बोल नहीं सकती तो क्या हुआ, लिखकर भी रख सकती हैं अपना पक्ष; छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट की अहम टिप्पणी
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रायपुर: छत्तीसगढ़ में सरकारी विभागों के बिजली भुगतान नियमों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राज्य विद्युत वितरण कंपनी ने सरकारी बिजली कनेक्शनों को प्रीपेड सिस्टम से जोड़ने की तैयारी पूरी कर ली है। नई व्यवस्था के तहत विभागों को बिजली उपयोग से पहले तीन महीने का अनुमानित बिल अग्रिम जमा करना होगा। राज्य के करीब 1.5 लाख सरकारी कनेक्शन इस व्यवस्था के दायरे में आएंगे। सरकार का मानना है कि इससे बिजली बिल के बढ़ते बकाया पर नियंत्रण होगा और भुगतान प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बन सकेगी। राज्यभर के करीब 1.5 लाख सरकारी बिजली कनेक्शन इस नई व्यवस्था के दायरे में आएंगे। इसके लिए विभागवार समूह बनाए गए हैं और प्रत्येक विभाग को एक अलग पहचान कोड जारी किया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि 1 अगस्त से सभी सरकारी कार्यालयों में प्रीपेड बिजली प्रणाली लागू हो जाए।
ऊर्जा विभाग ने सभी सरकारी कार्यालयों को निर्देश दिए हैं कि वे तीन महीने के अनुमानित बिजली बिल के बराबर राशि अग्रिम रूप से जमा करें। अग्रिम भुगतान के बाद संबंधित कार्यालयों के बिजली कनेक्शन प्रीपेड मोड में सक्रिय कर दिए जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार, इससे बिजली भुगतान में पारदर्शिता आएगी और बकाया राशि बढ़ने की समस्या पर भी नियंत्रण किया जा सकेगा।
नई व्यवस्था को लागू करने के लिए अधिकांश सरकारी कार्यालयों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। स्मार्ट मीटर के माध्यम से बिजली खपत की जानकारी रियल टाइम में उपलब्ध होगी और भुगतान की प्रक्रिया भी डिजिटल रूप से संचालित की जाएगी। इस तकनीक के जरिए विभाग अपनी बिजली खपत पर नजर रख सकेंगे और आवश्यकतानुसार खर्च का प्रबंधन कर पाएंगे।
