारोबार खूब फल-फूल रहा है, पर भाजपा के शासनकाल में पट्टे की जमीन को भी जबरन कब्जा किया जा रहा है। इस काम में लगे लोगों को कुछ भाजपा नेताओं का संरक्षण मिला हुआ है, इसके कारण इनके हौसले बुलंद हैं। ज् उल्लेखनीय है कि जगदलपुर और चित्रकोट विधानसभा में बड़ी संख्या में शहर के लोगों ने जमीन खरीद कर रखे हैं। कई लोगों ने जमीन को खाली छोड़ दी थी, ऐसे जमीन पर ग्रामीणों के माध्यम से जबरन कब्जा जमा लिया जा रहा है। इसके बाद जमीन के खरीददार को अवैध कब्जा खाली करवाने में काफी आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस मामले में जब राजनीतिक दलों के लोगों से राय जानने का प्रयास किया गया तो सभी ने इसे गलत बताते हुए भाजपा शासनकाल में कुछ भाजपा नेताओं के संरक्षण में काम होने का आरोप लगाया है। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता पंडित उमाशंकर शुक्ला ने कहा कि पट्टे की जमीन हो या फिर नजूल जमीन उस पर अवैध कब्जा करने और ग्रामीणों को उकसाने वाले लोगों को चिन्हित कर शासन-प्रशासन को कड़ी से कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों में खाली पड़ी जमीन को गांव के सरपंच, पटेल, कोटवार आदि प्रमुख लोगों से मिलकर बहला-फुसलाकर विक्रय किया जा रहा है, जबकि गांव के लोगों को मकान के लिए जमीन नहीं है। ऐसी घटना जिले में कई जगहों पर हो रही है, ऐसे कृत्य करने वाले किसी भी दल के नेता हों या फिर प्रशासनिक अधिकारी, इन पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। जनता कांग्रेस छग जे के संभाग अध्यक्ष नवनीत चांद ने कहा कि इस तरह की घटना से भाजपा का चाल-चरित्र उजागर हुआ है। इसमें छोटे नहीं बड़े नेताओं का भी हाथ है। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर जनता कांग्रेस और बस्तर अधिकार मुक्तिमोर्चा द्वारा कलेक्टर व कमिश्नर सहित मुख्य सचिव को पत्र लिखा जाएगा और इस तरह की गतिविधियों पर कार्रवाई करने की मांग की जाएगी। उन्होंने कहा कि कुछ इस तरह के लोग पर्दे के पीछे से सामाजिक समरसता भी बिगाड़ने का काम कर रहे हैं। शासन-प्रशासन को मामले की जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। कांग्रेस कमेटी के शहर अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार सत्ता में आते ही भू-माफियाओं का राज आ गया है। उन्होंने कहा कि लोगों की खून-पसीने की कमाई से खरीदी गयी जमीन पर भी अवैध कब्जा किया जा रहा है। इस तरह के कृत्य पर प्रशासन को रोक लगानी चाहिए। उन्होंने कहा कि बस्तर में लंबे समय से बदोबस्त प्रक्रिया नहीं हुई है, इसे भी प्रशासन को करवाना चाहिए। पूर्व विधायक रेखचंद जैन ने कहा कि भाजपा की कथनी और करनी में अंतर है। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनते ही कुछ नेताओं के संरक्षण में भू-माफिया सक्रिय हैं। निजी भूमि पर भी जबरन कब्जा करवाकर जबरन विवाद उत्पन्न किया जा रहा है। इसके कारण भू-स्वामियों को परेशान होना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामले पर शासन-प्रशासन को गंभीरता दिखाते हुए कार्रवाई करनी चाहिए। देवेंद्र साहू "नादान" माधव एक्सप्रेस December 29, 2024 0 पंच-सरपचों को किया जा रहा आगे, ग्रामीण भी अनजाने में देते हैं साथ जगदलपुर, 29 दिसंबर। बस्तर... Read More Read more about भाजपा नेताओं के संरक्षण में पट्टे की जमीन कब्जाने व जमीन मुक्त करवाने का चल रहा अवैध कारोबार पंच-सरपचों को किया जा रहा आगे, ग्रामीण भी अनजाने में देते हैं साथ जगदलपुर, 29 दिसंबर(हि.स.)। बस्तर जिले के चित्रकोट और जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र में पिछले कुछ सालों से जमीन का कारोबार खूब फल-फूल रहा है, पर भाजपा के शासनकाल में पट्टे की जमीन को भी जबरन कब्जा किया जा रहा है। इस काम में लगे लोगों को कुछ भाजपा नेताओं का संरक्षण मिला हुआ है, इसके कारण इनके हौसले बुलंद हैं। ज् उल्लेखनीय है कि जगदलपुर और चित्रकोट विधानसभा में बड़ी संख्या में शहर के लोगों ने जमीन खरीद कर रखे हैं। कई लोगों ने जमीन को खाली छोड़ दी थी, ऐसे जमीन पर ग्रामीणों के माध्यम से जबरन कब्जा जमा लिया जा रहा है। इसके बाद जमीन के खरीददार को अवैध कब्जा खाली करवाने में काफी आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस मामले में जब राजनीतिक दलों के लोगों से राय जानने का प्रयास किया गया तो सभी ने इसे गलत बताते हुए भाजपा शासनकाल में कुछ भाजपा नेताओं के संरक्षण में काम होने का आरोप लगाया है। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता पंडित उमाशंकर शुक्ला ने कहा कि पट्टे की जमीन हो या फिर नजूल जमीन उस पर अवैध कब्जा करने और ग्रामीणों को उकसाने वाले लोगों को चिन्हित कर शासन-प्रशासन को कड़ी से कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों में खाली पड़ी जमीन को गांव के सरपंच, पटेल, कोटवार आदि प्रमुख लोगों से मिलकर बहला-फुसलाकर विक्रय किया जा रहा है, जबकि गांव के लोगों को मकान के लिए जमीन नहीं है। ऐसी घटना जिले में कई जगहों पर हो रही है, ऐसे कृत्य करने वाले किसी भी दल के नेता हों या फिर प्रशासनिक अधिकारी, इन पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। जनता कांग्रेस छग जे के संभाग अध्यक्ष नवनीत चांद ने कहा कि इस तरह की घटना से भाजपा का चाल-चरित्र उजागर हुआ है। इसमें छोटे नहीं बड़े नेताओं का भी हाथ है। