Aaj ka Panchang 30 September 2026: अश्विन कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि आज, नोट करें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और पूरा पंचांग
Spread the loveAaj ka Panchang: हिंदू धर्म में...
Spread the loveAaj ka Panchang: हिंदू धर्म में...
Spread the loveAaj ka Rashifal 30 September 2026:...
Spread the loveनासिक से दर्शन करने आए दल...
रायपुर। छत्तीसगढ़ में आज पारंपरिक पर्व हरेली तिहार की धूम देखने को मिलेगी। राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तक अपने-अपने स्तर पर हरेली तिहार के कार्यक्रमों में शामिल होंगे। वहीं, बस्तर संभाग में आज 12 अगस्त से तीन दिवसीय ‘बस्तर तिरंगा यात्रा’ की शुरुआत होने जा रही है, जिसके जरिए पूर्व में नक्सल प्रभाव वाले इलाकों में राष्ट्रीय ध्वज के साथ देशभक्ति का संदेश दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री निवास में मनाया जाएगा हरेली तिहार
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज 12 अगस्त को राजधानी में ही रहेंगे और विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। मुख्यमंत्री निवास, नया रायपुर में सुबह से हरेली तिहार का आयोजन किया जाएगा। पारंपरिक छत्तीसगढ़ी रंग में सजे मुख्यमंत्री निवास में खेती-किसानी और लोक परंपराओं से जुड़े आयोजन आकर्षण का केंद्र रहेंगे।
मुख्यमंत्री साय सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक मुख्यमंत्री निवास में आयोजित हरेली तिहार कार्यक्रम में शामिल होंगे।
इसके बाद मुख्यमंत्री शाम 7 बजे से 8:30 बजे तक पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित ‘आजादी की धुन’ कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। इसके बाद रात करीब 8:45 बजे मुख्यमंत्री निवास लौटेंगे।
पूर्व CM भूपेश बघेल के निवास पर भी हरेली का आयोजन
हरेली तिहार के अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी रायपुर स्थित अपने निवास पर विशेष कार्यक्रम आयोजित करेंगे। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 11:30 बजे से होगी। इस दौरान हरेली पर्व की पारंपरिक संस्कृति और छत्तीसगढ़ी लोक परंपराओं की झलक देखने को मिलेगी।
बस्तर में आज से ‘तिरंगा यात्रा’, विजय शर्मा करेंगे नेतृत्व
इधर, बस्तर में तीन दिवसीय ‘बस्तर तिरंगा यात्रा’ की शुरुआत होगी। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा 12 से 14 अगस्त तक बस्तर के पूर्व नक्सल प्रभावित इलाकों में इस यात्रा का नेतृत्व करेंगे।
तिरंगा यात्रा नारायणपुर से शुरू होकर दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर होते हुए कर्रेगुट्टा पहाड़ी तक पहुंचेगी। यात्रा के जरिए बस्तर के उन इलाकों में राष्ट्रीय एकता, राष्ट्रभक्ति और लोकतांत्रिक विश्वास का संदेश देने का प्रयास किया जाएगा, जो लंबे समय तक नक्सल गतिविधियों के प्रभाव में रहे हैं।
एक ही दिन छत्तीसगढ़ में संस्कृति और राष्ट्रभक्ति का संगम
एक ओर जहां प्रदेशभर में हरेली तिहार के जरिए छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति और कृषि परंपराओं का उत्सव मनाया जाएगा, वहीं बस्तर में तिरंगा यात्रा के जरिए राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया जाएगा। ऐसे में आज का दिन प्रदेश में लोक संस्कृति, परंपरा और राष्ट्रभावना के संगम के रूप में खास रहने वाला है।
