संत गहिरा गुरु विवि को मिले 5 राज्य स्तरीय NSS पुरस्कार, सरगुजा संभाग ने लहराया सफलता का परचम
Spread the loveरायपुर। राष्ट्रीय सेवा योजना के क्षेत्र...
Spread the loveरायपुर। राष्ट्रीय सेवा योजना के क्षेत्र...
Spread the loveEntertainment News: कम बजट में बनी...
Spread the love00 375 अनुमेय कार्यों में से...
इंदौर। मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) के इंदौर स्थित 132 केवी चंबल सबस्टेशन में 33 केवी फीडरों की सभी परस्पर क्रॉसिंग समाप्त करते हुए उन्हें भूमिगत (अंडरग्राउंड) केबल प्रणाली में परिवर्तित कर दिया गया है। लगभग 60 वर्ष पुराने इस सबस्टेशन में लंबे समय से बनी हुई तकनीकी समस्या के समाधान से विद्युत आपूर्ति व्यवस्था की विश्वसनीयता, सुरक्षा और स्थिरता में उल्लेखनीय सुधार होगा।
132 केवी चंबल सबस्टेशन इंदौर का सबसे पुराना तथा मालवा क्षेत्र का दूसरा सबसे पुराना अति उच्चदाब (ईएचवी) सबस्टेशन है। पिछले छह दशकों में बढ़ती विद्युत मांग के अनुरूप यहां 33 केवी फीडरों की संख्या बढ़कर 16 हो गई थी। समय के साथ इन फीडरों की आपसी क्रॉसिंग संचालन ( आपरेशन) और संधारण (मेंटेनेंस) के लिए चुनौती बन गई थी
*क्रॉसिंग के कारण होती थी ट्रिपिंग और विद्युत व्यवधान-
फीडरों की क्रॉसिंग वाले स्थानों पर कभी-कभी कंडक्टर टूटने तथा अन्य तकनीकी समस्याओं के कारण ट्रिपिंग और विद्युत आपूर्ति में व्यवधान की स्थिति बन जाती थी। अब सभी 16 फीडरों को 33 केवी अंडरग्राउंड केबल प्रणाली से जोड़ दिए जाने के बाद ऐसी घटनाओं की संभावना लगभग समाप्त हो गई है। इससे सबस्टेशन की आपरेशनल सुरक्षा बढ़ाने के साथ मेंटेनेंस का कार्य भी सुगमता से किया जा सकेगा ।
पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने वहन किया खर्च-
इस परियोजना पर होने वाला व्यय मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (पश्चिम डिस्कॉम) द्वारा वहन किया गया। एमपी ट्रांसको और पश्चिम डिस्कॉम के समन्वित प्रयासों से यह कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरा किया गया। पश्चिम डिस्कॉम इंदौर के प्रबंध निदेशक श्री अनुप कुमार सिंह तथा कार्यपालक निदेशक (प्रोजेक्ट्स एंड वर्क्स) श्री एस.एल. करवाड़िया के विशेष प्रयासों से परियोजना को सफलतापूर्वक पूर्ण किया गया।
इंदौर के प्रमुख क्षेत्रों को मिलेगा लाभ-
परियोजना के अंतर्गत सभी 16 फीडरों के लिए आधुनिक डक्ट सिस्टम का निर्माण कर उन्हें भूमिगत केबलों के माध्यम से संबंधित ग्रिडों से जोड़ा गया है। इस व्यवस्था से इंदौर के अनेक महत्वपूर्ण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय होगी।
इन क्षेत्रों में एम.जी. रोड, सरवटे, रेलवे स्टेशन, उज्जैन रोड, किला मैदान, एयरपोर्ट रोड, जवाहर मार्ग, राज मोहल्ला, भागीरथपुरा, सांवेर रोड तथा आसपास के औद्योगिक क्षेत्र प्रमुख हैं। विशेष रूप से औद्योगिक उपभोक्ताओं को निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति का लाभ मिलेगा।