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर जनता कांग्रेस और बस्तर अधिकार मुक्तिमोर्चा द्वारा कलेक्टर व कमिश्नर सहित मुख्य सचिव को पत्र लिखा जाएगा और इस तरह की गतिविधियों पर कार्रवाई करने की मांग की जाएगी। उन्होंने कहा कि कुछ इस तरह के लोग पर्दे के पीछे से सामाजिक समरसता भी बिगाड़ने का काम कर रहे हैं। शासन-प्रशासन को मामले की जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। कांग्रेस कमेटी के शहर अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार सत्ता में आते ही भू-माफियाओं का राज आ गया है। उन्होंने कहा कि लोगों की खून-पसीने की कमाई से खरीदी गयी जमीन पर भी अवैध कब्जा किया जा रहा है। इस तरह के कृत्य पर प्रशासन को रोक लगानी चाहिए। उन्होंने कहा कि बस्तर में लंबे समय से बदोबस्त प्रक्रिया नहीं हुई है, इसे भी प्रशासन को करवाना चाहिए। पूर्व विधायक रेखचंद जैन ने कहा कि भाजपा की कथनी और करनी में अंतर है। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनते ही कुछ नेताओं के संरक्षण में भू-माफिया सक्रिय हैं। निजी भूमि पर भी जबरन कब्जा करवाकर जबरन विवाद उत्पन्न किया जा रहा है। इसके कारण भू-स्वामियों को परेशान होना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामले पर शासन-प्रशासन को गंभीरता दिखाते हुए कार्रवाई करनी चाहिए।
भाजपा नेताओं के संरक्षण में पट्टे की जमीन कब्जाने व जमीन मुक्त करवाने का चल रहा अवैध कारोबार पंच-सरपचों को किया जा रहा आगे, ग्रामीण भी अनजाने में देते हैं साथ जगदलपुर, 29 दिसंबर(हि.स.)। बस्तर जिले के चित्रकोट और जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र में पिछले कुछ सालों से जमीन का कारोबार खूब फल-फूल रहा है, पर भाजपा के शासनकाल में पट्टे की जमीन को भी जबरन कब्जा किया जा रहा है। इस काम में लगे लोगों को कुछ भाजपा नेताओं का संरक्षण मिला हुआ है, इसके कारण इनके हौसले बुलंद हैं। ज् उल्लेखनीय है कि जगदलपुर और चित्रकोट विधानसभा में बड़ी संख्या में शहर के लोगों ने जमीन खरीद कर रखे हैं। कई लोगों ने जमीन को खाली छोड़ दी थी, ऐसे जमीन पर ग्रामीणों के माध्यम से जबरन कब्जा जमा लिया जा रहा है। इसके बाद जमीन के खरीददार को अवैध कब्जा खाली करवाने में काफी आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस मामले में जब राजनीतिक दलों के लोगों से राय जानने का प्रयास किया गया तो सभी ने इसे गलत बताते हुए भाजपा शासनकाल में कुछ भाजपा नेताओं के संरक्षण में काम होने का आरोप लगाया है। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता पंडित उमाशंकर शुक्ला ने कहा कि पट्टे की जमीन हो या फिर नजूल जमीन उस पर अवैध कब्जा करने और ग्रामीणों को उकसाने वाले लोगों को चिन्हित कर शासन-प्रशासन को कड़ी से कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों में खाली पड़ी जमीन को गांव के सरपंच, पटेल, कोटवार आदि प्रमुख लोगों से मिलकर बहला-फुसलाकर विक्रय किया जा रहा है, जबकि गांव के लोगों को मकान के लिए जमीन नहीं है। ऐसी घटना जिले में कई जगहों पर हो रही है, ऐसे कृत्य करने वाले किसी भी दल के नेता हों या फिर प्रशासनिक अधिकारी, इन पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। जनता कांग्रेस छग जे के संभाग अध्यक्ष नवनीत चांद ने कहा कि इस तरह की घटना से भाजपा का चाल-चरित्र उजागर हुआ है। इसमें छोटे नहीं बड़े नेताओं का भी हाथ है। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर जनता कांग्रेस और बस्तर अधिकार मुक्तिमोर्चा द्वारा कलेक्टर व कमिश्नर सहित मुख्य सचिव को पत्र लिखा जाएगा और इस तरह की गतिविधियों पर कार्रवाई करने की मांग की जाएगी। उन्होंने कहा कि कुछ इस तरह के लोग पर्दे के पीछे से सामाजिक समरसता भी बिगाड़ने का काम कर रहे हैं। शासन-प्रशासन को मामले की जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। कांग्रेस कमेटी के शहर अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार सत्ता में आते ही भू-माफियाओं का राज आ गया है। उन्होंने कहा कि लोगों की खून-पसीने की कमाई से खरीदी गयी जमीन पर भी अवैध कब्जा किया जा रहा है। इस तरह के कृत्य पर प्रशासन को रोक लगानी चाहिए। उन्होंने कहा कि बस्तर में लंबे समय से बदोबस्त प्रक्रिया नहीं हुई है, इसे भी प्रशासन को करवाना चाहिए। पूर्व विधायक रेखचंद जैन ने कहा कि भाजपा की कथनी और करनी में अंतर है। