इंदौर । मध्यप्रदेश शासन के सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, इंदौर संभाग एवं उम्मीद नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र, इंदौर के संयुक्त तत्वावधान में “विकसित भारत की पहचान – नशा मुक्त भारत अभियान” के अंतर्गत माता जीजाबाई शासकीय स्नातकोत्तर कन्या महाविद्यालय, मोती तबेला, इंदौर में एक दिवसीय नशा जागरूकता कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्राओं, प्राध्यापकों एवं गणमान्य नागरिकों ने सहभागिता कर नशामुक्त भारत के निर्माण का संकल्प लिया।
महाविद्यालय की प्रभारी प्राचार्य डॉ. अरुणा कुसुमाकर ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान प्राप्त करना नहीं, बल्कि सही जीवन मूल्यों को अपनाना भी है। उन्होंने युवाओं से नशे जैसी सामाजिक बुराई से दूर रहकर स्वस्थ एवं जिम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. विजय रघुवंशी (मनोचिकित्सक) ने नशे के मनोवैज्ञानिक एवं चिकित्सकीय पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि नशा केवल एक बुरी आदत नहीं, बल्कि मस्तिष्क को प्रभावित करने वाली एक गंभीर बीमारी है, जिसका समय पर उपचार एवं परामर्श द्वारा सफलतापूर्वक इलाज संभव है। उन्होंने छात्राओं को मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन तथा नशे के शुरुआती संकेतों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी।
रजत नागदा (स्टेट लेवल मास्टर ट्रेनर) ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में कहा कि युवाओं को सही दिशा, सकारात्मक सोच एवं जीवन कौशल विकसित करने की आवश्यकता है। उन्होंने छात्राओं से आग्रह किया कि वे स्वयं जागरूक बनें और अपने परिवार तथा समाज को भी नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें।
पवन चौहान (संयुक्त संचालक, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग) ने कहा कि नशा मुक्त भारत अभियान केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज को स्वस्थ एवं सुरक्षित बनाने का जनआंदोलन है। उन्होंने सभी नागरिकों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।
उम्मीद नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र के प्रतिनिधि महेंद्र शेखावत ने कहा कि नशे की लत से जूझ रहे व्यक्ति को अपराधी नहीं, बल्कि उपचार एवं सहयोग की आवश्यकता होती है। उन्होंने समाज से अपील की कि नशाग्रस्त व्यक्तियों के प्रति संवेदनशीलता एवं सहयोग का भाव रखें, जिससे वे सम्मानपूर्वक उपचार लेकर सामान्य जीवन की ओर लौट सकें।
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण “निलांजन नुक्कड़ वाले ग्रुप” द्वारा प्रस्तुत प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक रहा, जिसने नशे के दुष्परिणामों, पारिवारिक विघटन तथा समाज पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को अत्यंत भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया। नाटक ने उपस्थित छात्राओं को गहराई से प्रभावित किया और सभी ने नशे से दूर रहने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का सफल संचालन दीपेंद्र शेखावत ने प्रभावशाली एवं सहज शैली में किया। उन्होंने विभिन्न वक्ताओं के विचारों को जोड़ते हुए कार्यक्रम को रोचक एवं प्रेरणादायक बनाए रखा।
कार्यक्रम के समापन पर सभी छात्राओं एवं उपस्थितजनों ने “नशा छोड़ें, जीवन जोड़ें” तथा “नशा मुक्त युवा – विकसित भारत की पहचान” के संदेश के साथ नशामुक्त समाज के निर्माण का सामूहिक संकल्प लिया। प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए तथा सभी के लिए भोजन की व्यवस्था भी की गई।