देश में 22 लाख करोड़ रुपये के पेट्रोल-डीजल और गैस आयात को कम करना हमारा मिशनः नितिन गडकरी
Spread the love– केंद्रीय मंत्री गडकरी और मुख्यमंत्री...
Spread the love– केंद्रीय मंत्री गडकरी और मुख्यमंत्री...
Spread the love भोपाल, 25 सितंबर । मध्य...
Spread the love सरकारी भर्तियों के साथ MSME...
इंदौर, 22 जून। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा मंडी शुल्क को 1 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.50 प्रतिशत किए जाने के निर्णय के विरोध में प्रदेशभर की दाल मिलें 23 जून 2026 (मंगलवार) को एक दिवसीय बंद रखेंगी। इस दौरान सभी दाल मिलों में आवक-जावक, लोडिंग एवं अनलोडिंग का कार्य पूरी तरह बंद रहेगा।
इस संबंध में इंदौर के दाल मिलर्स की बैठक शनिवार को आयोजित की गई, जिसमें प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई। बैठक में वरिष्ठ उद्योगपति मुन्नालाल बंसल, उत्तमराज कटारिया, अनिल गुप्ता, दिनेश अग्रवाल, अशोक गोयल, संतोष बंसल, गोपालदास बंसल, राहुल गुप्ता, विजय लाहोटी, अशोक मित्तल और आनंदराज जैन सहित बड़ी संख्या में दाल मिलर्स उपस्थित रहे।
ऑल इंडिया दाल मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल ने बताया कि मंडी शुल्क में 0.50 प्रतिशत की वृद्धि से दाल उद्योग, किसानों और व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में पहले से ही कई राज्यों की तुलना में मंडी शुल्क अधिक है, जबकि महाराष्ट्र, गुजरात और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में शुल्क दरें लंबे समय से कम और स्थिर हैं।
एसोसिएशन का कहना है कि अन्य राज्यों से आने वाली कृषि उपज पर पहले से शुल्क चुकाने के बाद भी मध्यप्रदेश में दोबारा मंडी शुल्क लिया जाता है, जिससे उद्योगों पर दोहरा भार पड़ता है। उन्होंने आशंका जताई कि शुल्क वृद्धि के कारण दाल उद्योग धीरे-धीरे दूसरे राज्यों की ओर पलायन कर सकता है।
दाल उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों ने राज्य सरकार से मंडी शुल्क वृद्धि का निर्णय वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि इससे कृषि आधारित उद्योगों, व्यापारियों और किसानों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