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनते ही कुछ नेताओं के संरक्षण में भू-माफिया सक्रिय हैं। निजी भूमि पर भी जबरन कब्जा करवाकर जबरन विवाद उत्पन्न किया जा रहा है। इसके कारण भू-स्वामियों को परेशान होना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामले पर शासन-प्रशासन को गंभीरता दिखाते हुए कार्रवाई करनी चाहिए। 1 minute read भाजपा नेताओं के संरक्षण में पट्टे की जमीन कब्जाने व जमीन मुक्त करवाने का चल रहा अवैध कारोबार पंच-सरपचों को किया जा रहा आगे, ग्रामीण भी अनजाने में देते हैं साथ जगदलपुर, 29 दिसंबर(हि.स.)। बस्तर जिले के चित्रकोट और जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र में पिछले कुछ सालों से जमीन का कारोबार खूब फल-फूल रहा है, पर भाजपा के शासनकाल में पट्टे की जमीन को भी जबरन कब्जा किया जा रहा है। इस काम में लगे लोगों को कुछ भाजपा नेताओं का संरक्षण मिला हुआ है, इसके कारण इनके हौसले बुलंद हैं। ज् उल्लेखनीय है कि जगदलपुर और चित्रकोट विधानसभा में बड़ी संख्या में शहर के लोगों ने जमीन खरीद कर रखे हैं। कई लोगों ने जमीन को खाली छोड़ दी थी, ऐसे जमीन पर ग्रामीणों के माध्यम से जबरन कब्जा जमा लिया जा रहा है। इसके बाद जमीन के खरीददार को अवैध कब्जा खाली करवाने में काफी आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस मामले में जब राजनीतिक दलों के लोगों से राय जानने का प्रयास किया गया तो सभी ने इसे गलत बताते हुए भाजपा शासनकाल में कुछ भाजपा नेताओं के संरक्षण में काम होने का आरोप लगाया है। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता पंडित उमाशंकर शुक्ला ने कहा कि पट्टे की जमीन हो या फिर नजूल जमीन उस पर अवैध कब्जा करने और ग्रामीणों को उकसाने वाले लोगों को चिन्हित कर शासन-प्रशासन को कड़ी से कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों में खाली पड़ी जमीन को गांव के सरपंच, पटेल, कोटवार आदि प्रमुख लोगों से मिलकर बहला-फुसलाकर विक्रय किया जा रहा है, जबकि गांव के लोगों को मकान के लिए जमीन नहीं है। ऐसी घटना जिले में कई जगहों पर हो रही है, ऐसे कृत्य करने वाले किसी भी दल के नेता हों या फिर प्रशासनिक अधिकारी, इन पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। जनता कांग्रेस छग जे के संभाग अध्यक्ष नवनीत चांद ने कहा कि इस तरह की घटना से भाजपा का चाल-चरित्र उजागर हुआ है। इसमें छोटे नहीं बड़े नेताओं का भी हाथ है। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर जनता कांग्रेस और बस्तर अधिकार मुक्तिमोर्चा द्वारा कलेक्टर व कमिश्नर सहित मुख्य सचिव को पत्र लिखा जाएगा और इस तरह की गतिविधियों पर कार्रवाई करने की मांग की जाएगी। उन्होंने कहा कि कुछ इस तरह के लोग पर्दे के पीछे से सामाजिक समरसता भी बिगाड़ने का काम कर रहे हैं। शासन-प्रशासन को मामले की जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। कांग्रेस कमेटी के शहर अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार सत्ता में आते ही भू-माफियाओं का राज आ गया है। उन्होंने कहा कि लोगों की खून-पसीने की कमाई से खरीदी गयी जमीन पर भी अवैध कब्जा किया जा रहा है। इस तरह के कृत्य पर प्रशासन को रोक लगानी चाहिए। उन्होंने कहा कि बस्तर में लंबे समय से बदोबस्त प्रक्रिया नहीं हुई है, इसे भी प्रशासन को करवाना चाहिए। पूर्व विधायक रेखचंद जैन ने कहा कि भाजपा की कथनी और करनी में अंतर है। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनते ही कुछ नेताओं के संरक्षण में भू-माफिया सक्रिय हैं। निजी भूमि पर भी जबरन कब्जा करवाकर जबरन विवाद उत्पन्न किया जा रहा है। इसके कारण भू-स्वामियों को परेशान होना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामले पर शासन-प्रशासन को गंभीरता दिखाते हुए कार्रवाई करनी चाहिए। देवेंद्र साहू "नादान" माधव एक्सप्रेस December 29, 2024 0 पंच-सरपचों को किया जा रहा आगे, ग्रामीण भी अनजाने में देते हैं साथ जगदलपुर, 29 दिसंबर। बस्तर... 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भाजपा नेताओं के संरक्षण में पट्टे की जमीन कब्जाने व जमीन मुक्त करवाने का चल रहा अवैध कारोबार पंच-सरपचों को किया जा रहा आगे, ग्रामीण भी अनजाने में देते हैं साथ जगदलपुर, 29 दिसंबर(हि.स.)। बस्तर जिले के चित्रकोट और जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र में पिछले कुछ सालों से जमीन का कारोबार खूब फल-फूल रहा है, पर भाजपा के शासनकाल में पट्टे की जमीन को भी जबरन कब्जा किया जा रहा है। इस काम में लगे लोगों को कुछ भाजपा नेताओं का संरक्षण मिला हुआ है, इसके कारण इनके हौसले बुलंद हैं। ज् उल्लेखनीय है कि जगदलपुर और चित्रकोट विधानसभा में बड़ी संख्या में शहर के लोगों ने जमीन खरीद कर रखे हैं। कई लोगों ने जमीन को खाली छोड़ दी थी, ऐसे जमीन पर ग्रामीणों के माध्यम से जबरन कब्जा जमा लिया जा रहा है। इसके बाद जमीन के खरीददार को अवैध कब्जा खाली करवाने में काफी आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस मामले में जब राजनीतिक दलों के लोगों से राय जानने का प्रयास किया गया तो सभी ने इसे गलत बताते हुए भाजपा शासनकाल में कुछ भाजपा नेताओं के संरक्षण में काम होने का आरोप लगाया है। