भारतीय सिनेमा की सबसे पसंदीदा और एवरग्रीन फिल्मों में से एक, ‘लगान’ सच में हम सबके दिलों में एक बहुत ही खास जगह रखती है। आमिर खान प्रोडक्शंस के बैनर तले बनी इस फिल्म में एक दमदार कहानी, बेहतरीन कलाकारों की फौज और कभी न भूलने वाला म्यूजिक है। इस फिल्म की हर एक बात ने सालों से दर्शकों पर एक गहरी छाप छोड़ी है। यह फिल्म अपने आप में एक मिसाल तो है ही, साथ ही इसकी 25वीं सालगिरह मनाने के लिए इसे 12, 13 और 14 जून को सिनेमाघरों में फिर से रिलीज किया गया था। अब, लोगों की भारी डिमांड को देखते हुए, मेकर्स ने इसे 18 जून तक थिएटर्स में रखने का फैसला किया है।
सोशल मीडिया पर इस बात की जानकारी देते हुए, ‘लगान’ के मेकर्स ने इसकी री-रिलीज़ को 18 जून तक बढ़ाने का अनाउंसमेंट किया है और दर्शकों को उनके इस असीम प्यार और सपोर्ट के लिए थैंक यू कहा है। फिल्म का पोस्टर शेयर करते हुए उन्होंने लिखा: —
“भारी डिमांड को देखते हुए, लगान की थिएट्रिकल स्क्रीनिग्स को 18 जून तक बढ़ा दिया गया है
इस असीम प्यार के लिए आप सभी का बहुत-बहुत थैंक यू❤️”
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साल 2001 में रिलीज हुई ‘लगान: वन्स अपॉन अ टाइम इन इंडिया’ का डायरेक्शन आशुतोष गोवारिकर ने किया था। आमिर खान के लीड रोल वाली इस फिल्म में कलाकारों की एक बड़ी फौज थी, जिसमें ग्रेसी सिंह, ब्रिटिश एक्टर्स रेचेल शेली और पॉल ब्लैकथॉर्न, सुहासिनी मुले, कुलभूषण खरबंदा, राजेंद्र गुप्ता, रघुवीर यादव, राजेश विवेक, श्रीवल्लभ व्यास, राज जुत्शी, प्रदीप रावत, अखिलेन्द्र मिश्रा, दया शंकर पांडे, यशपाल शर्मा, अमीन हाजी, आदित्य लाखिया, जावेद खान, ए. के. हंगल और कई अन्य कलाकार शामिल थे। फिल्म का म्यूजिक ए. आर. रहमान ने तैयार किया था, जिसमें ‘घनन घनन’, ‘मितवा’, ‘राधा कैसे ना जले’, ‘ओ रे छोरी’ जैसे कभी न भूलने वाले आइकॉनिक गाने शामिल हैं।
ब्रिटिश हुकूमत के दौर में साल 1893 की पृष्ठभूमि पर बनी यह कहानी मध्य भारत के एक गांव के लोगों के इर्द-गिर्द घूमती है। सूखे और भारी टैक्स (लगान) की मार झेल रहे इन ग्रामीणों को एक घमंडी ब्रिटिश आर्मी ऑफिसर क्रिकेट के खेल की चुनौती देता है। शर्त यह होती है कि अगर ग्रामीण मैच जीत गए तो उनका टैक्स माफ कर दिया जाएगा। अब ग्रामीणों के सामने एक ऐसे खेल को सीखने और उसमें जीत हासिल करने की बेहद कठिन चुनौती होती है, जिससे वे पूरी तरह अनजान थे।
‘लगान’ को कई इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल्स में दिखाया गया और इसने ढेरों अवॉर्ड्स अपने नाम किए। यह अकेली ऐसी तीसरी भारतीय फिल्म थी जिसे ऑस्कर (Academy Award for Best Foreign Language Film) में नॉमिनेशन मिला था। इसके अलावा, 49वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में इस फिल्म ने ‘बेस्ट पॉपुलर फिल्म’ समेत आठ नेशनल अवॉर्ड्स अपने नाम किए थे।
