झीरम घाटी हत्याकांड के दोषियों को मृत्युदंड न्याय की जीत : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय*
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Spread the loveइंदौर / सेलम, 16 सितंबर 2026...
नई दिल्ली,। मोदी सरकार ने तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) की आपूर्ति पर लगाए गए आपातकालीन प्रतिबंधों को हटाया है। यह फैसला देश के लिए बड़ी राहत है, क्योंकि मध्य पूर्व से भारत में आने वाली एलएनजी की आपूर्ति अब पहले की तरह सामान्य हुई है। कुछ महीने पहले होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़े तनाव के कारण गैस की आवाजाही प्रभावित हुई थी, जिसके बाद केंद्र सरकार को विशेष इंतजाम करने पड़े थे। अब हालात सुधरने और जहाजों की आवाजाही सामान्य होने के बाद इन पाबंदियों की जरूरत नहीं है। दरअसल, मार्च महीने में मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले एलएनजी जहाजों की आवाजाही में बाधा आने की आशंका बढ़ी थी। तब भारत में गैस आपूर्ति पर संभावित असर को देखकर केंद्र सरकार ने आपातकालीन नियम लागू किए थे, इसका उद्देश्य आवश्यक क्षेत्रों को गैस की प्राथमिकता से आपूर्ति सुनिश्चित करना था। वैश्विक ऊर्जा व्यापार के लिए महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित और सामान्य आवाजाही फिर स्थापित होने से भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हुई है। इन प्रतिबंधों के हटने से उन सभी क्षेत्रों को बड़ी राहत मिलेगी जो प्राकृतिक गैस पर निर्भर हैं। इसमें सीएनजी (संपीड़ित प्राकृतिक गैस) और पीएनजी (पाइप वाली प्राकृतिक गैस) उपभोक्ता, उर्वरक इकाइयां, रिफाइनरियां, सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क और विभिन्न औद्योगिक इकाइयां शामिल हैं। इन सभी क्षेत्रों को अब पहले की तरह निर्बाध गैस आपूर्ति मिल सकेगी, जिससे उत्पादन और परिचालन संबंधी चिंताएं कम होंगी। यह फैसला भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए भी सकारात्मक संकेत है, क्योंकि ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित होने से औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। हालांकि, केंद्र सरकार ने फिलहाल रसोई गैस (एलपीजी) सिलेंडर की कीमतों में किसी तत्काल बदलाव का ऐलान नहीं किया है। लेकिन, एलएनजी की आपूर्ति सामान्य होने से आगे चलकर पूरी सप्लाई चेन पर दबाव कम हो सकता है। यह स्थिति घरेलू और व्यावसायिक गैस के दामों पर सकारात्मक असर डाल सकती है, हालांकि कीमतों में बदलाव का अंतिम फैसला तेल कंपनियों और सरकार द्वारा अलग से लिया जाता है।