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता पंडित उमाशंकर शुक्ला ने कहा कि पट्टे की जमीन हो या फिर नजूल जमीन उस पर अवैध कब्जा करने और ग्रामीणों को उकसाने वाले लोगों को चिन्हित कर शासन-प्रशासन को कड़ी से कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों में खाली पड़ी जमीन को गांव के सरपंच, पटेल, कोटवार आदि प्रमुख लोगों से मिलकर बहला-फुसलाकर विक्रय किया जा रहा है, जबकि गांव के लोगों को मकान के लिए जमीन नहीं है। ऐसी घटना जिले में कई जगहों पर हो रही है, ऐसे कृत्य करने वाले किसी भी दल के नेता हों या फिर प्रशासनिक अधिकारी, इन पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। जनता कांग्रेस छग जे के संभाग अध्यक्ष नवनीत चांद ने कहा कि इस तरह की घटना से भाजपा का चाल-चरित्र उजागर हुआ है। इसमें छोटे नहीं बड़े नेताओं का भी हाथ है। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर जनता कांग्रेस और बस्तर अधिकार मुक्तिमोर्चा द्वारा कलेक्टर व कमिश्नर सहित मुख्य सचिव को पत्र लिखा जाएगा और इस तरह की गतिविधियों पर कार्रवाई करने की मांग की जाएगी। उन्होंने कहा कि कुछ इस तरह के लोग पर्दे के पीछे से सामाजिक समरसता भी बिगाड़ने का काम कर रहे हैं। शासन-प्रशासन को मामले की जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। कांग्रेस कमेटी के शहर अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार सत्ता में आते ही भू-माफियाओं का राज आ गया है। उन्होंने कहा कि लोगों की खून-पसीने की कमाई से खरीदी गयी जमीन पर भी अवैध कब्जा किया जा रहा है। इस तरह के कृत्य पर प्रशासन को रोक लगानी चाहिए। उन्होंने कहा कि बस्तर में लंबे समय से बदोबस्त प्रक्रिया नहीं हुई है, इसे भी प्रशासन को करवाना चाहिए। पूर्व विधायक रेखचंद जैन ने कहा कि भाजपा की कथनी और करनी में अंतर है। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनते ही कुछ नेताओं के संरक्षण में भू-माफिया सक्रिय हैं। निजी भूमि पर भी जबरन कब्जा करवाकर जबरन विवाद उत्पन्न किया जा रहा है। इसके कारण भू-स्वामियों को परेशान होना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामले पर शासन-प्रशासन को गंभीरता दिखाते हुए कार्रवाई करनी चाहिए। 1 minute read भाजपा नेताओं के संरक्षण में पट्टे की जमीन कब्जाने व जमीन मुक्त करवाने का चल रहा अवैध कारोबार पंच-सरपचों को किया जा रहा आगे, ग्रामीण भी अनजाने में देते हैं साथ जगदलपुर, 29 दिसंबर(हि.स.)। बस्तर जिले के चित्रकोट और जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र में पिछले कुछ सालों से जमीन का कारोबार खूब फल-फूल रहा है, पर भाजपा के शासनकाल में पट्टे की जमीन को भी जबरन कब्जा किया जा रहा है। इस काम में लगे लोगों को कुछ भाजपा नेताओं का संरक्षण मिला हुआ है, इसके कारण इनके हौसले बुलंद हैं। ज् उल्लेखनीय है कि जगदलपुर और चित्रकोट विधानसभा में बड़ी संख्या में शहर के लोगों ने जमीन खरीद कर रखे हैं। कई लोगों ने जमीन को खाली छोड़ दी थी, ऐसे जमीन पर ग्रामीणों के माध्यम से जबरन कब्जा जमा लिया जा रहा है। इसके बाद जमीन के खरीददार को अवैध कब्जा खाली करवाने में काफी आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस मामले में जब राजनीतिक दलों के लोगों से राय जानने का प्रयास किया गया तो सभी ने इसे गलत बताते हुए भाजपा शासनकाल में कुछ भाजपा नेताओं के संरक्षण में काम होने का आरोप लगाया है। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता पंडित उमाशंकर शुक्ला ने कहा कि पट्टे की जमीन हो या फिर नजूल जमीन उस पर अवैध कब्जा करने और ग्रामीणों को उकसाने वाले लोगों को चिन्हित कर शासन-प्रशासन को कड़ी से कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों में खाली पड़ी जमीन को गांव के सरपंच, पटेल, कोटवार आदि प्रमुख लोगों से मिलकर बहला-फुसलाकर विक्रय किया जा रहा है, जबकि गांव के लोगों को मकान के लिए जमीन नहीं है। ऐसी घटना जिले में कई जगहों पर हो रही है, ऐसे कृत्य करने वाले किसी भी दल के नेता हों या फिर प्रशासनिक अधिकारी, इन पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। जनता कांग्रेस छग जे के संभाग अध्यक्ष नवनीत चांद ने कहा कि इस तरह की घटना से भाजपा का चाल-चरित्र उजागर हुआ है। इसमें छोटे नहीं बड़े नेताओं का भी हाथ है। