बस्तर में कनेक्टीविटी बढ़ाने विशेष जोर, सड़कों और पुल-पुलियों के काम दिसम्बर तक पूर्ण करने के निर्देश
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पंच-सरपचों को किया जा रहा आगे, ग्रामीण भी अनजाने में देते हैं साथ
जगदलपुर, 29 दिसंबर। बस्तर जिले के चित्रकोट और जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र में पिछले कुछ सालों से जमीन का कारोबार खूब फल-फूल रहा है, पर भाजपा के शासनकाल में पट्टे की जमीन को भी जबरन कब्जा किया जा रहा है। इस काम में लगे लोगों को कुछ भाजपा नेताओं का संरक्षण मिला हुआ है, इसके कारण इनके हौसले बुलंद हैं। ज्
उल्लेखनीय है कि जगदलपुर और चित्रकोट विधानसभा में बड़ी संख्या में शहर के लोगों ने जमीन खरीद कर रखे हैं। कई लोगों ने जमीन को खाली छोड़ दी थी, ऐसे जमीन पर ग्रामीणों के माध्यम से जबरन कब्जा जमा लिया जा रहा है। इसके बाद जमीन के खरीददार को अवैध कब्जा खाली करवाने में काफी आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस मामले में जब राजनीतिक दलों के लोगों से राय जानने का प्रयास किया गया तो सभी ने इसे गलत बताते हुए भाजपा शासनकाल में कुछ भाजपा नेताओं के संरक्षण में काम होने का आरोप लगाया है।
वरिष्ठ कांग्रेसी नेता पंडित उमाशंकर शुक्ला ने कहा कि पट्टे की जमीन हो या फिर नजूल जमीन उस पर अवैध कब्जा करने और ग्रामीणों को उकसाने वाले लोगों को चिन्हित कर शासन-प्रशासन को कड़ी से कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों में खाली पड़ी जमीन को गांव के सरपंच, पटेल, कोटवार आदि प्रमुख लोगों से मिलकर बहला-फुसलाकर विक्रय किया जा रहा है, जबकि गांव के लोगों को मकान के लिए जमीन नहीं है। ऐसी घटना जिले में कई जगहों पर हो रही है, ऐसे कृत्य करने वाले किसी भी दल के नेता हों या फिर प्रशासनिक अधिकारी, इन पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
जनता कांग्रेस छग जे के संभाग अध्यक्ष नवनीत चांद ने कहा कि इस तरह की घटना से भाजपा का चाल-चरित्र उजागर हुआ है। इसमें छोटे नहीं बड़े नेताओं का भी हाथ है। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर जनता कांग्रेस और बस्तर अधिकार मुक्तिमोर्चा द्वारा कलेक्टर व कमिश्नर सहित मुख्य सचिव को पत्र लिखा जाएगा और इस तरह की गतिविधियों पर कार्रवाई करने की मांग की जाएगी। उन्होंने कहा कि कुछ इस तरह के लोग पर्दे के पीछे से सामाजिक समरसता भी बिगाड़ने का काम कर रहे हैं। शासन-प्रशासन को मामले की जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
कांग्रेस कमेटी के शहर अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार सत्ता में आते ही भू-माफियाओं का राज आ गया है। उन्होंने कहा कि लोगों की खून-पसीने की कमाई से खरीदी गयी जमीन पर भी अवैध कब्जा किया जा रहा है। इस तरह के कृत्य पर प्रशासन को रोक लगानी चाहिए। उन्होंने कहा कि बस्तर में लंबे समय से बदोबस्त प्रक्रिया नहीं हुई है, इसे भी प्रशासन को करवाना चाहिए।
पूर्व विधायक रेखचंद जैन ने कहा कि भाजपा की कथनी और करनी में अंतर है। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनते ही कुछ नेताओं के संरक्षण में भू-माफिया सक्रिय हैं। निजी भूमि पर भी जबरन कब्जा करवाकर जबरन विवाद उत्पन्न किया जा रहा है। इसके कारण भू-स्वामियों को परेशान होना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामले पर शासन-प्रशासन को गंभीरता दिखाते हुए कार्रवाई करनी चाहिए।
