इंदौर। धर्म, भक्ति और संस्कृति के संगम स्वरूप संगीतमय सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का सोमवार को भव्य शुभारंभ हुआ। कथा के प्रथम दिवस बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, युवाओं एवं मातृशक्ति की सहभागिता के साथ भव्य कलश यात्रा निकाली गई। धार्मिक उल्लास और भक्तिमय वातावरण के बीच निकली इस यात्रा ने पूरे क्षेत्र को भक्तिरस से सराबोर कर दिया।
आयोजनकर्ता एवं भारतीय जनता युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष लियुष यादव ने बताया कि प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। यह धार्मिक आयोजन पिछले 25 वर्षों से लगातार आयोजित होता आ रहा है। इस वर्ष कथा का आयोजन 9 जून से 15 जून 2026 तक किया जा रहा है।
कलश यात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब
कथा के शुभारंभ अवसर पर प्रातः 11 बजे भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं सिर पर कलश धारण कर शामिल हुईं। युवाओं एवं श्रद्धालुओं ने धर्म ध्वज और भक्ति गीतों के साथ यात्रा में सहभागिता कर आयोजन को भव्य स्वरूप प्रदान किया।
सुप्रसिद्ध कथा वाचक करेंगे कथा रसपान
सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का वाचन सुप्रसिद्ध कथा वाचक पंडित लोकेश कृष्ण शास्त्री जी के मुखारविंद से किया जा रहा है। कथा प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से आयोजित होगी, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण, श्रीराम एवं अन्य दिव्य प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया जाएगा।
मुख्य यजमान प्रेम किशोर राठौड़
आयोजन समिति के अनुसार कथा के मुख्य यजमान श्री प्रेम किशोर राठौड़ हैं। कथा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए विशेष धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा।
पूर्णाहुति के साथ होगा विशाल भंडारा
15 जून को कथा की पूर्णाहुति के साथ विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। आयोजन समिति द्वारा हजारों श्रद्धालुओं के प्रसाद ग्रहण करने की व्यवस्था की जा रही है।
धर्म और संस्कृति का महोत्सव
आयोजकों ने बताया कि श्रीमद् भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, संस्कार और भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार का भी माध्यम है। कथा को लेकर क्षेत्र में उत्साह का वातावरण है तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के प्रतिदिन पहुंचने की संभावना है।
आयोजन समिति ने सभी धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से कथा श्रवण कर धर्म लाभ प्राप्त करने की अपील की है।