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर जनता कांग्रेस और बस्तर अधिकार मुक्तिमोर्चा द्वारा कलेक्टर व कमिश्नर सहित मुख्य सचिव को पत्र लिखा जाएगा और इस तरह की गतिविधियों पर कार्रवाई करने की मांग की जाएगी। उन्होंने कहा कि कुछ इस तरह के लोग पर्दे के पीछे से सामाजिक समरसता भी बिगाड़ने का काम कर रहे हैं। शासन-प्रशासन को मामले की जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। कांग्रेस कमेटी के शहर अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार सत्ता में आते ही भू-माफियाओं का राज आ गया है। उन्होंने कहा कि लोगों की खून-पसीने की कमाई से खरीदी गयी जमीन पर भी अवैध कब्जा किया जा रहा है। इस तरह के कृत्य पर प्रशासन को रोक लगानी चाहिए। उन्होंने कहा कि बस्तर में लंबे समय से बदोबस्त प्रक्रिया नहीं हुई है, इसे भी प्रशासन को करवाना चाहिए। पूर्व विधायक रेखचंद जैन ने कहा कि भाजपा की कथनी और करनी में अंतर है। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनते ही कुछ नेताओं के संरक्षण में भू-माफिया सक्रिय हैं। निजी भूमि पर भी जबरन कब्जा करवाकर जबरन विवाद उत्पन्न किया जा रहा है। इसके कारण भू-स्वामियों को परेशान होना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामले पर शासन-प्रशासन को गंभीरता दिखाते हुए कार्रवाई करनी चाहिए। देवेंद्र साहू "नादान" माधव एक्सप्रेस December 29, 2024 0 पंच-सरपचों को किया जा रहा आगे, ग्रामीण भी अनजाने में देते हैं साथ जगदलपुर, 29 दिसंबर। बस्तर... Read More Read more about भाजपा नेताओं के संरक्षण में पट्टे की जमीन कब्जाने व जमीन मुक्त करवाने का चल रहा अवैध कारोबार पंच-सरपचों को किया जा रहा आगे, ग्रामीण भी अनजाने में देते हैं साथ जगदलपुर, 29 दिसंबर(हि.स.)। बस्तर जिले के चित्रकोट और जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र में पिछले कुछ सालों से जमीन का कारोबार खूब फल-फूल रहा है, पर भाजपा के शासनकाल में पट्टे की जमीन को भी जबरन कब्जा किया जा रहा है। इस काम में लगे लोगों को कुछ भाजपा नेताओं का संरक्षण मिला हुआ है, इसके कारण इनके हौसले बुलंद हैं। ज् उल्लेखनीय है कि जगदलपुर और चित्रकोट विधानसभा में बड़ी संख्या में शहर के लोगों ने जमीन खरीद कर रखे हैं। कई लोगों ने जमीन को खाली छोड़ दी थी, ऐसे जमीन पर ग्रामीणों के माध्यम से जबरन कब्जा जमा लिया जा रहा है। इसके बाद जमीन के खरीददार को अवैध कब्जा खाली करवाने में काफी आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस मामले में जब राजनीतिक दलों के लोगों से राय जानने का प्रयास किया गया तो सभी ने इसे गलत बताते हुए भाजपा शासनकाल में कुछ भाजपा नेताओं के संरक्षण में काम होने का आरोप लगाया है। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता पंडित उमाशंकर शुक्ला ने कहा कि पट्टे की जमीन हो या फिर नजूल जमीन उस पर अवैध कब्जा करने और ग्रामीणों को उकसाने वाले लोगों को चिन्हित कर शासन-प्रशासन को कड़ी से कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों में खाली पड़ी जमीन को गांव के सरपंच, पटेल, कोटवार आदि प्रमुख लोगों से मिलकर बहला-फुसलाकर विक्रय किया जा रहा है, जबकि गांव के लोगों को मकान के लिए जमीन नहीं है। ऐसी घटना जिले में कई जगहों पर हो रही है, ऐसे कृत्य करने वाले किसी भी दल के नेता हों या फिर प्रशासनिक अधिकारी, इन पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। जनता कांग्रेस छग जे के संभाग अध्यक्ष नवनीत चांद ने कहा कि इस तरह की घटना से भाजपा का चाल-चरित्र उजागर हुआ है। इसमें छोटे नहीं बड़े नेताओं का भी हाथ है। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर जनता कांग्रेस और बस्तर अधिकार मुक्तिमोर्चा द्वारा कलेक्टर व कमिश्नर सहित मुख्य सचिव को पत्र लिखा जाएगा और इस तरह की गतिविधियों पर कार्रवाई करने की मांग की जाएगी। उन्होंने कहा कि कुछ इस तरह के लोग पर्दे के पीछे से सामाजिक समरसता भी बिगाड़ने का काम कर रहे हैं। शासन-प्रशासन को मामले की जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। कांग्रेस कमेटी के शहर अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार सत्ता में आते ही भू-माफियाओं का राज आ गया है। उन्होंने कहा कि लोगों की खून-पसीने की कमाई से खरीदी गयी जमीन पर भी अवैध कब्जा किया जा रहा है। इस तरह के कृत्य पर प्रशासन को रोक लगानी चाहिए। उन्होंने कहा कि बस्तर में लंबे समय से बदोबस्त प्रक्रिया नहीं हुई है, इसे भी प्रशासन को करवाना चाहिए। पूर्व विधायक रेखचंद जैन ने कहा कि भाजपा की कथनी और करनी में अंतर है। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनते ही कुछ नेताओं के संरक्षण में भू-माफिया सक्रिय हैं। निजी भूमि पर भी जबरन कब्जा करवाकर जबरन विवाद उत्पन्न किया जा रहा है। इसके कारण भू-स्वामियों को परेशान होना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामले पर शासन-प्रशासन को गंभीरता दिखाते हुए कार्रवाई करनी चाहिए।
