CM साय का आज कांकेर दौरा,अंतागढ़ में सुनेंगे मन की बात,रायपुर के कई कार्यक्रम में लेंगे हिस्सा
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Spread the love नई दिल्ली, 27 सितंबर ।...
Aaj ka Panchang 12 August 2026: हिंदू धर्म में पंचांग का काफी महत्व होता है. कोई शुभ काम, यात्रा, निवेश या पूजा-पाठ करने से पहले पंचांग जरूर देखा जाता है. पंचांग हिंदू काल-गणना पद्धति है जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित है.
12 अगस्त 2026 (बुधवार) को श्रावण माह की कृष्ण पक्ष की अमावस्या (हरियाली अमावस्या) तिथि, रात 11:06 बजे तक है. इसके बाद प्रतिपदा लग जाएगी. इस दिन भगवान शिव की आराधना करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है. इस दिन पितरों को तर्पण, दान-पुण्य और नदियों में स्नान का महत्व है.
बुधवार को सुबह 6:05 बजे सूर्योदय और शाम 6:58 बजे सूर्यास्त होगा. वहीं, सुबह 5:19 बजे चंद्रोदय और शाम 6:52 बजे चंद्रास्त होगा. पंचांग के अनुसार, 12 अगस्त 2026 को सूर्य अश्लेषा नक्षत्र में विराजमान रहेगा, जबकि चंद्रमा सुबह 7:59 बजे तक पुष्य नक्षत्र में रहेगा, इसके बाद अश्लेषा नक्षत्र में प्रवेश करेगा. बुधवार को हर्षण योग नहीं रहेगा, बल्कि दोपहर 3:24 बजे तक व्यतिपात योग रहेगा. इसके बाद वरीयान् योग लगेगा.
इस दिन अभिजित मुहूर्त दोपहर 11:59 बजे से 12:52 बजे तक रहेगा.. यह दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है. अमृत काल तड़के 4:36 से सुबह 06:05 बजे तक रहेगा.
भारतीय समयानुसार 12 अगस्त 2026 को वर्ष का दूसरा और आखिरी पूर्ण सूर्य ग्रहण रात 9:04 बजे शुरू होगा और 13 अगस्त की देर रात 1:28 बजे समाप्त होगा. इस सूर्य ग्रहण का चरम (पीक) काल रात 11:16 बजे रहेगा. यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां सूतक काल मान्य नहीं होगा. पूर्ण सूर्य ग्रहण ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्पेन, उत्तरी रूस और पुर्तगाल के हिस्सों में दिखेगा.
वहीं, राहुकाल दोपहर 12:31 बजे से 2:08 बजे और गुलिक काल सुबह 10:55 से दोपहर 12:31 बजे तक रहेगा. इसके अलावा यमगंड काल सुबह 7:42 से 9:18 बजे तक रहेगा. पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, इन समयों में नए कार्य शुरू करने से बचना चाहिए, क्योंकि इन्हें अशुभ समय माना जाता है.
बुधवार को इस दिन सूर्य कर्क राशि में स्थित रहेगा, जबकि चंद्रमा भी कर्क राशि में स्थित रहेगा. उत्तर दिशा में दिशाशूल रहेगा. ज्योतिष और वास्तु के मुताबिक, इस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए. यदि यात्रा करना अनिवार्य हो, तो कुछ विशेष ज्योतिषीय उपायों को अपनाकर प्रस्थान किया जा सकता है.
