September 12, 2026
RO 13997/183
IMG-20260911-WA0159

कुशलगढ़ नगर पालिका चुनाव में भाजपा ने झोंकी ताकत, 1 से 20 वार्डों में मांगे वोट

कुशलगढ़ नगर पालिका चुनाव में भाजपा ने झोंकी ताकत, 1 से 20...

1789131438615

आगामी त्यौहारों को लेकर शांति समिति की बैठक आयोजित

आगामी त्यौहारों को लेकर शांति समिति की बैठक आयोजित थांदला से विवेक...

sss

रेलवे मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं की मंजूरी से छत्तीसगढ़ के विकास को मिलेगी नई गति : चौधरी

00 10,783 करोड़ की लागत से विभिन्न राज्यों में तीन रेलवे मल्टीट्रैकिंग...

न्यूज़

  – देश-दुनिया के सबसे युवा मशहूर रेकी हीलर आयुष गुप्ता पहुंचे छात्रों के बीच – बोले, हमें खुद को समय देना है जरूरी… और इसमें मदद करता है मेडिटेशन इंदौर, 07 जून 2024। आज के समय में हर कोई तनाव से जूझ रहा है। युवाओं में भी पढ़ाई के साथ ही अन्य कई तरह के तनाव देखे जा रहे हैं। इससे बचने के लिए मेडिटेशन आज के जीवन की बहुत बड़ी आवश्यकता है। इसमें व्यक्ति अपने मन को चेतना की एक विशेष अवस्था में लाने का प्रयास करता है। अगर रोज चंद मिनट निकलकर मेडिटेशन किया जाए, तो तनाव से मुक्ति के साथ ही आप खुद को स्वस्थ महसूस करेंगे।   यह बात देश-दुनिया के सबसे कम उम्र के मशहूर रेकी हीलर, न्यूमेरोलॉजिस्ट और सबसे युवा टैरो कार्ड रीडर आयुष गुप्ता ने कही। वे शुक्रवार को एनआईएफडी ग्लोबल में मेडिटेशन का एक सेशन लेते हुए छात्रों से रूबरू रहे थे। उन्होंने छात्रों को मेडिटेशन और रेकी हीलिंग के फायदे बताए और साथ ही उन्हें मेडिटेशन करने के सही तरीके की जानकारी भी दी। इस दौरान कई छात्रों ने मेडिटेशन से जुड़े सवाल भी उनसे किए। सेशन में 100 से ज्यादा छात्र और फेकल्टी भी शामिल हुईं। आयुष ने बताया कि मेडिटेशन के लिए रोज खुद के लिए 7 मिनट काफी होंगे। लगातार 21 दिन खुद के लिए यह 7 मिनट निकालें और फिर आप अपने आप में एक बड़ा परिवर्तन महसूस करेंगे। उन्होंने मेडिटेशन के दौरान सही तरीके से बैठने और सही तरीके से सांस लेने के महत्व के बारे में भी जानकारी दी और कहा कि मेडिटेशन हमारे जीवन में एक बड़ा बदलाव ला सकता है। बशर्तें हम रेगुलर मेडिटेशन करें। इसे लगातार समय देने पर हम इसमें एकाग्र होना भी शुरू हो जाते हैं।   पिता से सीखा रेकी करना : आयुष ने सात-आठ साल की उम्र से पिता को ध्यान, साधना करते देखा था। इसके बाद पिता से ही मेडिटेशन करना सीखा। पिता ने ही रेकी के बारे में बताया। इसके बाद बकायदा रेकी सीखी। आयुष बताते हैं, मेरी मां को गले में कुछ तकलीफ हुई थी। उनका इलाज चल रहा था, लेकिन डॉक्टर विश्वास से नहीं कह पा रहे थे कि वह ठीक हो पाएंगी या नहीं। इसके बाद तीन से चार महीने मैंने उनकी हीलिंग की। उन्हें दोबारा चेकअप के लिए ले जाया गया, तो जांच के बाद उनके गले की समस्या बिल्कुल ठीक हो चुकी थी। इससे मेरा विश्वास बढ़ा और वहीं से एक नई यात्रा शुरू हुई। फिर टैरो कार्ड रीडिंग भी सीखी। आयुष बताते हैं कि वे पहले खुद पर ही चीजों को आजमाते हैं। जब विश्वास हो जाता है, तो उससे अन्य लोगों का उपचार या मदद करते हैं। कोरोना काल में कई की हीलिंग कर उपचार कर चुके है। आयुष के अनुसार, यह किसी भी समस्या का इलाज कर सकता है। स्वास्थ्य से लेकर करियर तक, पर्सनल लाइफ के मुद्दों को रेकी से ठीक किया जा सकता है।   आयुष गुप्ता के बारे में : आयुष मूल रूप से मध्यप्रदेश रहने वाले हैं और अब मुंबई में रह रहे है। आयुष देश के सबसे कम उम्र के रेकी हीलर हैं। इनके नाम सबसे युवा टैरो कार्ड रीडर का खिताब भी है। आयुष न्यूमेरोलॉजिस्ट भी है। अब तक 20 हजार से ज्यादा टैरो सेशन के साथ 700 से ज्यादा लोगों को रेकी के माध्यम से बड़ी परेशानियों से निकाल चुके हैं। रेमो डिसूजा, राकेश रोशन, शंकर महादेवन, रवि दूबे,बलराज सयाल, भारती सिंह जैसे अनेक सेलिब्रेटी इनके पास परामर्श के लिए आते रहते हैं। 17 वर्षीय आयुष को अमिताभ बच्चन के हाथों युवा रेकी हीलर का सम्मान भी मिला है। इसके अलावा कई सम्मान भी इनके खाते में दर्ज है।  ...