बदलते वक्त के साथ जब देश ‘डिजिटल इंडिया’ के विजन को धरातल पर उतार रहा है, तब छत्तीसगढ़ भी तकनीकी क्रांति के जरिए प्रशासनिक सुधार की एक नई इबारत लिख रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने सुशासन और पारदर्शी गवर्नेंस को मजबूत करने के लिए ‘सेवा सेतु’ पोर्टल के रूप में एक प्रभावी और जन-हितैषी माध्यम विकसित किया है। यह पोर्टल आज छत्तीसगढ़ के नागरिकों के लिए घर बैठे सरकारी सेवाओं का लाभ उठाने का सबसे बड़ा और विश्वसनीय जरिया बन चुका है।
ई-डिस्ट्रिक्ट से ‘सेवा सेतु’ तक का ऐतिहासिक सफर
एक समय था जब राज्य में नागरिकों को ऑनलाइन सेवाओं के लिए ‘ई-डिस्ट्रिक्ट’ पोर्टल पर निर्भर रहना पड़ता था, जहां महज 86 शासकीय सेवाएं ही उपलब्ध थीं। ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों के लोगों को छोटे-छोटे प्रमाण पत्रों के लिए भी जिला या ब्लॉक मुख्यालयों के चक्कर काटने पड़ते थे।
नागरिकों की इसी परेशानी को दूर करने और समय की मांग को देखते हुए साय सरकार ने इस व्यवस्था का व्यापक विस्तार किया। ‘ई-डिस्ट्रिक्ट’ का यह उन्नत और एकीकृत रूप अब ‘सेवा सेतु’ बन चुका है, जिसके तहत 36 विभागों की 520 से अधिक शासकीय सेवाएं एक ही छत के नीचे (सिंगल विंडो डिजिटल प्लेटफॉर्म) ऑनलाइन कर दी गई हैं।
एक क्लिक पर 520 सेवाएं: समय, श्रम और धन की बड़ी बचत
अब नागरिकों को अलग-अलग विभागों के दफ्तरों की परिक्रमा करने की कोई आवश्यकता नहीं है। आवेदन करने से लेकर डिजिटल हस्ताक्षर युक्त प्रमाण पत्र प्राप्त करने और अपने आवेदन को ट्रैक करने तक की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध हो चुकी है। नागरिक अपने मोबाइल, लैपटॉप या नजदीकी ग्राहक सेवा केंद्र से एक क्लिक में इन सेवाओं का लाभ ले रहे हैं।
पोर्टल पर उपलब्ध 520 प्रमुख नागरिक सेवाओं का श्रेणीवार वर्गीकरण इस प्रकार है:
सेवा की श्रेणीउपलब्ध कुल सेवाएं
व्यवसाय, उद्योग एवं वाणिज्यिक सेवाएं106
लाइसेंस, परमिट एवं विनियामक (Regulatory) सेवाएं85
सामाजिक कल्याण, पेंशन एवं वित्तीय सहायता65
शिक्षा, छात्रवृत्ति एवं शैक्षणिक सेवाएं58
भूमि, संपत्ति एवं राजस्व (Revenue) मामले37
व्यक्तिगत पहचान एवं प्रमाण पत्र सेवाएं35
शासकीय अनुमोदन, NOC एवं स्वीकृतियां31
जन शिकायत, सुरक्षा एवं विधिक (Legal) सेवाएं25
रोजगार, कौशल विकास एवं श्रम सेवाएं19
केंद्र सरकार से जुड़ी आवश्यक सेवाएं19
डिजिटल भुगतान, कर एवं वित्तीय लेनदेन18
कृषि, ग्रामीण विकास एवं आजीविका सेवाएं15
स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सेवाएं07
प्रमुख लोकप्रिय सेवाएं: आम नागरिकों द्वारा सबसे ज्यादा उपयोग की जाने वाली सेवाएं जैसे— जाति, आय, निवास और विवाह प्रमाण पत्र, राशन कार्ड में सुधार व नए नाम जोड़ना, वृद्धावस्था व सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाएं, नाम परिवर्तन (गजट) और व्यापारिक लाइसेंस (Trade License) जैसी सेवाएं अब पूरी तरह पेपरलेस और बाधारहित हो चुकी हैं।
अंतिम व्यक्ति तक पहुंच: ग्राम पंचायत स्तर पर सशक्त ढांचा
‘सेवा सेतु’ की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसे सिर्फ शहरी या तकनीकी रूप से सक्षम आबादी तक सीमित नहीं रखा गया है। छत्तीसगढ़ के वनांचल और ग्रामीण क्षेत्रों के अंतिम व्यक्ति तक इस डिजिटल गवर्नेंस का लाभ पहुंचाने के लिए राज्य सरकार ने जमीनी स्तर पर मजबूत जाल बिछाया है।
प्रदेश भर में 16,700 से अधिक सेवा केंद्र (चॉइस सेंटर/सीएससी) संचालित किए जा रहे हैं। ग्रामीण जनता को कोई दिक्कत न हो, इसके लिए पंचायत सचिवों, केंद्र संचालकों (VLEs) और संबंधित विभागीय कर्मचारियों को चरणबद्ध तरीके से तकनीकी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसका सीधा उद्देश्य ग्राम पंचायत स्तर को ही डिजिटल हब बनाना है ताकि ग्रामीणों को अपने हक की सेवाओं के लिए शहर न भागना पड़े।
आंकड़ों की जुबानी: सेवा सेतु की अचूक सफलता
पोर्टल के लॉन्च होने के बाद से अब तक के आंकड़े छत्तीसगढ़ में आ रहे इस मूक डिजिटल बदलाव की गवाही देते हैं:
एकीकृत मंच: 36 प्रमुख विभागों की संपूर्ण नागरिक केंद्रित सेवाएं एक साथ लाइव।
विशाल यूजर बेस: अब तक 39 लाख से अधिक आवेदन पोर्टल पर दर्ज किए जा चुके हैं।
त्वरित निराकरण: प्राप्त आवेदनों में से 95.9 प्रतिशत का सफल और संतोषजनक निपटारा किया जा चुका है, जो प्रशासनिक सक्रियता का प्रमाण है।
सशक्त नेटवर्क: ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों को मिलाकर 16,700 से अधिक सक्रिय डिजिटल सेवा केंद्र
सुशासन का रोल मॉडल
“जनता के द्वार, डिजिटल सरकार” का यह संकल्प छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार और बिचौलियों की संस्कृति पर सीधी चोट कर रहा है। फाइलों के पेंडिंग रहने के दौर को पीछे छोड़ते हुए अब जवाबदेही तय की जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की इस पहल ने न केवल शासन और जनता के बीच की दूरी को पाटा है, बल्कि छत्तीसगढ़ को देश के डिजिटल मैप पर एक अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित कर दिया है। सेवा सेतु वास्तव में राज्य में ‘न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन’ (Minimum Government, Maximum Governance) का रोल मॉडल बनकर उभरा है।
(लेखक माधव एक्सप्रेस मीडिया ग्रुप में प्रधान संपादक के पट पर कार्यरत हैं)