भाजपा नेताओं के संरक्षण में पट्टे की जमीन कब्जाने व जमीन मुक्त करवाने का चल रहा अवैध कारोबार पंच-सरपचों को किया जा रहा आगे, ग्रामीण भी अनजाने में देते हैं साथ जगदलपुर, 29 दिसंबर(हि.स.)। बस्तर जिले के चित्रकोट और जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र में पिछले कुछ सालों से जमीन का कारोबार खूब फल-फूल रहा है, पर भाजपा के शासनकाल में पट्टे की जमीन को भी जबरन कब्जा किया जा रहा है। इस काम में लगे लोगों को कुछ भाजपा नेताओं का संरक्षण मिला हुआ है, इसके कारण इनके हौसले बुलंद हैं। ज् उल्लेखनीय है कि जगदलपुर और चित्रकोट विधानसभा में बड़ी संख्या में शहर के लोगों ने जमीन खरीद कर रखे हैं। कई लोगों ने जमीन को खाली छोड़ दी थी, ऐसे जमीन पर ग्रामीणों के माध्यम से जबरन कब्जा जमा लिया जा रहा है। इसके बाद जमीन के खरीददार को अवैध कब्जा खाली करवाने में काफी आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस मामले में जब राजनीतिक दलों के लोगों से राय जानने का प्रयास किया गया तो सभी ने इसे गलत बताते हुए भाजपा शासनकाल में कुछ भाजपा नेताओं के संरक्षण में काम होने का आरोप लगाया है। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता पंडित उमाशंकर शुक्ला ने कहा कि पट्टे की जमीन हो या फिर नजूल जमीन उस पर अवैध कब्जा करने और ग्रामीणों को उकसाने वाले लोगों को चिन्हित कर शासन-प्रशासन को कड़ी से कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों में खाली पड़ी जमीन को गांव के सरपंच, पटेल, कोटवार आदि प्रमुख लोगों से मिलकर बहला-फुसलाकर विक्रय किया जा रहा है, जबकि गांव के लोगों को मकान के लिए जमीन नहीं है। ऐसी घटना जिले में कई जगहों पर हो रही है, ऐसे कृत्य करने वाले किसी भी दल के नेता हों या फिर प्रशासनिक अधिकारी, इन पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। जनता कांग्रेस छग जे के संभाग अध्यक्ष नवनीत चांद ने कहा कि इस तरह की घटना से भाजपा का चाल-चरित्र उजागर हुआ है। इसमें छोटे नहीं बड़े नेताओं का भी हाथ है। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर जनता कांग्रेस और बस्तर अधिकार मुक्तिमोर्चा द्वारा कलेक्टर व कमिश्नर सहित मुख्य सचिव को पत्र लिखा जाएगा और इस तरह की गतिविधियों पर कार्रवाई करने की मांग की जाएगी। उन्होंने कहा कि कुछ इस तरह के लोग पर्दे के पीछे से सामाजिक समरसता भी बिगाड़ने का काम कर रहे हैं। शासन-प्रशासन को मामले की जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। कांग्रेस कमेटी के शहर अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार सत्ता में आते ही भू-माफियाओं का राज आ गया है। उन्होंने कहा कि लोगों की खून-पसीने की कमाई से खरीदी गयी जमीन पर भी अवैध कब्जा किया जा रहा है। इस तरह के कृत्य पर प्रशासन को रोक लगानी चाहिए। उन्होंने कहा कि बस्तर में लंबे समय से बदोबस्त प्रक्रिया नहीं हुई है, इसे भी प्रशासन को करवाना चाहिए। पूर्व विधायक रेखचंद जैन ने कहा कि भाजपा की कथनी और करनी में अंतर है। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनते ही कुछ नेताओं के संरक्षण में भू-माफिया सक्रिय हैं। निजी भूमि पर भी जबरन कब्जा करवाकर जबरन विवाद उत्पन्न किया जा रहा है। इसके कारण भू-स्वामियों को परेशान होना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामले पर शासन-प्रशासन को गंभीरता दिखाते हुए कार्रवाई करनी चाहिए। 1 minute read भाजपा नेताओं के संरक्षण में पट्टे की जमीन कब्जाने व जमीन मुक्त करवाने का चल रहा अवैध कारोबार पंच-सरपचों को किया जा रहा आगे, ग्रामीण भी अनजाने में देते हैं साथ जगदलपुर, 29 दिसंबर(हि.स.)। बस्तर जिले के चित्रकोट और जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र में पिछले कुछ सालों से जमीन का कारोबार खूब फल-फूल रहा है, पर भाजपा के शासनकाल में पट्टे की जमीन को भी जबरन कब्जा किया जा रहा है। इस काम में लगे लोगों को कुछ भाजपा नेताओं का संरक्षण मिला हुआ है, इसके कारण इनके हौसले बुलंद हैं। ज् उल्लेखनीय है कि जगदलपुर और चित्रकोट विधानसभा में बड़ी संख्या में शहर के लोगों ने जमीन खरीद कर रखे हैं। कई लोगों ने जमीन को खाली छोड़ दी थी, ऐसे जमीन पर ग्रामीणों के माध्यम से जबरन कब्जा जमा लिया जा रहा है। इसके बाद जमीन के खरीददार को अवैध कब्जा खाली करवाने में काफी आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस मामले में जब राजनीतिक दलों के लोगों से राय जानने का प्रयास किया गया तो सभी ने इसे गलत बताते हुए भाजपा शासनकाल में कुछ भाजपा नेताओं के संरक्षण में काम होने का आरोप लगाया है। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता पंडित उमाशंकर शुक्ला ने कहा कि पट्टे की जमीन हो या फिर नजूल जमीन उस पर अवैध कब्जा करने और ग्रामीणों को उकसाने वाले लोगों को चिन्हित कर शासन-प्रशासन को कड़ी से कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों में खाली पड़ी जमीन को गांव के सरपंच, पटेल, कोटवार आदि प्रमुख लोगों से मिलकर बहला-फुसलाकर विक्रय किया जा रहा है, जबकि गांव के लोगों को मकान के लिए जमीन नहीं है। ऐसी घटना जिले में कई जगहों पर हो रही है, ऐसे कृत्य करने वाले किसी भी दल के नेता हों या फिर प्रशासनिक अधिकारी, इन पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। जनता कांग्रेस छग जे के संभाग अध्यक्ष नवनीत चांद ने कहा कि इस तरह की घटना से भाजपा का चाल-चरित्र उजागर हुआ है। इसमें छोटे नहीं बड़े नेताओं का भी हाथ है। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर जनता कांग्रेस और बस्तर अधिकार मुक्तिमोर्चा द्वारा कलेक्टर व कमिश्नर सहित मुख्य सचिव को पत्र लिखा जाएगा और इस तरह की गतिविधियों पर कार्रवाई करने की मांग की जाएगी। उन्होंने कहा कि कुछ इस तरह के लोग पर्दे के पीछे से सामाजिक समरसता भी बिगाड़ने का काम कर रहे हैं। शासन-प्रशासन को मामले की जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। कांग्रेस कमेटी के शहर अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार सत्ता में आते ही भू-माफियाओं का राज आ गया है। उन्होंने कहा कि लोगों की खून-पसीने की कमाई से खरीदी गयी जमीन पर भी अवैध कब्जा किया जा रहा है। इस तरह के कृत्य पर प्रशासन को रोक लगानी चाहिए। उन्होंने कहा कि बस्तर में लंबे समय से बदोबस्त प्रक्रिया नहीं हुई है, इसे भी प्रशासन को करवाना चाहिए। पूर्व विधायक रेखचंद जैन ने कहा कि भाजपा की कथनी और करनी में अंतर है। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनते ही कुछ नेताओं के संरक्षण में भू-माफिया सक्रिय हैं। निजी भूमि पर भी जबरन कब्जा करवाकर जबरन विवाद उत्पन्न किया जा रहा है। इसके कारण भू-स्वामियों को परेशान होना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामले पर शासन-प्रशासन को गंभीरता दिखाते हुए कार्रवाई करनी चाहिए। देवेंद्र साहू "नादान" माधव एक्सप्रेस December 29, 2024 0 पंच-सरपचों को किया जा रहा आगे, ग्रामीण भी अनजाने में देते हैं साथ जगदलपुर, 29 दिसंबर। बस्तर... Read More Read more about भाजपा नेताओं के संरक्षण में पट्टे की जमीन कब्जाने व जमीन मुक्त करवाने का चल रहा अवैध कारोबार पंच-सरपचों को किया जा रहा आगे, ग्रामीण भी अनजाने में देते हैं साथ जगदलपुर, 29 दिसंबर(हि.स.)। बस्तर जिले के चित्रकोट और जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र में पिछले कुछ सालों से जमीन का कारोबार खूब फल-फूल रहा है, पर भाजपा के शासनकाल में पट्टे की जमीन को भी जबरन कब्जा किया जा रहा है। इस काम में लगे लोगों को कुछ भाजपा नेताओं का संरक्षण मिला हुआ है, इसके कारण इनके हौसले बुलंद हैं। ज् उल्लेखनीय है कि जगदलपुर और चित्रकोट विधानसभा में बड़ी संख्या में शहर के लोगों ने जमीन खरीद कर रखे हैं। कई लोगों ने जमीन को खाली छोड़ दी थी, ऐसे जमीन पर ग्रामीणों के माध्यम से जबरन कब्जा जमा लिया जा रहा है। इसके बाद जमीन के खरीददार को अवैध कब्जा खाली करवाने में काफी आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस मामले में जब राजनीतिक दलों के लोगों से राय जानने का प्रयास किया गया तो सभी ने इसे गलत बताते हुए भाजपा शासनकाल में कुछ भाजपा नेताओं के संरक्षण में काम होने का आरोप लगाया है। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता पंडित उमाशंकर शुक्ला ने कहा कि पट्टे की जमीन हो या फिर नजूल जमीन उस पर अवैध कब्जा करने और ग्रामीणों को उकसाने वाले लोगों को चिन्हित कर शासन-प्रशासन को कड़ी से कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों में खाली पड़ी जमीन को गांव के सरपंच, पटेल, कोटवार आदि प्रमुख लोगों से मिलकर बहला-फुसलाकर विक्रय किया जा रहा है, जबकि गांव के लोगों को मकान के लिए जमीन नहीं है। ऐसी घटना जिले में कई जगहों पर हो रही है, ऐसे कृत्य करने वाले किसी भी दल के नेता हों या फिर प्रशासनिक अधिकारी, इन पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। जनता कांग्रेस छग जे के संभाग अध्यक्ष नवनीत चांद ने कहा कि इस तरह की घटना से भाजपा का चाल-चरित्र उजागर हुआ है। इसमें छोटे नहीं बड़े नेताओं का भी हाथ है। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर जनता कांग्रेस और बस्तर अधिकार मुक्तिमोर्चा द्वारा कलेक्टर व कमिश्नर सहित मुख्य सचिव को पत्र लिखा जाएगा और इस तरह की गतिविधियों पर कार्रवाई करने की मांग की जाएगी। उन्होंने कहा कि कुछ इस तरह के लोग पर्दे के पीछे से सामाजिक समरसता भी बिगाड़ने का काम कर रहे हैं। शासन-प्रशासन को मामले की जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। कांग्रेस कमेटी के शहर अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार सत्ता में आते ही भू-माफियाओं का राज आ गया है। उन्होंने कहा कि लोगों की खून-पसीने की कमाई से खरीदी गयी जमीन पर भी अवैध कब्जा किया जा रहा है। इस तरह के कृत्य पर प्रशासन को रोक लगानी चाहिए। उन्होंने कहा कि बस्तर में लंबे समय से बदोबस्त प्रक्रिया नहीं हुई है, इसे भी प्रशासन को करवाना चाहिए। पूर्व विधायक रेखचंद जैन ने कहा कि भाजपा की कथनी और करनी में अंतर है। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनते ही कुछ नेताओं के संरक्षण में भू-माफिया सक्रिय हैं। निजी भूमि पर भी जबरन कब्जा करवाकर जबरन विवाद उत्पन्न किया जा रहा है। इसके कारण भू-स्वामियों को परेशान होना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामले पर शासन-प्रशासन को गंभीरता दिखाते हुए कार्रवाई करनी चाहिए।
ईडी की कार्रवाई राजनीति से प्रेरित व पक्षपातपूर्ण : कवासी लखमा रायपुर, 29 दिसंबर (हि.स.)। पूर्व मंत्री कवासी लखमा और उनके करीबियों के ठिकाने पर ईडी ने शनिवार को ताबड़तोड़ कार्रवाई की। रायपुर, धमतरी और सुकमा में 10 से ज्यादा ठिकानों परईडी की कार्रवाई की। वहीं पूर्व मंत्री के ओएसडी रहे जयंत देवांगन को देर रात ईडी ने हिरासत में ले लिया। इधर ईडी की कार्रवाई को लेकर पूर्व मंत्री कवासी लखमा का बयान सामने आया है, पूर्व मंत्री ने इसे पक्षपातपूर्ण कार्रवाई बताया है। कवासी लखमा ने रविवार काे पत्रकाराें से कहा कि छापेमारी की कार्रवाई राजनीति से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि विधानसभा में सरकार के खिलाफ बहुत सारे मामले उन्होंने उठाए हैं, सरकार के खिलाफ लगातार आवाज उठाने की वजह से ही उनके घर पर ईडी ने छापेमारी की है। कवासी लखमा ने कहा कि वो अनपढ़ है, पूरे मामले में अधिकारियों ने गड़बड़ की है। उन्होंने नाम लेते हुए कहा कि एपी त्रिपाठी जैसे अधिकारियों ने उन्हें अंधेरे में रखा, उन्हें घोटाले के बारे में कोई जानकारी नहीं है। कवासी लखमा ने कहा कि उनसे संपत्ति के बारे में ईडी ने जानकारी मांगी है। ईडी के अधिकारियों से लखमा ने कुछ वक्त देने को कहा है। कवासी ने कहा कि समय आने पर वो अपनी संपत्ति की पूरी जानकारी ईडी को उपलब्ध करा देंगे। कवासी लखमा ने बताया कि उनका और उनके बेटे के मोबाइल को ईडी ने जब्त किया है और अपने साथ लेकर गए हैं। ईडी की कार्रवाई राजनीति से प्रेरित व पक्षपातपूर्ण : कवासी लखमा रायपुर, 29 दिसंबर (हि.स.)। पूर्व मंत्री कवासी लखमा और उनके करीबियों के ठिकाने पर ईडी ने शनिवार को ताबड़तोड़ कार्रवाई की। रायपुर, धमतरी और सुकमा में 10 से ज्यादा ठिकानों परईडी की कार्रवाई की। वहीं पूर्व मंत्री के ओएसडी रहे जयंत देवांगन को देर रात ईडी ने हिरासत में ले लिया। इधर ईडी की कार्रवाई को लेकर पूर्व मंत्री कवासी लखमा का बयान सामने आया है, पूर्व मंत्री ने इसे पक्षपातपूर्ण कार्रवाई बताया है। कवासी लखमा ने रविवार काे पत्रकाराें से कहा कि छापेमारी की कार्रवाई राजनीति से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि विधानसभा में सरकार के खिलाफ बहुत सारे मामले उन्होंने उठाए हैं, सरकार के खिलाफ लगातार आवाज उठाने की वजह से ही उनके घर पर ईडी ने छापेमारी की है। कवासी लखमा ने कहा कि वो अनपढ़ है, पूरे मामले में अधिकारियों ने गड़बड़ की है। उन्होंने नाम लेते हुए कहा कि एपी त्रिपाठी जैसे अधिकारियों ने उन्हें अंधेरे में रखा, उन्हें घोटाले के बारे में कोई जानकारी नहीं है। कवासी लखमा ने कहा कि उनसे संपत्ति के बारे में ईडी ने जानकारी मांगी है। ईडी के अधिकारियों से लखमा ने कुछ वक्त देने को कहा है। कवासी ने कहा कि समय आने पर वो अपनी संपत्ति की पूरी जानकारी ईडी को उपलब्ध करा देंगे। कवासी लखमा ने बताया कि उनका और उनके बेटे के मोबाइल को ईडी ने जब्त किया है और अपने साथ लेकर गए हैं। देवेंद्र साहू "नादान" माधव एक्सप्रेस December 29, 2024 0 रायपुर, 29 दिसंबर । पूर्व मंत्री कवासी लखमा और उनके करीबियों के ठिकाने पर ईडी ने शनिवार... Read More Read more about ईडी की कार्रवाई राजनीति से प्रेरित व पक्षपातपूर्ण : कवासी लखमा रायपुर, 29 दिसंबर (हि.स.)। पूर्व मंत्री कवासी लखमा और उनके करीबियों के ठिकाने पर ईडी ने शनिवार को ताबड़तोड़ कार्रवाई की। रायपुर, धमतरी और सुकमा में 10 से ज्यादा ठिकानों परईडी की कार्रवाई की। वहीं पूर्व मंत्री के ओएसडी रहे जयंत देवांगन को देर रात ईडी ने हिरासत में ले लिया। इधर ईडी की कार्रवाई को लेकर पूर्व मंत्री कवासी लखमा का बयान सामने आया है, पूर्व मंत्री ने इसे पक्षपातपूर्ण कार्रवाई बताया है। कवासी लखमा ने रविवार काे पत्रकाराें से कहा कि छापेमारी की कार्रवाई राजनीति से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि विधानसभा में सरकार के खिलाफ बहुत सारे मामले उन्होंने उठाए हैं, सरकार के खिलाफ लगातार आवाज उठाने की वजह से ही उनके घर पर ईडी ने छापेमारी की है। कवासी लखमा ने कहा कि वो अनपढ़ है, पूरे मामले में अधिकारियों ने गड़बड़ की है। उन्होंने नाम लेते हुए कहा कि एपी त्रिपाठी जैसे अधिकारियों ने उन्हें अंधेरे में रखा, उन्हें घोटाले के बारे में कोई जानकारी नहीं है। कवासी लखमा ने कहा कि उनसे संपत्ति के बारे में ईडी ने जानकारी मांगी है। ईडी के अधिकारियों से लखमा ने कुछ वक्त देने को कहा है। कवासी ने कहा कि समय आने पर वो अपनी संपत्ति की पूरी जानकारी ईडी को उपलब्ध करा देंगे। कवासी लखमा ने बताया कि उनका और उनके बेटे के मोबाइल को ईडी ने जब्त किया है और अपने साथ लेकर गए हैं।